Home /News /lifestyle /

Diwali 2021: दिवाली की रात लक्ष्मी के साथ विष्णु की पूजा क्यों नहीं की जाती, जानें इसके पीछे की कहानी

Diwali 2021: दिवाली की रात लक्ष्मी के साथ विष्णु की पूजा क्यों नहीं की जाती, जानें इसके पीछे की कहानी

भगवान विष्णु कार्तिक पूर्णिमा के दिन योगनिद्रा से जागते हैं.

भगवान विष्णु कार्तिक पूर्णिमा के दिन योगनिद्रा से जागते हैं.

Diwali 2021 Puja : दिवाली (Diwali) के दिन घर में मां लक्ष्‍मी (Maa Lakshmi) के साथ भगवान विष्‍णु (Vishnu) की बजाए भगवान गणेश की पूजा की जाती है. इस दिन गणपति बुद्धि प्रदाता के रूप में देवी लक्ष्‍मी के समीप विराजमान होते हैं और धन के सही उपयोग की बुद्धि देते हैं. मान्‍यता है कि दिवाली के दिन अगर गणपति की पूजा ना की जाए तो धन घर में टिकता नहीं और संपत्ति आकर भी हाथ से निकल जाती है. लेकिन जब बात श्री विष्‍णु की आती है तो मन में यह विचार आना स्‍वाभाविक है कि आखिर इस दिन भगवान विष्‍णु की पूजा क्‍यों नहीं की जाती. आइए जानते हैं इसके पीछे की कहानी.

अधिक पढ़ें ...

    Diwali 2021 Puja : हिंदू धर्म में दिवाली (Diwali) के त्योहार का विशेष महत्व होता है. हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल दिवाली, कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को मनाई जाती है. इस साल कार्तिक अमावस्या 04 नवंबर (गुरुवार) को है. दिवाली पर मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) और भगवान गणेश, धन के देवता कुबेर, माता काली और मां सरस्वती की भी पूजा (Puja) की जाती है. लेकिन दिवाली के दिन मां लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पूजा नहीं की जाती. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन सभी देवताओं की पूजा के दौरान भगवान विष्णु की पूजा आखिर क्‍यों नहीं की जाती है? तो आइए हम आपको बताते हैं कि आखिर दिवाली की रात भगवान विष्णु के बगैर लक्ष्‍मी पूजा क्यों की जाती है.

    इसे भी पढ़ें : Diwali 2021: इस दिन मनाई जाएगी दिवाली, जानें मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का पूजन मुहूर्त और पूजा विधि

    इसलिए नहीं पूजे जाते दिवाली के दिन भगवान विष्णु
    दरअसल दिवाली के दिन मां लक्ष्मी के साथ कई देवी-देवताओं की पूजा की जाती है लेकिन उस रात भगवान श्री हरि को पूजने की परिपाटी नहीं है. इसका एक विशेष कारण है. आपको याद दिला दें कि दिवाली का त्‍योहार चातुर्मास के बीच पड़ता है. इन दिनों मान्‍यता है कि भगवान विष्णु योगनिद्रा में लीन रहते हैं. ऐसे में किसी भी धार्मिक कार्य के दौरान उनकी अनुपस्थिति स्वभाविक है और यही एक वजह है जिसके कारण दिवाली के दिनों मां लक्ष्मी भगवान विष्‍णु के बिना ही धरती लोग पर पधारती हैं और घर घर में अन्‍य देवताओं के साथ पूजी जाती हैं.

    इसे भी पढ़ेंः Eco Friendly Diwali 2021: इस बार मनाएं ईको-फ्रेंडली दिवाली, इन 4 टिप्‍स को करें फॉलो

    देव दीपावली के दिन पधारते हैं श्रीहरि
    मान्‍यता है कि दिवाली के बाद भगवान विष्णु कार्तिक पूर्णिमा के दिन योगनिद्रा से जागते हैं. दरअसल, भगवान विष्‍णु चातुर्मास के दौरान निद्रालीन रहते हैं और दिवाली के बाद देवउठनी एकादशी पर ही जागते हैं. चूंकि दिवाली चातुर्मास के दौरान पड़ती है लिहाजा उनकी निद्रा भंग न हो इसलिए दिवाली के दिन उनका आह्वान-पूजा नहीं की जाती है. कार्तिक पूर्णिमा के दिन जब भगवान विष्‍णु नींद से जागते हैं उस दिन देव दीपावली मनाई जाती है. इस दिन मंदिरों में खूब सजावट की जाती है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

    Tags: Diwali, Diwali 2021, Diwali Celebration, Lifestyle

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर