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दिन में मटन तरीवाला और बिरयानी, शाम ढले मटन चाप और टिक्का, आजाद मार्केट में ‘सरदार जी मीट वाला’ पर आकर खाएं

दिन में मटन तरीवाला और बिरयानी, शाम ढले मटन चाप और टिक्का, आजाद मार्केट में ‘सरदार जी मीट वाला’ पर आकर खाएं

‘सरदारजी मीट वाला’ (Sardar Ji Meat Wala) पर बकरे का मीट ही परोसा जाता है.

‘सरदारजी मीट वाला’ (Sardar Ji Meat Wala) पर बकरे का मीट ही परोसा जाता है.

Famous Non Veg Food Outlets In Delhi: पुरानी दिल्ली (Old Delhi) के आजाद मार्केट में ‘सरदारजी मीट वाला’ (Sardar Ji Meat Wala) नाम से पुरानी दुकान है. इस दुकान को मांसाहारियों के लिए जन्नत का दरवाजा समझा जाता है. यहां बकरे का मीट ही परोसा जाता है. यहां दिन में मटन तरीवाला, बिरयानी और बहुत कुछ मिलेगा और शाम को मटन चाप, टिक्का जैसे खांटी नॉनवेज चीजें मिलती हैं.

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(डॉ. रामेश्वर दयाल)

Famous Non Veg Food Outlets In Delhi: दिल्ली (Delhi) में कुछ ऐसे ठिए और दुकानें हैं जो मांसाहारियों के लिए ही बनी हैं. शाकाहारियों का इन ठियों पर प्रवेश वर्जित है. कारण, यहां न आपको छोले-कुलचे मिलेंगे और न ही कचौड़ी. न पनीर कुलचा होगा और न ही आलू समोसा. यहां तो जो भी कुछ मिलेगा, वह नॉनवेज वालों का दिल जीत लेगा. यहां मटन का सूप होगा तो मटन की करी और कीमा कलेजी भी. इन दुकानों से उड़ती गंध मांसाहारियों को मादक बना देती है और वे बेहाल से यहां खींचे चले आते हैं.

दूसरी ओर इन दुकानों के पास से अगर कोई शाकाहारी बंदा गुजर जाए तो उसका जी हलकान हो जाए और उसे ऐसा लगे कि वह गश खाकर न गिर जाए. असल में ये दुकानें शाकाहारी और मांसाहारी लोगों के लिए मशहूर शायर मिर्जा ग़ालिब के शेर की इस लाइन कि “इमां मुझे रोके है, तो खींचे है मुझे कुफ्र” जैसी दुविधा पैदा करती हैं. फिलहाल बात नॉनवेज (Non veg) की हो रही है तो आप हम आपको ऐसी मशहूर दुकान पर ले चल रहे हैं, जहां दिन में आपको मटन तरीवाला, बिरयानी और बहुत कुछ मिलेगा और जैसे ही दिन ढलेगा, वहां मटन चाप, टिक्का जैसे खांटी नॉनवेज आइटम आपको आकर्षित करेंगे.

मटन सूप से शुरू कीजिए और मटन करी व बिरयानी पर खत्म कीजिए

पुरानी दिल्ली (Old Delhi) के आजाद मार्केट इलाका तिरपाल, प्लास्टिक शीट जैसे आइटमों का थोक व रिटेल बाजार है. इसी मार्केट में ‘सरदारजी मीट वाला’ (Sardar Ji Meat Wala) नाम से पुरानी दुकान है. दुकान क्या है बस मान लीजिए कि मांसाहारियों के लिए जन्नत का दरवाजा है. वो इसलिए कि नॉनवेज के नाम पर यहां बकरे का मीट ही परोसा जाता है, चिकन और फिश के आइटमों से यह दुकान तौबा करती है. असल में यह दुकान दो शिफ्टों में चलती है. दोपहर (लंच) की शिफ्ट में यहां आपको जो आइटम मिलेंगे, वह खासा ललचा सकते हैं. इनमें मटर सूप से लेकर मटन से जुड़े जो भी खांटी व्यंजन चाहिए, वह हाजिर है. पहले मटन सूप निपटा लीजिए. 50 रुपये का इसका गरमा-गरम गिलास आपकी भूख खोल देगा. उसके बाद आप मटन बिरयानी (पुलाव) नौश फरमाएं.

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260 रुपये की प्लेट में मटन की दो बोटी और ढेर सारे चावल, साथ में कटी प्याज व हरी चटनी मजा बांध देगी. अगर आप चाहते है कि आज तो फुल नॉनवेज मील निपटा लिया जाए तो मटन तरी का मजा उठाएं. गाढ़ी तरी में लिपटी गोश्त की बोटियां और साथ में तंदूरी रोटी आपके दिल-दिमाग और पेट को नानवेज से सराबोर कर देगी. यह आइटम भी 260 रुपये की है. तंदूरी रोटी 10 रुपये की एक है. इसके अलावा दुकान पर मटन तरी व राइज (160 रुपये) व कीमा कलेजी (250 रुपये) का भी आनंद उठाया जा सकता है. खाने वाले इतने आते हैं कि दोपहर 1 बजे से शुरू हुआ यह खाना शाम होने से पहले 4:30 बजे तक निपट जाता है.

तवे पर फ्राई होते मटन वाले आइटम दिल-दिमाग का ताला खोल देते हैं

जैसे ही शाम ढलती है, दुकान पर तवे से जुड़े नॉनवेज आइटम शुरू हो जाते हैं. यानी तरी का काम खत्म. अब आप शुद्ध नॉनवेज का मजा लीजिए. इनमें दुकान का सबसे मशहूर मटन का मगज (भेजा फ्राई) है. तवे पर टमाटर, अदरक-लहसुन-प्याज, मिर्च का पेस्ट फ्राई किया जाता है, अच्छी तरह पकने पर उस पर मगज डाल दिया जाता है. छन-छन कर आवाज आती है और तड़कती गंध उड़ती रहती है. इसे मसाला रोटी (तवे पर मसाला डालकर रोटी को सेंकना) के साथ खाइए. मजा ही मजा है. इसके अलावा दुकान पर मटन चाप, मटन टिक्का, कलेजी और मटन सींक कबाब भी मिलेगा. ये सभी गाढ़े मसाले में तवे पर फ्राई किए जाते हैं. इनका स्वाद खासा तीखा और चटपटा होता है. लेकिन खाने वालों की कमी नहीं है. यह सारे आइटम 170 रुपये से लेकर 210 रुपये के बीच हैं.

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पंजाबी व पेशावरी स्वाद को जोड़कर निखरता है इन व्यंजनों का स्वाद

इस दुकान को वर्ष 1980 में दो सरदार भाइयों इंद्रजीत सिंह ने शुरू किया था. इन्होंने अपने नॉनवेज आइटमों को पंजाबी और पेशावरी स्वाद से मिलाकर बनाया. गाढ़ा और मसालेदार. इन आइटमों में गरम मसाले खूब डाले जाते हैं, इसलिए यहां के खाने का स्वाद कुछ हटकर होता है. अब इन दोनों भाइयों के बेटे कुलजीत सिंह, मनिंदर सिंह व इंद्रपाल सिंह साथ में मेहनत कर रहे हैं. उनका कहना है कि हमने अपने स्वाद को निखालिस नॉनवेट वाला रखा. आप चाहें तरी खाएं या चावल. सबके अंदर नॉनवेज की महक आएगी. रात 9:30 बजे तक भी तवे के आइटम निपट जाते हैं. मंगलवार को पूरे दिन इस दुकान पर राजमा चावल मिलता है.

नजदीकी मेट्रो स्टेशन: पुलबंगश

Tags: Food, Lifestyle, Street Food

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