इम्‍यून सिस्‍टम मजबूत बनाने के लिए रोज करें ये चार योगासन, नहीं पड़ेंगे बीमार

इम्‍यून सिस्‍टम मजबूत बनाने के लिए रोज करें ये चार योगासन, नहीं पड़ेंगे बीमार
इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए योग करना चाहिए.

मानसून सीजन (Monsoon season) में कई तरह की वायरल (Viral) बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. कमजोर इम्यून सिस्टम (Immune system) वाले लोग इन बीमारियों का शिकार जल्दी होते हैं. ऐसे में आप इन योग के द्वारा इम्यून सिसेटम को मजबूत बना सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 10, 2020, 4:15 PM IST
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इन दिनों कोरोना (Corona) महामारी से दुनिया लड़ रही है. वहीं माससून (Mansoon) के मौसम में कई तरह की वायरल(Viral) बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में आपको अपना इम्यून सिस्टम (Immune system) को मजबूत बनाने की जरूरत है. क्योंकि अगर आपकी इम्यूनिटी कमजोर है तो वायरल आपको आसानी से जकड़ लेता है. ऐसे में आपको इम्यून सिस्टम मजबूत रखने के लिए हेल्थी डाइट (Healthy Diet) लेने के साथ ही योग करना चाहिए. अब सवाल यह है कि इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए कौन सा योग किया जाए. इसलिए हम आपको कुछ योगासन बता रहे हैं, जिनसे इम्यून सिस्टम को बेहतर कर कोविड-19 सहित कई तरह की बीमारियों से लड़ा जा सकता है. आइए इन योगासनों के बारे में जानते हैं.

1. ताड़ासन
वैसे तो ताड़ासन करने के फायदे कई हैं. शोध में बताया गया है कि ताड़ासन करने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में सकारात्मक असर देखने को मिलता है. मधुमेह की समस्या में पीड़ित लोग इसको करे तो फायदा मिलता है.

ताड़ासन करने की विधि
- सबसे पहले मैट पैरों की एड़ियों और पंजों को एक दूसरे से मिलाकर सीधे खड़े हो जाएं और दोनों हाथों को शरीर के साथ सीधा रखें.


- इसके बाद हाथों को ऊपर उठाते हुए उंगलियों को आपस में फंसा लें और हथेलियों की दिशा आसमान की ओर रखें.
- अब सांस लेते हुए एड़ियों को ऊपर उठाएं और पंजे के बल पर खड़े होने का प्रयास करें.
- अब शरीर का भार पंजों पर होगा और शरीर को ऊपर की ओर खींचने का प्रयास करें. साथ ही सामान्य गति से सांस लेते रहें.
- कुछ देर इसी अवस्था में रहें और फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए पहले की अवस्था में वापस लौटें.
- इस प्रक्रिया को 8 से 10 बार तक दोहराएं.

2. वृक्षासन
शोध में बताया गया है कि वृक्षासन योगासन करने से शरीर के नकारात्मक व्यवहार को नियंत्रित किया जा सकता है. इससे दिमाग और शरीर को संतुलित करने में मदद मिलती है. इस योग को करने से प्रतिरक्षा प्रणाली को बूस्ट किया जा सकता है.

वृक्षासन करने की विधि
- सबसे पहले मैट पर सीधे खड़े हो जाएं और दोनों हाथों को बगल में रखें.
- अब दाहिने पैर को मोड़ते कर दाहिने पैर के तलवे को बाईं जंघा के ऊपर रखें.
- इस दौरान बाएं पैर को सीधा रखकर पैर का संतुलन बनाए रखें.
- संतुलन बनने पर लंबी सांस लें और दोनों हाथों को नमस्कार की मुद्रा में सिर के ऊपर ले जाएं.
- इस मुद्रा में रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए संतुलन बनाए रखें.
- इस मुद्रा में सामान्य रूप से सांस लेते और छोड़ते रहें.
- इसके बाद धीरे-धीरे पहले जैसी मुद्रा में खड़े हो जाएं और यही क्रिया दूसरे पैर पर खड़े हो कर करें.

3.पादंगुष्ठासन
इस आसन को करने से मन और शरीर दोनों मजबूत बनता है. यह शरीर में रक्त संचार को सुधारने के साथ ही इन्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद करता है.

पादंगुष्ठासन करने की विधि
- योग मैट पर सीधे खड़े हो जाएं और हाथों को भी सीधा रखें.
- अब सांस छोड़ते हुए कूल्हों के जोड़ से आगे झुकने का प्रयास करें. ध्यान रहे कि कमर के बल नहीं झुकें. आगे झुकते हुए घुटनों को नहीं मोड़ें.
- आगे की ओर झुक कर अपने दोनों पैरों के अंगूठों को हाथों की पहली दो उंगलियों से पकड़ लें. इसके बाद अपने सिर और धड़ को ऊपर की ओर करते हुए सांस अंदर लें.
- इसके बाद आराम-आराम से सांस छोड़ते हुए अपने सिर और धड़ को जितना हो सके नीचे की ओर झुकाएं.
- जितना मुमकिन हो अपने सिर को घुटनों के साथ स्पर्श करने का प्रयास करें.
- इस आसन में 30 से 60 सेकंड तक बने रहें. फिर सांस लेते हुए धीरे-धीरे सीधे खड़े हो जाएं।

4. त्रिकोणासन
यह आसन इम्‍यून सिस्‍टम की मजबूती के लिए एक शानदार आसन है. माना जाता है कि इस आसन को करने पर याददाश्त को दुरुस्त किया जा सकता है. त्रिकोणासन से कई प्रकार के दर्द को दूर करने और प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

त्रिकोणासन करने की विधि
- सबसे पहले दोनों पैरों के बीच लगभग दो फुट की दूरी बनाकर खड़े हो जाएं और बाएं पैर को - थोड़ा बाहर की ओर मोड़ लें. साथ ही दोनों हाथों को शरीर से सटाकर रखें.
- अब दोनों बाहों को शरीर से दूर कंधे के समानांतर फैलाएं. फिर आराम से सांस लेते हुए दाएं हाथ को ऊपर ले जाएं. ध्यान रहे कि हाथ कान से सटा होना चाहिए.
- अब घुटने को बिना मोड़े सांस छोड़ते हुए कमर से बाईं ओर झुकें. इस दौरान दाएं हाथ को ऊपर की ओर ले जाएं.
- कमर को सीधा रखते हुए बाएं हाथ से बाएं टखने को छूने की कोशिश करें.
- इस मुद्रा में पहुंचने के बाद गर्दन को दाईं दिशा में मोड़ लें और दाएं हाथ को देखने का प्रयास करें.
- इसी मुद्रा में लगभग 10 से 30 सेकंड तक रहें और सांस लेने की गति को सामान्य रखें. अब सांस लेते हुए वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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