वर्क फ्रॉम होम से खस्ता हैं कर्मचारियों की हालत, करियर पर भी बुरा प्रभाव: सर्वे

सर्वे में सामने आई है कि वर्क फ्रॉम होम से कर्मचारियों की हालत बेहाल है (pexels)
सर्वे में सामने आई है कि वर्क फ्रॉम होम से कर्मचारियों की हालत बेहाल है (pexels)

घर बैठे काम (Work From Home) करने से कर्मचारियों के काम के घंटों में 8.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. साथ ही दिन में 8 की बजाय 9 से 10 घंटे की शिफ्ट (Work Shift) करनी पड़ रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 24, 2020, 7:03 PM IST
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कोरोनावायरस (Corona virus) के कारण पिछले छह महीने से कुछ कंपनियां सुरक्षा की दृ्ष्टि से अपने कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम ( Work From) की प्रक्रिया के तहत काम करवा रही हैं. एक सर्वे के अनुसार घर से काम कर रहे 53 फीसदी कामकाजी लोगों का मानना है कि कोरोना वायरस की वजह से उनके करियर पर बुरा असर पड़ा रहा है. यह सर्वे 1625 लोगों ने दुनिया के बड़े 16 शहरों में किया है. सर्वे में 14 सितंबर से 17 सितंबर तक सिर्फ चार दिन में यह आंकड़ा जुटाया गया है.

सर्वे में पूछे गए प्रमुख सवालों में से एक सवाल यह है कि कंपनी के आंतरिक और बाहरी नेटवर्क और कर्मचारियों के करियर के लिहाज से घर बैठे काम (Work From Home) करने का क्या प्रभाव पड़ रहा है? इसमें 75 फीसदी लोगों का मानना है कि घर बैठकर काम करने की प्रक्रिया से कंपनी से इतर उनके बाहरी नेटवर्किंग पर असर पड़ रहा है. वहीं, सर्वे में पाया गया है कि 53 फीसदी कर्मचारियों को इससे करियर में तरक्की करने में बाधा आने की शिकायते आ रही हैं.

इस पर हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी (Microsoft Company) के मालिक बिल गेट्स (Bill Gates) ने एक बयान दिया था. उन्होंने घर बैठे काम करने की इस प्रक्रिया को उचित बताया था और कई कंपनियों से कोरोनावायरस के जड़ से खत्म होने तक इसे जारी रखने की उम्मीद की थी. इकोनॉमिक्स टाइम्स (Economics Times) की बिजनेस समिट (Business Summit) में बोलते हुए बिल गेट्स ने बताया 'घर से काम करने की यह प्रक्रिया बहुत ही उम्दा है और आशा करता हूं कि यह आगे भी चलती रहे.'



सर्वे के अनुसार कई लोगों का यह भी मानना है कि घर बैठे काम करने से उनका काम और जीवन का संतुलन डगमगा गया है और हार्वर्ड बिजनेस स्टडी भी इस बात की पुष्टि कर चुका है. यह सर्वे दुनिया के 16 शहरों के तकरीबन 3 मिलियन लोगों पर किया गया है. जिसमें यह पाया गया है कि कोरोनावायरस की वजह से काम के घंटों में 8.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. साथ ही दिन में 8 की बजाय 9 से 10 घंटे की शिफ्ट (Work Shift) करनी पड़ रही है. एचबीएस स्ट्रेटजी यूनिट में बिजनेस एटमिनिस्ट्रेशन की प्रोफेसर रफैला सुडान ने कहा 'यह बहुत ही सामान्य सी स्थिति है कि बिना किसी प्रोफेशनल बैठक के हम अपने काम में ईमानदारी दिखा रहे हैं.'
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