सोशल मीडिया को लेकर रहती है मन में अजीब उलझन? इस तरह करें सामना

सोशल मीडिया को लेकर रहती है मन में अजीब उलझन? इस तरह करें सामना
सोशल मीडिया को लेकर हैं परेशान तो जानें (फोटो साभार: pexels/ROMAN ODINTSOV)

हाल ही में 1,500 युवाओं पर एक सर्वे किया गया जिसमें यह बात सामने आई कि इन्स्टाग्राम अन्य सोशल मीडिया के मुकाबले ज्यादा हानिकारक है. आज का युवा सोशल मीडिया पर 'लाइक' फॉलोअर्स' और सब्सक्राइबर बढ़ाने के लिए इस कदर बेताब है कि वो इसे अपने आत्मसम्मान और आत्मविश्वास से अनजाने में ही जोड़ लेता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 28, 2020, 4:27 PM IST
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO )की रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना काल में लोगों के मानसिक स्वास्थ्य और व्यक्तित्व पर काफी प्रभाव पड़ा है. वर्क फ्रॉम होम के दौरान स्क्रीन टाइम बढ़ जाने से 7.5 फीसदी जनसंख्या में यह समस्या देखने में आ रही है. इस समय को कुछ हल्का करने के लिए अधिकतर लोग सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं. लेकिन सोशल मीडिया ने लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को बहुत ज्यादा प्रभावित किया है. इस सिलसिले में हाल ही में 1,500 युवाओं पर एक सर्वे किया गया जिसमें यह बात सामने आई कि इन्स्टाग्राम अन्य सोशल मीडिया के मुकाबले ज्यादा हानिकारक है. आज का युवा सोशल मीडिया पर 'लाइक' फॉलोअर्स' और सब्सक्राइबर बढ़ाने के लिए इस कदर बेताब है कि वो इसे अपने आत्मसम्मान और आत्मविश्वास से अनजाने में ही जोड़ लेता है. आइए जानते हैं कि क्या सच में सोशल मीडिया Instagram लोगों कि चिंता (anxiety)को बढ़ा रहा है.

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Fortis Healthcare की मनोविश्लेषक Nishtha Narula ने myUpchar को बताया कि सोशल मीडिया को लेकर लोगों के मन में चिंता या परेशानी को इस तरह से समझा जा सकता है कि वो अक्सर अपना इन्स्टा अकाउंट खोलकर चेक करते रहते हैं कि उनकी पोस्ट को किसने लाइक और कमेंट किया है. इसके बाद वो खुद के बनाए पैमाने पर कमेंट्स, फॉलोअर्स की तुलना करते हैं और अक्सर ही इस बारे में सोचते रहते हैं. इन चीजों के आधार पर ही वो अपनी एक छवि बना लेते हैं . आज के समय में जब सोशल मीडिया आपके जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है ऐसे में आप कॉस्मोपॉलिटन वेबसाइट पर प्रकाशित इस रिपोर्ट में बताए गए तरीकों को अपनाकर इस उहापोह से छुटकारा पा सकते हैं...



प्राथमिकताएं बदलें:
डॉक्टर निष्ठा के अनुसार, अपनी प्राथमिकताएं अपनी जरूरतों के हिसाब से तय करें. ऐसा करने से आप पहले अपने कम को पूरा करेंगे इसके बाद सोशल मीडिया का रुख करेंगे. इससे आपका आत्मविश्वास अपने आप ही मजबूत होगा. एक वक्त में एक ही काम करें. काम के साथ सोशल मीडिया का इस्तेमाल न करें. छोटो छोटी चीजों को एन्जॉय करें.

तस्वीरों से ज्यादा लोगों पर भरोसा करें:
लोगों का हाल उनकी तस्वीरों और सोशल मीडिया से जानने से बेहतर है कि आप उनसे खुद बातचीत करें. लोगों कि वास्तविकता उनकी इन्स्टाग्राम सेल्फी में नहीं है और सोशल मीडिया बबल के बाहर की दुनिया में कुछ खामियां भी हैं और यही हकीकत भी है. हो सकता है जो आप आंखों से देख रहे हैं वो कई फिल्टर्स के साथ हो इस वजह से इस बात को स्वीकार करिए कि सबकुछ परफेक्ट नहीं होता.

अच्छी चीजों को करें फॉलो:
आप किसे फॉलो करते हैं इसपर नज़र रखें. आप इन्स्टाग्राम या सोशल मीडिया पर कैसी जानकारी देख रहे हैं इसे लेकर सचेत रहें. अगर आप लगातार काफी डाउन , अपसेट, तुलनात्मक विवेचन करने वाला महसूस करते हैं तो इससे ब्रेक लेकर ऐसी चीजों को फॉलो करिए जो आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहतर हों.
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