• Home
  • »
  • News
  • »
  • lifestyle
  • »
  • दिवाली २०१९: गोबर के दीयों संग मनाएं Eco Friendly Diwali

दिवाली २०१९: गोबर के दीयों संग मनाएं Eco Friendly Diwali


इको फ्रेंडली दिवाली कैसे मनाएं

इको फ्रेंडली दिवाली कैसे मनाएं

दिवाली २०१९ (Diwali 2019, Diwali, Eco Friendly Diwali):क्यों न इस दिवाली को आप इको फ्रेंडली तरह से मनाने का संकल्प लें..? आइए जानते हैं कि किस तरह मनाएं इको फ्रेंडली दिवाली....

  • Share this:
    दिवाली २०१९ (Diwali 2019, Diwali, Eco Friendly Diwali): दिवाली के त्यौहार में पूरा देश मानो दिये की रौशनी के साथ जगमगा उठता है. यह त्यौहार है बुराई पर अच्छाई की जीत का, सकारात्मकता का, उम्मीद का, प्रेम का और रौशनी का. इस त्यौहार में लोग दिये जलाते हैं. लेकिन पिछले काफी लंबे समय से लोग दिवाली में पटाखे भी जला रहे हैं जिससे कि पर्यावरण काफी दूषित हो जाता है और कई बार तो एयर इंडेक्स इतना गिर जाता है कि सांस लेना भी मुहाल हो जाता है. ऐसे में लोगों को दूषित हवा से बचने के लिए मास्क तक लगाना पड़ता है. पटाखों के अलावा प्लास्टिक, केमिकल युक्त चीजें भी इस प्रदूषण के लिए जिम्मेदार हैं. तो क्यों न इस दिवाली को आप इको फ्रेंडली तरह से मनाने का संकल्प लें..? आइए जानते हैं कि किस तरह मनाएं इको फ्रेंडली दिवाली....

    मिट्टी के दीयों संग मनाएं इको फ्रेंडली दिवाली
    इको फ्रेंडली दिवाली मनाने के तरीके


    दीये से रोशन हो आपकी दिवाली:
    दिवाली... नाम आते ही सबसे पहले जेहन में आता है एक जलता हुआ मिट्टी का दिया. लेकिन आजकल बाजारवाद के चलते चायनीज झालर ने इसकी जगह ले ली है. इस दिवाली चायनीज झालर की जगह मिट्टी के दिए जलाएं. ये पर्यावरण के लिए नुकसानदायक नहीं होते साथ ही बायोडिग्रेडेब भी होते हैं. इन दीयों को ज़्यादातर गरीब तबके के लोग बनाते हैं. जब आप ये दिए खरीदेंगे तभी तो वो भी दिवाली की खुशियां मना पाएंगे. इससे झालर में खर्च होने वाली बिजली की भी बचत होगी.

    इसे भी पढ़ेंः Diwali 2019: इस दिवाली किचन से लेकर कमरों तक की ऐसे करें सजावट

    पटाखों को कहें ना:
    पटाखे जलाने से पर्यावरण काफी दूषित हो जाता है. थोड़े से मस्ती मजे के लिए आप वर्तमान और भविष्य को संकट में डाल सकते हैं क्या? ये सवाल खुद से पूछें. क्या आप चाहेंगे कि आपकी आने वाली पीढ़ियां इस जहरीली हवा में सांस लें या जिंदगी भर मास्क लगा कर घूमें.

    गोबर से बने दीये:
    इको फ्रेंडली दिवाली मनाने के लिए इस बार आप गाय के गोबर से बने दीयों का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. आप इन दीयों से न केवल इस त्यौहार को रोशन कर सकते हैं बल्कि इस्तेमाल के बाद खाद के तौर पर भी इनका इस्तेमाल हो सकता है. सबसे ख़ास बात है कि इन दीयों को जलाने से घर खुशबू से भर जाएगा क्योंकि इन दीयों को बनाने में लेमन ग्रास और मिनट इसेंशियल ऑइल का इस्तेमाल हुआ है.

    गोबर से बने दीयों से बनाएं इको फ्रेंडली दिवाली
    गोबर से बने दीयों से बनाएं इको फ्रेंडली दिवाली


    प्राकृतिक फूलों का करें इस्तेमाल:
    कई बार लोग दिवाली की सजावट में प्लास्टिक के फूलों और मालाओं का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन प्लास्टिक से बनी चीजें पर्यावरण के लिए काफी नुकसानदायक होती हैं. इस दिवाली को इको फ्रेंडली बनाने के लिए प्राकृतिक फूलों का इस्तेमाल करें. इन फूलों से जहां घर खुशबू से भर उठेगा वहीं पूजा के बाद इन फूलों का इस्तेमाल खाद के तौर पर भी किया जा सकता है.

    इसे भी पढ़ेंः Diwali 2019: घर पर पड़ी इन 4 चीजों से करें दिवाली की सफाई, सस्ते में निपटेगा काम

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज