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Shayari: 'ख़ुदा के घर भी न जाएंगे बिन बुलाए हुए', शायरों का है अंदाज़े-बयां कुछ और

शायरी: 'मुझसे हर वक़्त मुख़ातिब रही ग़ैरत मेरी.' Image/shutterstock

Shayari: शायरों ने अपने कलाम में जहां इश्‍क़ की बात की है, वहीं ख़ुद्दारी से लबरेज़ जज्‍़बात को भी अल्‍फ़ाज़ में पिरोया है. शेरो-सुख़न (Shayari) की इस दुनिया में बेहद ख़ूबसूरत शब्‍दों से जज्‍़बात (Emotion) तराशे गए हैं...

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    Shayari: शायरी दिल की आवाज़ है या महबूब की ज़ुल्‍फ़ों का पेंचोख़म. जो भी है इनके ज़रिये दिल की बात लबों तक आती है. या कहें कि शायरी हाले-दिल बयां करने का एक खूबसूरत ज़रिया है. शेरो-सुख़न (Shayari) की इस दुनिया में जहां इश्‍क़ो-मुहब्‍बत (Love) से लबरेज़ जज्‍़बात (Emotion) मि‍लते हैं, वहीं ख़ुद्दारी या आत्मसम्मान पर भी शायरों ने अपना नज़रिया पेश किया है. आम आदमी हो या शायर सबके लिए ख़ुद्दारी की बहुत अहमियत है. यही वजह है कि शायरों ने अपने कलाम में इसे भी जगह दी है और ख़ूबसूरत शब्‍दों में क़लमबंद किया है. आज शायरों के ऐसे ही बेशक़ीमती कलाम से चंद अशआर के मोती आपकी नज़र हैं. शायरों के ऐसे अशआर जिसमें बात 'ख़ुद्दारी' की हो और दिल की कैफियत का जिक्र हो. आप भी इन बेशक़ीमती अशआर का लुत्‍़फ़ उठाइए...

    किसी रईस की महफ़िल का ज़िक्र ही क्या है
    ख़ुदा के घर भी न जाएंगे बिन बुलाए हुए
    अमीर मीनाई

    मैं तेरे दर का भिकारी तू मेरे दर का फ़क़ीर
    आदमी इस दौर में ख़ुद्दार हो सकता नहीं
    इक़बाल साजिद

    ये भी पढ़ें - 'उस वक़्त का हिसाब क्या दूं', शायरों के कलाम के कुछ रंग और...

    वक़्त के साथ बदलना तो बहुत आसां था
    मुझसे हर वक़्त मुख़ातिब रही ग़ैरत मेरी
    अमीर क़ज़लबाश

    दुनिया मेरी बला जाने महंगी है या सस्ती है
    मौत मिले तो मुफ़्त न लूं हस्ती की क्या हस्ती है
    फ़ानी बदायूंनी

    जिस दिन मेरी जबीं किसी दहलीज़ पर झुके
    उस दिन ख़ुदा शिगाफ़ मेरे सर में डाल दे
    कैफ़ भोपाली

    गर्द-ए-शोहरत को भी दामन से लिपटने न दिया
    कोई एहसान ज़माने का उठाया ही नहीं
    हसन नईम

    ये भी पढ़ें - 'न हो निगाह में शोख़ी तो दिलबरी क्या है', मुहब्‍बत से लबरेज़ अशआर...

    इज़्न-ए-ख़िराम लेते हुए आसमां से हम
    हट कर चले हैं रहगुज़र-ए-कारवां से हम
    असरार-उल-हक़ मजाज़

    (साभार/रेख्‍़ता)
    Published by:Naaz Khan
    First published: