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लेखकों और किताबों की दुनिया कर रही लोगों का मनोरंजन, लॉकडाउन में चल रहा फेसबुक लाइव

News18Hindi
Updated: April 2, 2020, 7:15 PM IST
लेखकों और किताबों की दुनिया कर रही लोगों का मनोरंजन, लॉकडाउन में चल रहा फेसबुक लाइव
फेसबुक लाइव ने दूर रहकर लोगों को पास कर दिया है. दूरी फिजिकल है लेकिन अहसास और प्यार कतई दूर नहीं.

राजकमल प्रकाशन समूह के फेसबुक लाइव पर जब गीतकार स्वानंद किरकिरे आए तो लोगों ने गानों की फरमाइश लगा दी. फरमाइश पूरी करते हुए उन्होंने-ओ री चिरइयां, खोया खोया चांद और बावरा मन गाकर सुनाया.

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मार्च का महीना बीत गया. यह सिर्फ एक महीना नहीं था. लग रहा है यह एक महीने की तरह नहीं बल्कि किसी सदी की तरह बीता हो. लॉकडाउन ने बहुत कुछ बदल दिया है, यह बदलाव निरंतर जारी है. बदलाव की एक धार साहित्य में देखने को मिल रही है. किताबों को लेकर लोगों में रूची बढ़ी है. इसका कारण यह भी हो सकता है कि भागती-दौड़ती जिंदगी में अचानक से आए इस ठहराव में किताबें सच्ची साथी बनकर उभरी हैं. ऐसा ही कुछ आभासी या डिजिटल दुनिया में देखने को मिल रहा है.

मस्त रहिए और खूब पढ़िए
राजकमल प्रकाशन समूह के फेसबुक लाइव पर जब गीतकार स्वानंद किरकिरे आए तो लोगों ने गानों की फरमाइश लगा दी. फरमाइश पूरी करते हुए उन्होंने-ओ री चिरइयां, खोया खोया चांद और बावरा मन गाकर सुनाया. स्वानंद ने कहा कि इस समय अपना ध्यान रखिए, मस्त रहिए और खूब पढ़िए. मशहुर एक्टर सौरभ शुक्ला ने कहा कि उनका मन बात करने को तरसता है. उन्होंने समूह के फेसबुक पेज से लाइव बातचीत में कहा- इस क्वारंटाइन में एक ही चीज़ खलती है कि कोई बात करने को नहीं मिलता. इसलिए राजकमल ने जब मुझे मौका दिया बात करने का तो मैं फौरन इसके लिए राजी हो गया. उन्होंने यह भी कहा कि वो कॉफी कभी बना नहीं पाते थे और इस लॉकडाउन में कॉफी बनाना सीख लिया है.

लेखक पाठकों से सीधे जुड़ रहे हैं 



फेसबुक लाइव ने दूर रहकर लोगों को पास कर दिया है. दूरी फिजिकल है लेकिन अहसास और प्यार कतई दूर नहीं. फेसबुक लाइव के जरिए लेखक, पाठकों से सीधे जुड़ रहे हैं. उनसे बातें कर रहे हैं. उनके सवालों का जवाब दे रहे हैं. उन्हें अपनी रचनाएं पढ़कर सुना रहे हैं. किसी के लिए यह सब नॉस्टैलजिक करने जैसा है तो किसी के लिए अपने चहेते चेहरे को अपने फोन या लैपटॉप की स्क्रीन पर देखना रोमांच से भर दे रहा है. लंदन से लेखिका अनुराधा बेनीवाल ने जुड़कर वहां के लॉकडाउन के हाल साझा किए. उन्होंने बताया कि लंदन में आप किस समय घरेलू सामान लेने बाहर जा सकते हैं और क्या-क्या चीजें हैं जो आसानी से मिल रही हैं.



21 दिन का लॉकडाउन या एकांतवास
उन्होंने अपनी किताब ‘आज़ादी मेरा ब्रांड’ से कुछ हिस्सा पढ़कर भी सुनाया. अनुराधा फिलहाल फेसबुक लाइव के जरिए चेस सिखाने का काम भी कर रही हैं. साहित्यकार और खान-पान विशेषज्ञ पुष्पेश पंत अपने बचपन को याद करते हुए कहते हैं- पहाड़ी होने के नाते मुझे ठंड के चार-पांच महीने घर में बंद रहकर बिताने का अनुभव है. जब बाहर बहुत ठंड होती थी और बर्फ पड़ती थी. कहीं आ जा नहीं सकते थे. कुछ-कुछ ऐसा ही है यह 21 दिन का लॉकडाउन या एकांतवास. ऐसे में इसे जितना हंसी-खुशी बिताएंगे यह उतना सुकून से कट जाएगा.

भांग की चटनी के बारे में कई रोचक किस्से
पुष्पेश, रोज सुबह 11 बजे राजकमल प्रकाशन के फेसबुक पेज पर लाइव आकर शानदार व्यंजनों और उसकी विविधताएं लोगों से साझा करते हैं. अबतक वो विभिन्न तरह की खिचड़ी, बासी भात के महत्व, बैंगन के विभिन्न व्यंजन और भांग की चटनी के बारे में कई रोचक किस्से साझा कर चुके हैं. साहित्यकार हृषीकेश सुलभ ने राजकमल के फेसबुक लाइव पर संवेदना प्रकट करते हुए कहा- प्रवासी मजदूरों को जिन परिस्थितियों से गुजरना पड़ रहा है वो बहुत दुखी करने वाला है. यह तनाव का क्षण है और उम्मीद है कि जल्द ही सबकुछ ठीक हो जाएगा. उन्होंने अपने नए उपन्यास ‘अग्निलीक’ से अंश पढ़े, सुनने वालों को दूर रहते हुए पास होने का एहसास दिया.

विदेश से भी लोग फेसबुक लाइव के जरिए जुड़ रहे हैं
फिल्म निर्देशक अविनाश दास ने भोजपुरी और मैथिली के गीत सुनाकर, सुनने वालों का मन मोह लिया. उन्होंने प्रकाश उदय की नई किताब अरज निहोरा से कई भोजपुरी गीत गा कर सुनाए. मैथिली के गीत उनकी स्वरचित रचनाएं हैं. बुलंदशहर, बनारस, जामनगर, शांतिनिकेतन, पटना, आरा, कश्मीर और लंदन- देश के कोने-कोने से ही नहीं, विदेश से भी लोग फेसबुक लाइव के जरिए विनोद कुमार शुक्ल की कहानी सुन रहे हैं, तो कुंवर नारायण की कविताएं, चर्चित साहित्यकारों जैसे गीतांजलि, शिवमूर्ति, अल्पना मिश्र से उपन्यास पाठ सुन रहे हैं, लेखक गिरिन्द्रनाथ झा से गांव-घर के किस्से, दास्तानगो हिमांशु वाजपेयी से शहरों के किस्से सुन रहे हैं.

कविताएं, कहानियां, शायरी, गीत सुन रहे हैं
राजकमल प्रकाशन समूह के प्रबंध निदेशक अशोक महेश्वरी का कहना है- लोगों का घर पर रहना जरूरी है तभी हम महामारी की इस लड़ाई में जीत हासिल कर सकते हैं. फेसबुक लाइव के जरिए लोग लेखकों से सीधे जुड़ रहे हैं, उनसे कविताएं, कहानियां, शायरी, गीत सुन रहे हैं. किस्से कहानियों का हिस्सा बन रहे हैं. यह न केवल लोगों को साहित्य से जोड़ रहा है बल्कि उन्हें इस समय में दुनिया से जुड़े रहने का अहसास भी दे रहा है. यह सकारात्मक ऊर्जा के संचार में सहायक है, जिसकी जरूरत अभी सबसे ज्यादा है.

फेसबुक पेज पर एक दिन पहले लेखकों की सूची
राजकमल प्रकाशन समूह अपने फेसबुक पेज पर एक दिन पहले लेखकों की सूची तैयार कर उनके नाम और उनका समय साझा कर देता है ताकि लोगों को इसकी जानकारी सही समय पर मिल सके. 23 फरवरी से लगातार चल रहे इस सिलसिले में अब तक सौरभ शुक्ला, स्वानंद किरकिरे, अविनाश दास, शिवमूर्ति, गीतांजलि श्री, अल्पना मिश्र, कैलाश वानखेडे, यतीन्द्र मिश्र, कृष्ण कल्पित, हिमांशु वाजपेयी, विनीत कुमार, प्रभात रंजन, अभिषेक शुक्ला, सोपान जोशी, नवीन चौधरी, अनघ शर्मा, उमेश पंत, अशोक कुमार पांडेय, सुजाता, सुधांशु फिरदौस, व्योमेश शुक्ल, चिन्मई त्रिपाठी, हिमांशु पंड्या, दारेन साहिदी जुड़े चुके हैं.

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First published: April 2, 2020, 7:03 PM IST
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