लंबे समय तक बैठ कर करते हैं काम, शरीर को लचीला और मजबूत बनाएं रखेंगे ये योगासन

नियमित तौर पर योगाभ्यास करने से शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है.

लंबे समय तक एक जगह बैठ कर काम करने वाले लोगों के लिए शरीर (Body) को फिट (Fit) और हेल्दी (Healthy) रखने के लिए योग (Yoga) का अभ्यास करना बहुत जरूरी है. ऐसे में हर दिन कम से कम एक घंटा योग पर जरूर करें.

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आज शनिवार के दिन लाइव योगा सेशन (Live Yoga Session) में हमने शरीर को लचीला बनाए रखने के लिए कई तरह के सूक्ष्‍म व्‍यायाम किए. लंबे समय तक एक जगह बैठ कर काम करने वाले लोगों के लिए शरीर को फिट (Fit) और हेल्दी (Healthy) रखने के लिए योग (Yoga) का अभ्यास करना बहुत जरूरी है. ऐसे में हर दिन कम से कम एक घंटा योग पर जरूर करें. साथ ही व्‍यायाम से पहले ये तीन नियम जरूर ध्‍यान रखें कि इसमें अच्‍छा गहरा लंबा श्‍वास लें, गति का पालन करें और अपनी क्षमता के अनुसार योग करें. नियमित तौर पर इन अभ्यासों को करने से न केवल मनुष्य स्वस्थ (Healthy) रह सकता है, बल्कि उसे हर प्रकार के तनाव (Stress) से भी मुक्ति मिलती है. वहीं जो लोग लंबे समय से वर्क फ्रॉम होम करते आ रहे हैं, ऐसे लोगों को खासतौर पर इन अभ्यासों को करना चाहिए. योग में सबसे जरूरी है स्ट्रेचिंग (खिंचाव). आइए जानते हैं स्ट्रेचिंग के कुछ खास योगासनों के बारे में.



पिंडली शक्ति विकास क्रिया
इस आसन को करने से पैरों का दर्द दूर होता है. घुटने और जंघाएं मजबूत बनते हैं. इसके अलावा इसे नियमित तौर पर करते रहने से पैरों की उंगुलियों का दर्द भी कम होने लगता है.

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पश्चिमोत्तानासन
पश्चिमोत्तानासन योग का नाम दो शब्दों के मेल से बना है- पश्चिम और उत्तान. पश्चिम यानी पश्चिम दिशा या शरीर का पिछला हिस्सा और उत्तान मतलब खिंचा हुआ. रीढ़ की हड्डी के दर्द से निजात पाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पश्चिमोत्तानासन योग करना चाहिए. इस आसन का अभ्यास करते समय शरीर के पिछले हिस्से यानी रीढ़ की हड्डी में खिंचाव उत्पन्न होता है, इस कारण इस आसन को पश्चिमोत्तानासन कहा जाता है. इस आसन को करने से शरीर का पूरा हिस्सा खिंच जाता है और यह शरीर के लिए बहुत लाभदायक होता है. जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या होती है, उनके लिए पश्चिमोत्तानासन रामबाण की तरह काम करता है और इस रोग के लक्षणों को दूर करने में मदद करता है. इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रसित लोगों के लिए भी यह आसन बहुत फायदेमंद माना जाता है.

पश्चिमोत्तानासन के फायदे
तनाव दूर करने में फायदेमंद
पेट की चर्बी दूर करने में मददगार
हड्डियों को लचीला बनाने में कारगर
बेहतर पाचन के लिए फायदेमंद
अनिद्रा की समस्या को दूर करता है

पद्मासन
पद्मासन: पद्मासन शब्द दो अलग शब्दों से मिलकर बना है. पद्मासन में पहला शब्द पद्म है, जिसका अर्थ कमल होता है जबकि दूसरा शब्द आसन है, जिसका अर्थ बैठना होता है. पद्मासन में योगी ऐसी स्थिति में बैठता है जैसे कमल का फूल.

पद्मासन के फायदे
पद्मासन करने से शरीर को बहुत जबरदस्त फायदे मिलते हैं. अगर आप कभी अशांत और बेचैन महसूस कर रहे हों तो पद्मासन का अभ्यास करें. ये आपके मन को शांत करने में मदद करेगा. इस आसन को अलौकिक ऊर्जा प्राप्त करने, मेडिटेशन या ध्यान करने, चक्र या कुंडलिनी को जाग्रत करने के लिए करते हैं. पद्मासन बहुत ही शक्तिशाली आसन है. ये कमर और हृदय रोगों के लिए बेहतरीन आसन है. इसके तमाम भौतिक और आध्यात्मिक लाभ योगशास्त्र में बताए गए हैं. ये मेडिटेशन के लिए बताए गए बेहतरीन आसनों में से एक है.

अनुलोम विलोम प्राणायाम
अनुलोम विलोम प्राणायाम: सबसे पहले पालथी मार कर सुखासन में बैठें. इसके बाद दाएं अंगूठे से अपनी दाहिनी नासिका पकड़ें और बाई नासिका से सांस अंदर लें लीजिए. अब अनामिका उंगली से बाई नासिका को बंद कर दें. इसके बाद दाहिनी नासिका खोलें और सांस बाहर छोड़ दें. अब दाहिने नासिका से ही सांस अंदर लें और उसी प्रक्रिया को दोहराते हुए बाई नासिका से सांस बाहर छोड़ दें.

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अनुलोम विलोम प्राणायाम के फायदे
फेफड़े मजबूत होते हैं
बदलते मौसम में शरीर जल्दी बीमार नहीं होता.
वजन कम करने में मददगार
पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाता है
तनाव या डिप्रेशन को दूर करने के लिए मददगार
गठिया के लिए भी फायदेमंद

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