Alkaline Diet Benefits: अल्कलाइन डाइट रखेगी बॉडी को हेल्दी और फिट, जानें कैसे करती है काम

Alkaline Diet Benefits: अल्कलाइन डाइट रखेगी बॉडी को हेल्दी और फिट, जानें कैसे करती है काम
अल्कलाइन डाइट आपके लिए कैसे फायदेमंद है जानें

अल्कलाइन डाइट के फायदे (Alkaline Diet): अल्कलाइन डाइट को एसिड-अल्कलाइन डाइट या अल्कलाइन एश डाइट भी कहा जाता है. यह डाइट आपकी बॉडी का pH लेवल मेंटेन करने में मदद करती है...

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 17, 2020, 10:00 AM IST
  • Share this:
  • fb
  • twitter
  • linkedin
अल्कलाइन डाइट के फायदे (Alkaline Diet): अल्कलाइन डाइट इस बात पर आधारित है कि आप उन खाद्य पदार्थों जोकि आपकी बॉडी में एसिड (अम्ल) का निर्माण करते हैं की जगह अल्कलाइन खाद्य पदार्थों (क्षारीय खाद्य पदार्थों) का सेवन करें ताकि आपकी बॉडी का pH लेवल संतुलन में रहे. जो लोग इस डाइट को फॉलो करते हैं उनका कहना तो यहां तक है कि यह डाइट कैंसर जैसे जानलेवा रोग से लड़ने में भी काफी कारगर है. आइए हेल्थलाइन वेबसाइट के अनुसार जानते हैं कि अल्कलाइन डाइट आपके लिए किस तरह से फायदेमंद है...

क्या है अल्कलाइन डाइट?
अल्कलाइन डाइट को एसिड-अल्कलाइन डाइट या अल्कलाइन एश डाइट भी कहा जाता है. यह डाइट आपकी बॉडी का pH लेवल मेंटेन करने में मदद करती है. pH का मतलब है कि बॉडी में एसिड और अल्कलाइन की मात्रा में संतुलन स्थापित करना. लेकिन कई बार बॉडी में उपा-पाचय सिस्टम (metabolism) जोकि आहार को तोड़कर एनर्जी में बदलता है, ठीक ढंग से काम नहीं करता है. कई बार बॉडी में यह केमिकल रिएक्शन काफी धीमे काम करती है.
इसे भी पढ़ें: रेसिपी: घर पर बनाएं सांबर मसाला, बाजार से अब क्यों लाना



अल्कलाइन डाइट का पक्ष लेने वालों का कहना है कि पाचन के दौरान जो खाना नहीं पच पाता है या जिसे चयापचय अपशिष्ट (metabolic waste) या एश कहा जाता है वो आपकी बॉडी के एसिड या अल्कलाइन (क्षारीयता) पर असर डालता है. अगर आप अल्कलाइन डाइट लेते हैं तो इससे आपकी सेहत काफी बेहतर रहती है और बॉडी में एसिड का निर्माण ज्यादा मात्रा में नहीं होता है. अल्कलाइन डाइट में मुख्य रूप से फल, नट्स, हरी पत्तेदार सब्जियां और जड़े आती हैं.



क्या होता है pH लेवल:
जब हम अल्कलाइन डाइट की बात करते हैं तो pH लेवल को समझना काफी महत्वपूर्ण हो जाता है. दरअसल, pH वो इकाई (मात्रक) है जो यह बताती है कि कोई चीज किसी अल्कलाइन (क्षारीय) या एसिडिक (अम्लीय) है.

pH की रेंज 0–14 के बीच होती है:
एसिडिक: 0.0–6.9
न्यूट्रल : 7.0
अल्कलाइन या बेसिक: 7.1–14.0

पीएच को अगर सीधे तौर समझा जाए तो यह हमारी बॉडी के फ़्लूइड्स और टिशूज़ का एसिड-ऐल्कलाइन रेशियो है. लेकिन जब ये रेशियो गड़बड़ हो जाता है तो बॉडी काफी एसिडिक हो जाती है या फिर ऐल्कलाइन. जब ऐसा होता है तो बॉडी में कई तरह की कमजोरियां और बीमारियां जैसे कि उम्र का तेज़ी से बढ़ना, डीमिनरलाइजेशन, थकान, एन्ज़ाइम की बिगड़ी हुई गतिविधि, सूजन और शरीर के अंगों की क्षति अपने आप ही होने लगती है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.
First published: March 17, 2020, 9:56 AM IST
अगली ख़बर

फोटो

corona virus btn
corona virus btn
Loading