इस सब्जी के हैं नाम अनेक लेकिन खाएंगे तो कहेंगे एक ही बात 'वाह'

सूरन के बारे में ख़ास बातें जानें (credit: instagram/nutritionistroshni)

सूरन के बारे में ख़ास बातें जानें (credit: instagram/nutritionistroshni)

Facts about elephant foot yam- सूरन का ओरिजिन भारत ही माना जाता था लेकिन सन 2017 में नए वैज्ञानिक तथ्यों के आने के बाद आइलैंड साउथइस्ट एशिया का नाम सामने आया. इसके औषधीय गुणों के कारण इसका प्रयोग काफी सयम से होता आया है.

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  • Last Updated: March 26, 2021, 1:45 PM IST
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(विवेक कुमार पांडेय)

Facts about elephant foot yam- तो जैसा कि मैं कोशिश करता हूं कि आपको अपने उन खानों की याद दिलाई जाए जो हमारे किचन से लगभग गायब ही हो चुके हैं. जिनकी पौष्टिकता तो कमाल की होती है लेकिन उनका स्वाद भी शानदार होता है. इसी कड़ी में इस बार में चर्चा कर रहा हूं 'सूरन' या 'जिमिकंद' (elephant foot yam) की. यह एक शानदार सब्जी का विकल्प है. भारत के लगभग हर क्षेत्र में यह पारंपरिक खाने में शामिल है.

ओरिजिन को लेकर तथ्य:

पहले तो सूरन का ओरिजिन भारत ही माना जाता था लेकिन सन 2017 में नए वैज्ञानिक तथ्यों के आने के बाद आइलैंड साउथइस्ट एशिया का नाम सामने आया. हालांकि भारत में लंबे समय से इसका इस्तेमाल होता है. यहां तक की भारतीय ग्रंथों और वेदों में भी इसका जिक्र काफी है. इसके औषधीय गुणों के कारण इसका प्रयोग काफी सयम से होता आया है.
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नाम भी हैं मजेदार:

वैसे तो सूरन या जिमिकंद देश के हर हिस्से में इस्तेमाल होता है लेकिन इसके नाम बिल्कुल अलग हैं. ऐसे में अगर आपने अपने इलाके का नाम किसी दूसरे स्थान पर ले लिया तो शायद कोई समझ ही नहीं पाएगा कि आप कौन सी सब्जी खाना चाहते हैं. बंगाल में इसे ओल कहते हैं जबकि यूपी और गुजरात में सूरन, छत्तीसगढ़ में जिमिकंद, त्रिपुरा में बाटेमा और दक्षिणी भारत (केरल) में चेना के नाम से जानते हैं.



इसके 'बराबर' कुछ भी नहीं:

इसे कई ढंग से खाया जाता है. जैसे रस्से वाली सब्जी बना कर, चोखा बना कर और साथ ही चटनी और अचार बना कर भी. बिहार में बनने वाली एक खास सूरन की चटनी को 'बराबर' कहते हैं. यह नाम इसलिए पड़ा है क्योंकि इसमें आम, अदरख और सूरन बराबर मात्रा में डालकर बनाया जाता है.

आपके शरीर पर इसके लाभ:

यह एक बहुत ही पौष्टिक सब्जी है. यह एक तरफ जहां पाचन शक्ति बढ़ाती है वहीं त्वाचा के स्वास्थ्य के लिए भी यह बेहतर है. जो लोग वजन कम करना चाहते हैं उनके लिए यह सहायक है. साथ ही इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन, मिनिरल्स और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कई गंभीर बीमारियों से लोगों की रक्षा करते हैं. उत्तर भारत में दीपावली के समय पर इसकी मांग खूब बढ़ जाती है.

तो आप भी लाइफ स्टाइल में सूरन यानि जिमिकंद को शामिल करें और अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें.
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