लाइव टीवी

यहां मौत का ट्रायल होता है ताकि लोग जिंदगी का सबक सीख सकें


Updated: November 8, 2019, 12:51 PM IST
यहां मौत का ट्रायल होता है ताकि लोग जिंदगी का सबक सीख सकें
Howlon_Healing-Centre

दक्षिण कोरिया के ह्योवोन हीलिंग सेंटर (Hyowon Healing Centre Korea) में 2012 से अब तक 25000 से ज्यादा लोग सामूहिक अंतिम संस्कार (Mass Funeral) के जरिए अपनी मौत को करीब से अनुभव (Experience Death before it comes) कर चुके हैं. इससे कई लोगों को अपना जीवन बेहतर करने में मदद मिली है.

  • Last Updated: November 8, 2019, 12:51 PM IST
  • Share this:
सिओल. कहते इंसान अपनी मौत के करीब आकर ही जिंदगी को सबसे अच्छे से (Real Meaning of Life) समझ सकता है. यही वजह है कि दक्षिण कोरिया (South Korea) में जीवित लोगों को अपना अंतिम संस्कार अनुभव (Self Funeral Experience) करने की निशुल्क सेवा दी जा रही है. दक्षिण कोरिया के ह्योवोन हीलिंग सेंटर (Hyowon Healing Centre Korea) में 2012 से अब तक 25000 से ज्यादा लोग सामूहिक अंतिम संस्कार (Mass Funeral) के जरिए अपनी मौत को करीब से अनुभव (Experience Death before it comes) कर चुके हैं. इससे कई लोगों को अपना जीवन बेहतर करने में मदद मिली है.

समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक 75 वर्षीय चो-जे-हे भी ह्योवोन हीलिंग सेंटर में अपने अंतिम संस्कार का अनुभव कर चुके हैं. उनका मानना है कि अपनी मौत को लेकर सचेत होने के बाद जिंदगी के प्रति लोगों का नजरिया बदल जाता है. चो-जे-हे इस संस्था के 'डाइंग वेल' कार्यक्रम के दौरान अपने अंतिम संस्कार को अनुभव किया था.

टीनेजर से लेकर रिटायर हो चुके लोगों तक इस कार्यक्रम में कई लोगों ने हिस्सा लिया था. कार्यक्रम के दौरान ताबूत के अंदर 10 मिनट बिताने का अनुभव लोगों को सबसे ज्यादा झकझोरने वाला रहा. इसके अलावा सभी ने अपनी वसीयत पर भी दस्तखत किए और खुद के अंतिम संस्कार की तैयारियों को फोटो भी खींचे.

Howlon_Healing-Centre2
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 2016 में, दक्षिण कोरिया की आत्महत्या दर 20.2 प्रति 1,00,000 व्यक्ति की थी.


कॉलेज छात्र 28 वर्षीय चोई जिन-क्यू ने ताबूत के अंदर रहने के दौरान हुए अनुभव साझा किए. उन्होंने कहा कि वो अक्सर दूसरों से प्रतिस्पर्धा करते थे लेकिन ताबूत के अंदर जाने बाद यह सब बेफिजूल लगा. जीवन में लोगों से जलन और प्रतिस्पर्धा से कुछ हासिल नहीं होने वाला.

ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकॉनामिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट की हालिया रिपोर्ट बताता है कि बेहतर जीवन सूचकांक में शामिल 40 देशों में से दक्षिण कोरिया का स्थान 33वां है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 2016 में, दक्षिण कोरिया की आत्महत्या दर 20.2 प्रति 1,00,000 व्यक्ति की थी. जबकि वैश्विक औसत इसकी लगभग आधी यानी 10.53 रही.

Howlon_Healing-Centre1
सभी ने अपनी वसीयत पर भी दस्तखत किए और खुद के अंतिम संस्कार की तैयारियों को फोटो भी खींचे.

Loading...

फ्यूनरल कंपनी ह्योवोन के प्रमुख जियोंग योंग-मुन ने बताया कि उनकी संस्था ने लोगों को जीवन का महत्व समझाने के लिए निशुल्क अंतिम संस्कार करवाना शुरू किया था. इसके जरिए लोग अपने जानने वाले, दोस्तों और परिवार के लोगों से माफी मांग कर दोबारा बेहतर रिश्ते बना रहे हैं.

मुन ने कहा कि हम इस दुनिया में हमेशा के लिए नहीं है इसलिए यह अनुभव महत्वपूर्ण है. मुन अंतिम संस्कार के लिए ऐसे लोगों को प्राथमिकता देते हैं जो अपने जीवनकाल में कभी-न-कभी आत्महत्या का विचार कर चुके हैं. ये लोग जिंदगी से सामंजस्य स्थापित कर अपना बचा हुआ जीवन बेहतर कर सकते हैं.

ये भी पढ़ें:

चीन ने बच्चों में ऑनलाइन गेमिंग की लत छुड़ाने के लिए उठाया ये कदम 

अब मौत से 24 घंटे पहले ही सुनाई दे जाएगी उसकी आहट, पहाड़ों में बचेंगी हजारो जानें 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लाइफ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 8, 2019, 12:51 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...