Shayari: 'मुस्कुरा कर तुमने देखा दिल तुम्हारा हो गया', पढ़ें इश्‍क़ से महकते अशआर...

शायरी: 'मैं हूं दिल है तन्हाई है...' Image/shutterstock

Shayari: उर्दू शायरी (Urdu Shayari) में हर जज्‍़बात को ख़ूबसूरती के साथ बयान किया गया है. फिर बात चाहे इश्‍क़ (Love) की हो या फिर दिल (Heart) का फ़साना दिल को सुनाना हो...

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    Shayari: शेरो-सुख़न की दुनिया भी बहुत में हर जज्‍़बात को बहुत ख़ूबसूरती के साथ काग़ज़ पर उकेरा गया है. बात चाहे इश्‍क़ो-मुहब्‍बत (Love) की हो या समाज के किसी और मसले पर क़लम उठाई गई हो. शायरी (Shayari) में हर बात को ख़ूबसूरती के साथ बयान किया गया है. यही वजह है कि शायरों के यहां एक से बढ़ कर एक कलाम हमारी नजरों से गुज़रते हैं. जिनमें बेक़रारी भी होती है और मुहब्‍बत की कसक भी महसूस होती है. आज शायरों के ऐसे ही बेशक़ीमती कलाम से चंद ख़ूबसूरत अशआर पेश‍ किए जा रहे हैं. शायरों के ऐसे अशआर जिसमें बात 'दिल' की हो. आप भी इन दिलकश कलाम का लुत्‍फ़ उठाइए...

    दुनिया की महफ़िलों से उकता गया हूं या रब
    क्या लुत्फ़ अंजुमन का जब दिल ही बुझ गया हो
    अल्लामा इक़बाल

    उल्फ़त में बराबर है वफ़ा हो कि जफ़ा हो
    हर बात में लज़्ज़त है अगर दिल में मज़ा हो
    अमीर मीनाई

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    दिल की वीरानी का क्या मज़कूर है
    ये नगर सौ मर्तबा लूटा गया
    मीर तक़ी मीर

    दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है
    लम्बी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
    फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

    तुम्हारा दिल मेरे दिल के बराबर हो नहीं सकता
    वो शीशा हो नहीं सकता ये पत्थर हो नहीं सकता
    दाग़ देहलवी

    आप पहलू में जो बैठें तो संभल कर बैठें
    दिल-ए-बेताब को आदत है मचल जाने की
    जलील मानिकपुरी

    हमने सीने से लगाया दिल न अपना बन सका
    मुस्कुरा कर तुम ने देखा दिल तुम्हारा हो गया
    जिगर मुरादाबादी

    ज़िंदगी किस तरह बसर होगी
    दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में
    जौन एलिया

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    दिल भी पागल है कि उस शख़्स से वाबस्ता है
    जो किसी और का होने दे न अपना रक्खे
    अहमद फ़राज़

    आप दौलत के तराज़ू में दिलों को तौलें
    हम मोहब्बत से मुहब्बत का सिला देते हैं
    साहिर लुधियानवी

    कह दो इन हसरतों से कहीं और जा बसें
    इतनी जगह कहां है दिल-ए-दाग़-दार में
    बहादुर शाह ज़फ़र

    मैं हूं दिल है तन्हाई है
    तुम भी होते अच्छा होता
    फ़िराक़ गोरखपुरी

     (साभार/रेख्‍़ता)

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