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मेरा प्रेम तो पलता है तुम्हारे प्रेम से, पढ़ें पाब्लो नेरूदा की कविताएं

मेरा प्रेम तो पलता है तुम्हारे प्रेम से, पढ़ें पाब्लो नेरूदा की कविताएं

पाब्लो नेरूदा की कविताएं

पाब्लो नेरूदा की कविताएं

पाब्लो नेरूदा की कविताएं (Pablo Neruda Poems): तुम्हारे लिए मैं पसंद करूंगा ख़ामोशी, तब जबकि तुम अनुपस्थित हो, और सुन सकती हो मुझे कहीं दूर से...

    पाब्लो नेरूदा की कविताएं (Pablo Neruda Poems): पाब्लो नेरूदा एक बहुआयामी कवि थे. पाब्लो नेरूदा ने प्रेम, विरह, खामोशी, जीवन के कड़वी वास्तविकता को बयां करती हुई ऐसी कई कविताएं लिखीं जोकि काफी प्रसिद्ध हैं. पाब्लो नेरूदा ने अंग्रेजी भाषा में कविताएं लिखीं. बाद में विभिन्न लेखकों द्वारा उन्हें हिंदी सहित कई भाषाओं में अनुवादित किया गया. पाब्लो नेरूदा का वास्तविक नाम नेफ्ताली रिकार्दो रेइस बासोल्ता था. पाब्लो नेरूदा का जन्म अर्जेन्टीना के चिली के पराल में हुआ था. अपनी सर्व लोकप्रिय रचनाओं के लिए नेरुदा को वर्ष 1971 में साहित्य का नोबेल पुरस्कार भी मिला. आज हम आपके लिए कविता कोश के सभार से लाए हैं पाब्लो नेरूदा की कुछ कविताएं...

    तुम्हारे लिए मैं पसंद करूंगा ख़ामोशी...

    तुम्हारे लिए मैं पसंद करूंगा ख़ामोशी
    तब जबकि तुम अनुपस्थित हो
    और सुन सकती हो मुझे कहीं दूर से
    जबकि मेरी आवाज़ स्पर्श नहीं कर सकती तुम्हें
    प्रतीत होता है जैसे तुम्हारी आंखें कहीं उड़ गई थीं
    और एक चुम्बन ने मोहर जड़ दी थी तुम्हारे ओठों पर
    जैसे मेरी आत्मा के साथ ये सब भरा है
    और इनमें से उभरना होता है तुम्हें
    तुम मेरी आत्मा सरीखी हो
    एक तितली स्वप्न की
    और तुम हो उस शब्द जैसी : गहन उदासी

    तुम्हारे लिए मैं पसंद करूँगा ख़ामोशी
    लगता है बहुत दूर हो तुम
    ये आवाज़ ऐसी है जैसे तुम रो रही हो
    एक तितली कपोत सम कूं उठी हो
    और तुम दूर से सुन रही होती हो मुझे
    जबकि मेरी आवाज़ पहुँच नहीं सकती तुम तक
    मुझे आ जाने दो अपनी चुप्पी में चुप रहने के लिए
    और बतियाने दो मुझे तुम्हारे मौन से
    ये चमकीला है कंदील जैसा
    साधारण है एक छल्ले जैसा
    तुम एक रात की तरह हो
    जो होती है अपने सन्नाटे और नक्षत्रों के साथ
    तुम्हारी ख़ामोशी उस सितारे की तरह है
    जो सुदूर है पर साफ़
    तुम्हारे लिए मैं पसंद करूँगा ख़ामोशी
    तब जबकि तुम नहीं हो
    बहुत दूर और भरपूर गम से
    और मर चुकी हो
    फिर भी एक शब्द, एक मुसकान पर्याप्त है
    और मैं ख़ुश हूँ;
    ख़ुश जो सच नहीं .

    अँग्रेज़ी से अनुवाद : अपर्णा मनोज

    जो तुम भूल जाओ मुझे...

    मैं चाहता हूँ कि ये जान लो तुम

    तुम्हें क्या ख़बर कि इस ओर हालत क्या है :
    गर मैं देखता हूँ चमकीले चाँद को,
    या देखता हूँ अपनी खिड़की पर धीमे पतझड़ की लाल शाख को,
    गर मैं छू लूँ आग के नज़दीक बिखरी राख को
    या लकड़ी के सिकुड़े जिस्म को,
    तो ये हर चीज़ मुझे तुम तक ले जाती है,
    जैसे कि, ख़ुशबुएँ, रौशनी, धातुएँ, और हर शय
    कोई छोटी नाव हो, जो
    ले जाती है मुझे तुम्हारे उन टापूओं की ओर
    जो बैठे हैं मेरी प्रतीक्षा में

    खैर...
    गर धीरे-धीरे तुम अब न चाहो मुझे
    तो मैं भी तुमसे चाहत छोड़ दूँगा धीरे-धीरे

    गर कभी अचानक
    तुम मुझे भूल जाओ
    तो फिर तलाश भी न करना मुझे
    क्योंकि तब तक मैं भी भुला दूँगा तुम्हें

    गर मेरे जीवन में हवाओं की तरह बहती
    ये अतीत की परछाइयाँ, उनके सिलसिले
    तुम्हें लगते हों बहुत लम्बे.. या लगे मेरा दीवानापन,
    और तुम कर लो फ़ैसला
    मुझे दिल के साहिल पर छोड़ जाने का,
    जहाँ जमा हैं मेरी जड़ें..
    तो जान लो कि उसी दिन,
    उसी वक़्त
    मैं हटा लूँगा अपनी बाहें
    और मेरी जड़ें भी निकल पड़ेंगी
    दूसरी ज़मीन की तलाश में .

    लेकिन
    गर हर दिन,
    हर वक़्त,
    एक अतृप्त मीठे एहसास की तरह
    तुम महसूस करो कि हमारी क़िस्मत में लिखा है एक-दूजे का साथ,
    गर हर दिन मुझे सोचते हुए एक फूल खिल जाए तुम्हारे होंठों पर,
    आह मेरे प्रेम.. मेरे अपने,
    तो मुझमें फिर से जल उठेगा वही शोला
    न कुछ बुझा होगा मेरे अन्दर ना ही कुछ भुलाया होगा मैंने,
    प्रिये ! मेरा प्रेम तो पलता है तुम्हारे प्रेम से
    इसलिए जब तलक तुम हो,
    ये प्रेम भी रहेगा तुम्हारी बाँहों में
    मेरी बाँहों के साथ .

    भावना मिश्र द्वारा अँग्रेज़ी से अनूदित

    शायद हमारे पास वक़्त है...

    शायद हमारे पास अभी भी वक़्त है
    सही होने और सही बन पाने के लिए
    गई रात सच की मौत हो गई
    एक सबसे ज़्यादा बेवक़्त मौत
    यूँ तो इसे हर कोई जानता है
    लेकिन सब ऐसे बन रहे हैं गोया इसे जानते नहीं
    किसी ने भी उसे फूल नहीं भेजे
    अब यह मर चुका है और कोई नहीं रोता

    दफ़न होने के ज़रा-सा पहले
    दुःख और भूलने के दरम्यान
    हो सकता है कि हमारे पास मौक़ा हो
    हमारी ज़िन्दगी और मौत का
    गली-गली घूमने का
    एक समुद्र से दूसरे समुद्र जाने का
    एक बन्दरगाह से दूसरे बन्दरगाह जाने का
    एक पहाड़ से दूसरे पहाड़ जाने का
    और इन सबके अलावा हर एक आदमी के पास जाने का
    यह पता लगाने के लिए कि क्या इसे हमने मारा है
    या दूसरे लोगों ने यह किया है
    अगर हमारे दुश्मनों ने या हमारे अज़ीज़ों ने यह जुर्म किया है
    जिसकी वज़ह से सच की मौत हुई है
    तो हम अभी भी इंसाफ़ पसन्द द हो सकते हैं

    सन्दिग्ध क्षमता वाले हथियारों से जँग लड़ने
    और अपने को घायल करने के पहले
    हम भूल गए
    कि हम किस ख़ातिर लड़ रहे थे
    हमें यह तक पता नहीं था
    कि वह किसका ख़ून था जिसने हमें कफ़न ओढ़ाया था
    हमने बेहिसाब आरोप लगाए
    बेहिसाब आरोप हम पर लगे
    उन्होंने तकलीफ़ सही, हमने तकलीफ़ सही
    और आख़िर में वे जीत गए
    और हम भी जीत गए
    सच की मौत हो चुकी थी
    हिंसा या पुरानी उम्र के लिए
    अब करने को कुछ बाक़ी नहीं है
    हम सब जँग हार चुके हैं

    लिहाज़ा मेरा ख़याल है कि शायद
    अन्त में हम इंसाफ़ पसन्द हो सकते हैं
    या अन्त में हम कम से कम अपने वजूद में रह सकते हैं
    हमारे पास यह आख़िरी लम्हा है
    और फिर कभी ऐसा मौक़ा न मिलेगा
    अपने होने के लिए, वापसी के लिए

    अँग्रेज़ी से अनुवाद : विनोद दास

    सीधी-सी बात...

    शक्ति होती है मौन (पेड़ कहते हैं मुझसे)
    और गहराई भी (कहती हैं जड़ें)
    और पवित्रता भी (कहता है अन्न)

    पेड़ ने कभी नहीं कहा :
    'मैं सबसे ऊँचा हूँ !'

    जड़ ने कभी नहीं कहा :
    'मैं बेहद गहराई से आई हूँ !'

    और रोटी कभी नहीं बोली :
    दुनिया में क्या है मुझसे अच्छा'

    अँग्रेज़ी से अनुवाद : मंगलेश डबराल

    ना होना शायद तुम्हारे साथ ना होना है...

    ना होना शायद तुम्हारे साथ ना होना है,
    बिना तुम्हारे चल पड़ने के, एक नीले फूल की मानिन्द
    धूप को चीरते हुए, और फिर आँखों से ओझल हो जाना
    पथरीली पगडण्डी से कोहरे के पार,

    तुम्हारे हाथ में उस दीये के बिना
    सिर्फ़ मेरी नज़रों में जो सुनहरा है,
    और किसी को पता नहीं
    गुलाब की कलियों में से खिल उठा है,

    और सबसे बड़ी बात, तुम्हारे होने, तुम्हारे आए बिना
    अचानक उमड़कर मेरी ज़िन्दगी को पहचानते हुए
    गुलाब के पौधे से, गेंहू की खेत से छनती हवा की तरह :

    और इसका मतलब कि मैं हूं, चूंकि तुम हो.
    तुम्हारे होने से मैं हूं, और हम हैं
    और प्यार की ख़ातिर, तुम्हें, मुझे,
    हमें, होना है, हम होंगे.

    अँग्रेज़ी से अनुवाद : उज्ज्वल भट्टाचार्यundefined

    Tags: Book, Lifestyle

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