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फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल में डॉक्टरों ने लैप्रोस्कोपी की मदद से निकाला 5 Kg का ट्यूमर

News18Hindi
Updated: November 27, 2019, 8:41 PM IST
फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल में डॉक्टरों ने लैप्रोस्कोपी की मदद से निकाला 5 Kg का ट्यूमर
लैप्रोस्कोपिक तकनीक की मदद से 22 वर्षीय युवती के पेट से 5 किलोग्राम वजन का एक ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला है.

मरीज सरिता को सांस लेने में मुश्किल हो रही थी और ठीक से खाना नहीं खा पा रही थीं. जब उन्हें अस्‍पताल लाया गया तो पेट में परेशानी हो रही थी.

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  • Last Updated: November 27, 2019, 8:41 PM IST
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फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों की टीम ने हाल ही में लैप्रोस्कोपिक तकनीक की मदद से 22 वर्षीय युवती के पेट से 5 किलोग्राम वजन का एक ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला है. टीम का नेतृत्व डॉ. बी डी पाठक, निदेशक-जीआई, मिनीमली इनवैसिव एंड बेरियाट्रिक सर्जरी और डॉ. वी एस चौहान, वरिष्ठ सलाहकार-जीआई, मिनीमली इनवैसिव एंड बेरियाट्रिक सर्जरी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, फरीदाबाद ने किया.



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पेट में परेशानी हो रही थी

मरीज सरिता को सांस लेने में मुश्किल हो रही थी और ठीक से खाना नहीं खा पा रही थीं. जब उन्हें अस्‍पताल लाया गया तो पेट में परेशानी हो रही थी और सांस लेने में भी तकलीफ थी. जरूरी जांच कराने के बाद उनके पेट में करीब 5 किलोग्राम का ट्यूमर पाया गया. उपचार के विभिन्न विकल्पों का मूल्यांकन करने के बाद डॉक्टरों ने परिवार को एडवांस लैप्रोस्कोपिक एक्सट्रैक्शन कराने की सलाह दी क्योंकि इसके बाद सर्जरी का कोई निशान भी नहीं रहता और सुधार में लंबा समय भी नहीं लगता है. प्रक्रिया पूरी होने के दो दिनों में मरीज की तबियत में सुधार हो गया और पूरी तरह ठीक हो जाने पर उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया.

लैप्रोस्कोपिक तकनीक का इस्तेमाल
डॉ. बी डी पाठक, निदेशक-जीआई, मिनीमली इनवैसिव एंड बेरियाट्रिक सर्जरी, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, फरीदाबाद ने कहा- इस तरह की सर्जरी के लिए बड़ा कट लगाने की जरूरत होती है लेकिन यह मरीज बहुत युवा थीं. उनके सामने उनकी पूरी जिंदगी पड़ी हुई थी. इसलिए हम ने लैप्रोस्कोपिक तकनीक का इस्तेमाल कर छोटे कट के साथ बड़े ट्यूमर को निकाला. टीम ने यह सफलतापूर्वक यह कार्य किया. जब भी ऐसे मरीज आते हैं तो उन्हें सर्वश्रेष्ठ संभव सुधार के लिए सर्जरी का सर्वश्रेष्ठ विकल्प दिया जाता है.
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तबियत में तेज़ी से सुधार
मोहित सिंह, फेसिलिटी निदेशक, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल, फरीदाबाद ने कहा- फोर्टिस में हम प्रत्येक मामले में सर्वश्रेष्ठ परिणाम हासिल करने के लिए सर्वश्रेष्ठ क्लिनिकल परिदृश्य की ओर ध्यान केंद्रित करते हैं. यह मामला सर्वश्रेष्ठ उपयोग के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके सर्वश्रेष्ठ परिणाम हासिल करने का है. यह मामला बहुत ही जटिल होता है जिसे डॉक्टरों की टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया जिससे मरीज को सर्वश्रेष्ठ परिणाम मिला और उनकी तबियत में तेज़ी से सुधार हुआ.

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First published: November 27, 2019, 8:29 PM IST
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