Home /News /lifestyle /

डिप्रेशन और एंजाइटी से बचाता है मशरूम का नियमित सेवन – नई रिसर्च

डिप्रेशन और एंजाइटी से बचाता है मशरूम का नियमित सेवन – नई रिसर्च

मशरूम में मौजूद सेलेनिमय और एर्गोथियोनिन नामक तत्व इम्युनिटी को बढ़ाते हैं. (Image : shutterstock)

मशरूम में मौजूद सेलेनिमय और एर्गोथियोनिन नामक तत्व इम्युनिटी को बढ़ाते हैं. (Image : shutterstock)

mushrooms can lower depression: नए अध्ययन में पाया गया है कि मशरूम के सेवन से एंजाइटी, डिप्रेशन जैसी समस्या दूर हो सकती है.

    mushrooms can lower depression:मशरूम खान में बेहद स्वादिष्ट होता है. इसे लोग मटन की तरह बनाकर खाते हैं. मशरूम सिर्फ खाने में ही स्वादिष्ट नहीं होता बल्कि कई बीमारियों के इलाज में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है.डेलीमेल की खबर के अनुसार मशरूम के सेवन से डिप्रेशन ( depression) यानी अवसाद से पीड़ित होने की आशंका बहुत कम हो जाती है. पेन स्टेट कॉलेज ऑफ मेडिसीन के शोधकर्ताओं ने यह दावा किया है. शोधकर्ताओं ने 2400 लोगों के खान-पान और हेल्थ डाटा के विश्लेषण के आधार पर यह साबित किया है कि जो लोग मशरूम का सेवन करते हैं, उनमें डिप्रेशन जैसी समस्याओं के लक्षण बहुत कम दिखते हैं. लगभग एक दशक के शोध में पाया गया है कि जिन लोगों के खान-पान में मशरूम शामिल नहीं था, उन लोगों को काफी डिप्रेशन झेलना पड़ा.

    इसे भी पढ़ेंः चेहरे पर लगाते हैं साबुन तो बढ़ सकती है एजिंग की समस्‍या, नेचुरल तरीके से करें फेस क्‍लीन

    एंटी-इंफ्लामेटरी गुण
    प्रमुख शोधकर्ता डॉ जोशुआ मस्कट ( Dr Joshua Muscat) ने बताया कि मशरूम खाने से कई और तरह के स्वास्थ्य फायदे हैं. उन्होंने बताया कि मशरूम में एंटी इंफ्लामेटरी एमिनो एसिड पाया जाता है. इसी कारण मशरूम हेल्थ के लिए फायदेमंद है. शोधकर्ता डॉ ड्जीब्रिल बा (Dr Djibril Ba)ने बताया कि मशरूम में एर्गोथियोनिन (ergothioneine) पाया जाता है. यह ऐसा एंटी-इंफ्लामेटरी तत्व है जिसे मनुष्य नहीं बना सकता है. यानी मनुष्य के शरीर में यह एमिनो एसिड नहीं बनता. यह मशरूम में ही पाया जाता है. एर्गोथियोनिन का उच्च स्तर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मददगार है.

    इसे भी  पढ़ें ः कहीं आपको तो नहीं टेस्टोस्ट्रोन इंजेक्शन की ज़रूरत?

    ब्रेन से न्यरॉन के संपर्क को तेज करता है
    इससे पहले के अध्ययन में भी पाया गया था कि मशरूम का सेवन सिजोफ्रेनिया के जोखिम को कम करता है. इसके अलावा बायपोलर डिसऑर्डर और डिप्रेशन के जोखिम को भी कम करने में मददगार है. सफेद मशरूम में अतिरिक्त पोटाशियम पाया जाता है, जो एंजाइटी को दूर करता है. हालांकि शोधकर्ताओं ने यह नहीं बताया कि डिप्रेशन से बचने के लिए किस तरह का मशरूम खाना चाहिए. एक अध्ययन में पाया गया था कि मशरूम में सिलोसाइबिन (Psilocybin) नाम का कंपाउड पाया जाता है, जो ब्रेन में न्यूरॉन के संपर्क की सक्रियता को 10 प्रतिशत तक बढ़ा देता है.

    कैंसर से लड़ने में भी कारगर
    मशरूम में मौजूद सेलेनिमय और एर्गोथियोनिन नामक तत्व इम्युनिटी को बढ़ाते हैं. इसके अलावा मशरूम में विटामिन ए, बी और सी भी भरपूर मात्रा में होता है, जिससे बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है. मशरूम में प्रचूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो हानिकारक फ्री रेडिकल्स से शरीर को प्रोटेक्ट करते हैं. फ्री रेडिकल्स कैंसर का सबसे बड़ा कारण बनते हैं.

    Tags: Health, Health News, Lifestyle

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर