गर्दन को मिलेगा परफेक्ट शेप और दर्द की समस्‍या होगी दूर, करें ग्रीवा शक्ति आसन

गर्दन को मिलेगा परफेक्ट शेप और दर्द की समस्‍या होगी दूर, करें ग्रीवा शक्ति आसन
इन आसनों के नियमित अभ्‍यास से शरीर लचीला बना रहता है.

योग स्‍वास्‍थ्‍य (Health) को बेहतर बनाए रखते हैं. वहीं इम्युनिटी को बेहतर बनाए रखने में भी योग की महत्वपूर्ण भूमिका है. इन आसन के नियमित अभ्‍यास से तनाव (Stress) से भी मुक्ति मिलती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated : December 5, 2020, 10:03 am IST
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    आज के लाइव योगा सेशन (Live Yoga Session) में हमने कई छोटे-छोटे योगाभ्यासों को सीखा. इस समय जो लोग अभी भी वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं उनके लिए इन आसनों को रूटीन में शामिल करना जरूरी है. ऐसे लोगों के लिए ग्रीवा शक्ति आसन आदि काफी महत्‍वपूर्ण हैं. योग स्‍वास्‍थ्‍य को बेहतर बनाए रखते हैं. वहीं इम्युनिटी को बेहतर बनाए रखने में भी योग की महत्वपूर्ण भूमिका है. इन आसन के जरिए स्वास्‍थ्‍य (Health) ठीक रहता है और तनाव (Stress) से भी मुक्ति मिलती है. इन आसनों के जरिये शरीर लचीला बना रहता है और हाथों, पैरों में मजबूती आती है. योगाभ्‍यास करते समय इस बात का ध्‍यान रखें कि इन्‍हें धीरे-धीरे करना चाहिए. व्‍यायाम से पहले ये तीन नियम जरूर ध्‍यान रखें कि अच्‍छा गहरा लंबा श्‍वास लें, गति का पालन करें और अपनी क्षमता के अनुसार ही योग करें

    बटरफ्लाई आसन
    बटरफ्लाई आसन बहुत ही एफेक्‍टेड है. इसे तितली आसन भी कहते हैं. महिलाओं के लिए ये आसन विशेष रूप से लाभकारी है. बटरफ्लाई आसन करने के लिए पैरों को सामने की ओर फैलाते हुए बैठ जाएं,रीढ़ की हड्डी सीधी रखें. घुटनो को मोड़ें और दोनों पैरों को श्रोणि की ओर लाएं. दोनों हाथों से अपने दोनों पांव को कस कर पकड़ लें. सहारे के लिए अपने हाथों को पांव के नीचे रख सकते हैं. एड़ी को जननांगों के जितना करीब हो सके लाने का प्रयास करें. लंबी,गहरी सांस लें, सांस छोड़ते हुए घटनों एवं जांघो को जमीन की तरफ दबाव डालें. तितली के पंखों की तरह दोनों पैरों को ऊपर नीचे हिलाना शुरू करें. धीरे धीरे तेज करें. सांसें लें और सांसे छोड़ें. शुरुआत में इसे जितना हो सके उतना ही करें. धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं.





    बटरफ्लाई आसन के फायदे
    जांघो, एवं घुटनो का अच्छा खिंचाव होने से कूल्हों में लचीलापन बढ़ता है. मासिक धर्म के दौरान होने वाली असुविधा एवं मोनोपॉज के लक्षणों से आराम. गर्भावस्था के दौरान लगातार करने से प्रसव में आसानी.

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    शीर्षासन
    यह एकांत का आसन है. शीर्षासन सिर के बल किया जाता है. इस आसन को हेडस्टैंड (Headstand) के नाम से भी जानते हैं. ये योगासन कई तरह से लाभ पहुंचाता है. शीर्षासन करने से मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है. ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है. आंखों की रोशनी बढ़ाता है, असमय बालों का सफेद होना रोकता है. इसके अलावा दिल और सांस संबंधी समस्याओं में भी यह फायदेमंद होता है.

    शीर्षासन के फायदे
    शीर्षान करने से कई तरह के शारीरकि लाभ होते हैं. आंखों की रोशनी बढ़ाता है और असमय बालों का सफेद होना रोकता है.
    यह मस्तिष्क कोशिकाओं में शुद्ध रक्त को बेहतर बनाता है.
    शीर्षासन तनाव को कम करता है. टेंशन फ्री रहने के लिए शीर्षासन का अभ्‍यास करना फायदा देता है.
    इसका निरंतर अभ्‍यास शरीर की स्ट्रेंथ बढ़ाने में मददगार होता है.
    शीर्षासन पाचन को भी बेहतर बनाता है.

    ग्रीवा शक्ति आसन
    इस योग क्रिया को करने के लिए अपनी जगह पर खड़े हो जाएं. जो लोग खड़े होकर इस क्रिया को करने में असमर्थ हैं वे इसे बैठकर भी कर सकते हैं. जो जमीन पर नहीं बैठ सकते वे कुर्सी पर बैठकर भी इसका अभ्यास कर सकते हैं. कंफर्टेबल पोजीशन में खड़े होकर हाथों को कमर पर टिकाएं. शरीर को ढीला रखें. कंधों को पूरी तरह से रिलैक्स रखें. सांस छोड़ते हुए गर्दन को आगे की ओर लेकर आएं. चिन को लॉक करने की कोशिश करें. जिन लोगों को सर्वाइकल या गर्दन में दर्द की समस्या हो वह गर्दन को ढीला छोड़ें चिन लॉक न करें. इसके बाद सांस भरते हुए गर्दन को पीछे की ओर लेकर जाएं.

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    अनुलोम विलोम प्राणायाम
    सबसे पहले पालथी मार कर सुखासन में बैठें. इसके बाद दाएं अंगूठे से अपनी दाहिनी नासिका पकड़ें और बाई नासिका से सांस अंदर लें लीजिए. अब अनामिका उंगली से बाई नासिका को बंद कर दें. इसके बाद दाहिनी नासिका खोलें और सांस बाहर छोड़ दें. अब दाहिने नासिका से ही सांस अंदर लें और उसी प्रक्रिया को दोहराते हुए बाई नासिका से सांस बाहर छोड़ दें.

    अनुलोम विलोम प्राणायाम के फायदे
    फेफड़े मजबूत होते हैं
    बदलते मौसम में शरीर जल्दी बीमार नहीं होता.
    वजन कम करने में मददगार
    पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाता है
    तनाव या डिप्रेशन को दूर करने के लिए मददगार
    गठिया के लिए भी फायदेमंद