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    Diwali 2020: इन खास टिप्स की मदद से मनाएं ईको-फ्रेंडली दिवाली, जगमगाएगा जीवन

    बाजार में कई तरह की ऑर्गेनिक चीजें मौजूद हैं जिन्हें खरीदकर आप गिफ्ट देने के अलावा ऑर्गेनिक चीजों का प्रचार प्रसार भी कर सकते हैं.
    बाजार में कई तरह की ऑर्गेनिक चीजें मौजूद हैं जिन्हें खरीदकर आप गिफ्ट देने के अलावा ऑर्गेनिक चीजों का प्रचार प्रसार भी कर सकते हैं.

    दिवाली (Diwali 2020) के दौरान हम अपने दोस्तों या परिवार के सदस्यों को गिफ्ट देते हैं और इस बार आप ऑर्गेनिक गिफ्ट (Organic Gift) दे सकते हैं. बाजार में कई तरह की ऑर्गेनिक चीजें मौजूद हैं जिन्हें खरीदकर आप गिफ्ट देने के अलावा ऑर्गेनिक चीजों का प्रचार प्रसार भी कर सकते हैं.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 5, 2020, 8:27 AM IST
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    दिवाली या दीपावली (Diwali 2020) हर भारतीय घर में एक बहुप्रतीक्षित त्योहार है. इस दिन चारों तरफ रोशनी फैलाने के लिए दीये जलाए जाते हैं, मिठाइयां बनाई जाती हैं और एक दूसरे को बांटी जाती हैं. इसके अलावा गिफ्ट्स का आदान-प्रदान किया जाता है. साथ ही अच्छे समय और रिश्तों को भी पोषित किया जाता है. इस बार दिवाली का ये पर्व 14 नवंबर को मनाया जाएगा. हाल के दिनों में यह भी देखा गया है कि हम खरीददारी में अधिक खर्च करते हैं, पर्यावरण में प्रदूषक तत्वों की मौजूदगी पहले से ही है और हम उसे और बढ़ाते हैं. इसके अलावा भी कई तरह की चीजें देखने को मिलती है. यहां कुछ तरीके बताए गए हैं जिनसे ईको-फ्रेंडली दिवाली (Eco-Friendly Diwali) मनाई जा सकती है.

    मोमबत्ती की जगह तेल के दीपक और LED लाईट
    दीयों को पृथ्वी के अनुकूल सामग्री माना गया है और कई प्रयोजनों के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता है. दूसरी तरफ मोमबत्तियों में पेट्रोलियम पदार्थ होते हैं जिससे हवा को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है. इनके जलने से विषाक्त पदार्थ निकलते हैं जो पर्यावरण और मानव दोनों के लिए घातक हैं. इसके अलावा बिजली से रोशनी के लिए LED लाईट का इस्तेमाल किया जा सकता है क्योंकि ये बिजली की खपत कम से कम करते हैं.

    इसे भी पढ़ेंः Diwali 2020: जानें कब मनाई जाएगी दिवाली, क्या है दीपावली का महत्व और शुभ मुहूर्त
    प्राकृतिक रंगोली बनाएं


    पहले के समय रंगोली को पक्षियों और कीड़े-मकौडों के साथ साझा करने का तरीका माना जाता था. दक्षिण भारतीय गांवों में चावल, सूखे चावल के आटे से रंगोली बनाई जाती थे. इससे पक्षियों और चींटियों के लिए यह खाने का साधन बन जाता था. रासायनिक मिले हुए रंगों के बजाय रंगोली में प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए. इसमें हल्दी, कॉफी पाउडर और कुमकुम का इस्तेमाल करते हुए पीला, भूरा और लाल रंग भरा जा सकता है. आप गुलदाउदी, गुलाब, कमल जौसे फूलों की पत्तियों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. न केवल यह पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि आप इसे अगले दिन भी साफ कर सकते हैं.

    ईको-फ्रेंडली पेंट से सजाएं घर
    सामान्य पेंट की बजाय ईको-फ्रेंडली पेंट में हानिकारण VOC नहीं होते हैं. दीवारों को डेकोरेट करने के लिए पुराने अखबारों को पेंट कर लगा सकते हैं. साड़ी या दुप्पट्टे का इस्तेमाल कर स्ट्रीमर बनाए जा सकते हैं. दिवाली के दौरान घर पर क्राफ्ट सामग्र जैसे टिश्यू पेपर, चावल या सैंडविच के पेपर का इस्तेमाल कर पेपर लालटेन बना सकते हैं.

    ऑर्गेनिक चीजों को बढ़ाएं
    दिवाली के दौरान हम अपने दोस्तों या परिवार के सदस्यों को गिफ्ट देते हैं और इस बार आप ऑर्गेनिक गिफ्ट दे सकते हैं. बाजार में कई तरह की ऑर्गेनिक चीजें मौजूद हैं जिन्हें खरीदकर आप गिफ्ट देने के अलावा ऑर्गेनिक चीजों का प्रचार प्रसार भी कर सकते हैं. ईको-फ्रेंडली दिवाली के लिए आप छोटे पौधे भी उपहार में दे सकते हैं.

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    पटाखों को कहें No
    वातावरण में प्रदूषण की मात्रा बढ़ाने वाले पटाखों के बजाय उन पटाखों को चलाएं जिनसे पर्यावरण को नुकसान न हो. बाजार में आजकल पर्यावरण के अनुकूल पटाखे भी आते हैं. रंगीन कागज के टुकड़ों के साथ गुब्बारों को भरें और रात में छत पर जाकर इन्हें फोड़ सकते हैं. वातावरण को दूषित करने वाले पटाखों से बचें.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें).
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