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मां के पेट में पल रहे बच्चे पर वायरस का खतरा?

News18Hindi
Updated: December 4, 2019, 11:51 AM IST
मां के पेट में पल रहे बच्चे पर वायरस का खतरा?
गर्भ में पल रहे भ्रूण तक पहुंच सकता है वायरस

शोधकर्ताओं ने कहा कि कोशिकाएं गर्भनाल से होते हुए भ्रूण तक पहुंचती है, इसलिए यह वायरस के भ्रूण तक पहुंचने का कारण बन सकती हैं.

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  • Last Updated: December 4, 2019, 11:51 AM IST
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सर्दियों के मौसम में होने वाले सामान्य सर्दी-जुकाम का वायरस भी महिलाओं की फैलोपियन ट्यूब (गर्भनाल) से होते हुए अजन्मे बच्चे यानी कि भ्रूण (embryo, fetus) को भी नुकसान पहुंचा सकता है. कुछ समय पहले हुए शोध में यह बात सामने आई है कि गर्भवती महिला को सर्दी-जुकाम होने पर इसका वायरस अजन्मे बच्चे तक भी पहुंच सकता है.

फैलोपियन ट्यूब (गर्भनाल) भ्रूण के लिए ढाल का करती है काम:

अमेरिका की तुलेन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा कि गर्भनाल गर्भावस्था के दौरान प्रहरी की तरह काम करती है और बच्चे तक पोषण और ऑक्सीजन पहुंचती है. साथ ही जीवाणुओं को बच्चे तक पहुंचने से रोकती है और उसके विकास में मदद करती है. गर्भनाल ही बच्चे को मां के शरीर से जोड़ती है.

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पत्रिका प्लस वन में प्रकाशित शोध में कहा गया कि पहले माना जाता था कि गर्भनाल में कोई भी बाहरी चीज नहीं जा सकती. लेकिन, हाल में किए गए शोधों से पता चलता है कि जीका वायरस गर्भनाल की बाधा को पार कर भ्रूण को संक्रमित कर रहे हैं. शोधकर्ता जियोवानी पीडीमोंटे ने कहा, हमारे शोध से पहली बार यह साबित हुआ है कि सामान्य सर्दी-जुकाम का वायरस भी गर्भनाल को पार कर भ्रूण को संक्रमित कर सकता है. इस शोध से पता चलता है कि अगर किसी गर्भवती महिला को सामान्य सर्दी-जुकाम हो जाता है तो वह वायरस मां के साथ-साथ भ्रूण तक भी पहुंच सकता है और जन्म से पहले ही उसे संक्रमित कर सकता है.

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शोधकर्ताओं ने दान किए गए गर्भनाल से तीन प्रमुख कोशिकाओं को निकाला. ये कोशिकाएं साइटोट्रोफोब्लास्ट, स्ट्रोमा फिब्रोब्लास्ट और होफबाउर कोशिकाएं हैं. लैब में शोधकर्ताओं ने इन कोशिकाओं को रिस्पाइरेट्री सिंकेशियल वायरस के संपर्क में रखा. इस वायरस से सर्दी-जुकाम होता है. साइटोट्रोफोब्लास्ट कोशिकाएं इस वायरस को रोकने में कामयाब रहीं, लेकिन स्ट्रोमा फिब्रोब्लास्ट व होफबाउर कोशिकाओं में इस वायरस से संक्रमित होने का खतरा ज्यादा था. शोधकर्ताओं ने कहा कि होफबाउर कोशिकाओं ने वायरस को अपने अंदर फैलाने का मौका दिया. चूंकि यह कोशिकाएं गर्भनाल से होते हुए भ्रूण तक पहुंचती हंै, इसलिए यह वायरस के भ्रूण तक पहुंचने का कारण बन सकती हैं.
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(एजेंसी-भाषा)

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First published: December 4, 2019, 8:02 AM IST
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