500 रुपये कमाने के लिए लिए मनीष मल्होत्रा ने की थी बुटीक में नौकरी, आज हैं फेमस डिजाइनर

500 रुपये कमाने के लिए लिए मनीष मल्होत्रा ने की थी बुटीक में नौकरी, आज हैं फेमस डिजाइनर
ड्रेस डिजाइनर मनीष मल्होत्रा कई बॉलीवुड सेलिब्रिटीज के लिए ड्रेस डिजाइन कर चुके हैं.

मनीष (Manish Malhotra) ने बताया कि उनकी परवरिश एक पंजाबी परिवार में हुई है. उनकी मां ने शुरू से ही उनका काफी साथ दिया...

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 2, 2020, 11:34 AM IST
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ड्रेस डिजाइनर मनीष मल्होत्रा (Manish Malhotra) की गिनती भारत के टॉप डिजाइनर्स में होती है. उन्होंने कई बॉलीवुड सेलीब्रिटीज के लिए भी ड्रेस डिजाइन की है. कियारा आडवानी, करण जौहर, अर्जुन कपूर, श्रीदेवी, प्रियंका चोपड़ा और सारा अली खान जैसे नाम जो फिल्म इंडस्ट्री की टॉप लिस्ट में शुमार हैं, मनीष मल्होत्रा द्वारा डिजाइन की हुई ड्रेस कैरी कर चुके हैं. रैंप और रेड कार्पेट पर भी कई बार फ़िल्मी हस्तियां और मॉडल्स उनके डिजाइन किए हुए कपड़े पहनकर कैटवॉक कर चुके हैं. आज भले ही मनीष मल्होत्रा का नाम टॉप डिजाइनर की फेहरिस्त में शामिल है लेकिन एक समय ऐसा भी था जब उन्हें खुद को प्रूफ करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा था. आइए जानते हैं उनके संघर्ष की दास्तान...

मनीष मल्होत्रा ने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे को एक इंटरव्यू में अपने करियर के शुरुआती सफर और संघर्ष की दास्तान बताई है. मनीष ने बताया कि उनकी परवरिश एक पंजाबी परिवार में हुई है. उनकी मां ने शुरू से ही उनका काफी साथ दिया. हालांकि पढ़ाई में उनका मन कम ही लगता था तो स्टडी बेहतर नहीं चली. लेकिन उन्हें फ़िल्में देखने का शौक शुरू से ही था. जैसे ही कोई नई मूवी रिलीज होती थी मनीष उसे देखने हॉल में जरूर जाते थे.

उन्होंने इंटरव्यू में बताया कि कला में उनकी खासी दिलचस्पी थी. यही वजह थी कि क्लास 6th से ही उन्होंने पेंटिंग सीखनी शुरू कर दी थी. जब उनकी मां शॉपिंग करने जाती थीं तो वो मां के लिए साड़ी सेलेक्ट करने में उनकी मदद करते थे. इस काम में उन्हें काफी मजा आता था. धीरे धीरे ये उनका पैशन बनता गया.
 
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“I grew up in a typical Punjabi household, where my mom always encouraged me in all that I wanted to do. Growing up, I was always fascinated by Bollywood films and made it a point to watch every single film that was released. But I wasn’t a very good student and found academics boring. In the 6th grade, I remember joining a painting class -- I enjoyed it so much! From watching films, to painting, and being surrounded by mother’s clothes, my love for fashion grew. I used to even give fashion advice to my mom on her sarees! When I got into college, I started modelling, and began working at a boutique. I was there for a year and a half, and all I earned was Rs. 500 a month, but it was worth it. I couldn’t afford to go abroad and study fashion, so that was my school in a way. I’m completely self-taught -- I used to sit and sketch for hours! Finally at the age of 25, I got my big break -- I worked on a film starring Juhi Chawla! But ‘Rangeela’ was a turning point for me -- I won my very first Filmfare award for it! But there were challenges -- I remember producers would get so irritated when I’d ask multiple questions about the storyline. The only brief I had was to make the heroine look glamorous. But I wanted to do more! That’s how my name started going around. I started travelling the world, designing clothes, and then launched my own label in 2005. But it hasn’t been an easy journey… When Sridevi passed away, it was probably one of the worst moments of my life, professionally and personally. But through it all, my work kept me going. I began as a costume designer, and today I’m a fashion designer who’s working with the 4th generation of actors! And this year, I’ll complete 30 years in the industry. But the one thing that hasn’t changed is that, even after all this time, I still get nervous before fashion shows! And I want that to remain the same, because that’s my identity -- it reminds me of who I am, where I’ve come from, and what I’m meant to do.” ---- HOB with @blenderspridefashiontour brings to you stories of those whose individuality has taken center stage, because of their choices and the path they’ve taken with pride. #MyIdentityMyPride

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पहली तनख्वाह थी 500 रुपये

डिजाइनर मनीष मल्होत्रा ने बताया कि कॉलेज के दिनों में उन्होंने मॉडलिंग करने के साथ ही पैसे कमाने के लिए एक बुटीक में काम करना शुरू कर दिया था. बुटीक में काम करते हुए ही उन्होंने ड्रेस डिज़ाइनिंग की बारीकियों को सीखा. इस बुटीक ने उनकी तनख्वाह महज 500 रुपये थी. दरअसल, मनीष के पास इतने पैसे नहीं थे कि वो विदेश जाकर फैशन डिजाइनिंग सीख सकें. इसलिए उन्होंने बुटीक में काम कर डिजाइनिंग का हुनर सीखने का रास्ता चुना. यही वजह है कि तनख्वाह का कम होना उन्हें कभी खला नहीं.

500 रुपये से करियर का सफर शुरू करने वाले मनीष मल्होत्रा आज बॉलीवुड में बड़ा नाम बन चुके हैं.
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