बुखार आने पर दिल के मरीजों को न दें एस्प्रिन, हो सकती है खतरनाक साबित

अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियॉलॉजी व अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन स्ट्रोक के कम खतरे वाले मरीजों को एस्प्रिन देने से मना किया है.

News18Hindi
Updated: March 15, 2019, 4:26 PM IST
बुखार आने पर दिल के मरीजों को न दें एस्प्रिन, हो सकती है खतरनाक साबित
न दें हार्ट के मरीज को एस्प्रिन, हो सकती हैं उसके लिए नुकसानदायक
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Updated: March 15, 2019, 4:26 PM IST
हल्की-फुल्की तबियत बिगड़ने जैसे सर्दी-बुखार में ज्यादातर लोग एस्प्रिन लेते हैं. पर साथ ही दूसरी तरफ लोग ये भी कहते हैं कि एस्प्रिन लेना ठीक नहीं. अब ये बात साबित भी हो चुकी है. अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियॉलॉजी की पिनाकल रजिस्ट्री में प्रकाशित एएफ के मरीजों के नए मूल्यांकन के मुताबिक, लगभग 40 फीसदी मरीजों को मुंह से लेने वाले एंटी-कोगुलेंट्स की बजाय केवल एस्प्रिन दी गई.

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कई तरह के बदलाव करने के बाद देख गया कि जिन मरीजों को एस्प्रिन दी गई है, उनमें दिल के रोगों का खतरा उन लोगों की तुलना में ज्यादा है, जिन्हें मुंह से लेने वाले एंटी-कोगुलेंट्स दी गई.



एस्प्रिन देने से थ्रोम्बियोम्लिजम को रोकने में कोई मदद नहीं मिलती. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष के मुताबिक, इस बात के काफी प्रमाण मिल चुके हैं कि एस्प्रिन एंटी-कोगुलेंट्स नहीं है. यह एएफ से होने वाले स्ट्रोक को रोकने में मदद नहीं करती.

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आईएमए ने अपने ढाई लाख डॉक्टर सदस्यों को इस बारे में जानकारी दी कि आर्टियल फिब्रीलेशन के मरीज, जिन्हें दिल के दौरे का कम खतरा होता है, उन्हें एस्प्रिन न दी जाए. अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियॉलॉजी व अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन स्ट्रोक के कम खतरे वाले मरीजों को एस्प्रिन देने से मना किया है.
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