बच्चों में आते इन बदलाव को न करें इग्नोर, हो सकती है गंभीर समस्या

बच्चों में आते इन बदलाव को न करें इग्नोर, हो सकती है गंभीर समस्या
अगर आपको अपने बच्चे में कुछ बदलाव दिख रहे हैं, तो उसे समझने की कोशिश करें.

पैरेंट्स (Parents) के तौर पर यह आपकी जिम्‍मेदारी है कि आप अपने बच्‍चे (Children) का हर तरह से न सिर्फ ख्‍याल ही रखें, बल्कि उसमें आ रहे बदलाव को भी नजअंदाज न करें. क्‍योंकि कई बार छोटी-छोटी बातें किसी गंभीर समस्‍या (Serious Problem) का संकेत हो सकती हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 31, 2020, 8:57 PM IST
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अपने पैरेंट्स (Parents) के बहुत करीब होने के बावजूद अक्‍सर बच्‍चे (Children) अपनी बात अपने ही करीबी लोगों से नहीं कह पाते. वे अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं. इसका असर आगे चल कर उनकी मानसिक स्थिति और सेहत (Health) पर भी पड़ता है. ऐसे में आपको खुद ही अपने बच्‍चे की स्थिति को समझना होगा. अगर आपको अपने बच्चे में कुछ बदलाव दिख रहे हैं, वह परेशान नजर आता है, तो उसे समझने की कोशिश करें. यह जानने का प्रयास करें कि वह कहीं लोगों के गलत व्‍यवहार (Misbehavior) या यौन उत्पीड़न का शिकार तो नहीं बन रहा. यहां हम कुछ अहम बातें बताने जा रहें हैं, ये आपको अपने बच्‍चे की मनोदशा को समझने में मदद करेंगे.

बच्‍चे शरारती होने के साथ ही बहुत बातूनी भी होते हैं. ऐसे में अगर आपके बच्‍चे में यह बदलाव नजर आए कि उसनेबोलना कम कर दिया हो और वह चुप रहने लगा हो, तो हो सकता है, वह किसी समस्‍या में घिरा हो ऐसे में उससे बात करें और उसकी समस्‍या जानने की कोशिश करें.

बचपन में नींद बहुत आती है और इसे सेहत की नजर से अच्‍छा माना जाता है, लेकिन अगर आपका बच्‍चा ठीक से सो नहीं पा रहा है, तो यह चिंता की बात हो सकती है. हो सकता है कि उसे बुरे सपने आते हों. ऐसे में उसकी असल समस्‍या क्‍या है यह जानने की कोशिश करें.



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अगर आपका बच्‍चा बात-बात पर जिद कर रहा है या गुस्‍सा कर रहा है, तो हो सकता है कि उसे कोई परेशानी हो और वह अंदर ही अंदर घुट रहा हो. ऐसे समय में उस पर गुस्‍सा तो बिल्‍कुल न करें, बल्कि उसकी स्थिति को समझें कि उसमें अचानक इतना गुस्‍सा क्‍यों भर गया है.

बच्‍चों का स्‍वभाव होता है कि वह दूसरे बच्‍चों के साथ खेलना, उनके बीच रहना पसंद करते हैं. इससे उन्‍हें खुशी मिलती है. ऐसे में अगर आपकाबच्‍चा इससे अलग बर्ताव कर रहा है, वह दूसरे बच्‍चों से दूरी बनाए हुए है, तो आपको इसे गंभीरता से लेना चाहिए. बच्‍चे को प्‍यार से समझाएं, उसकी बात जानने की कोशिश करें और उसे अकेला तो बिल्‍कुल न छोड़ें.

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अगर आपका बच्चा अचानक किसी खास इंसान से डर महसूस करने लगे और लोगों से मिलने से बचने लगे, तो भी आपको यह जानने की कोशिश करनी चाहिए कि उसके व्‍यवहार में बदलाव क्‍यों आ रहा है और उसमें किसी के लिए डर क्‍यों है. हो सकता है कि बच्चे के साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार किया जा रहा हो. ऐसे में इस बात को गंभीरता से लें.
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