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Shayari:'बच्चों के छोटे हाथों को चांद सितारे छूने दो' शायरी और बचपन

कागज भी हमारे पास है,
कलम भी हमारे पास है,
लिखूं तो क्या लिखूं जनाब,
ये दिल तो आपके पास है!
Happy Valentines day 2021

कागज भी हमारे पास है, कलम भी हमारे पास है, लिखूं तो क्या लिखूं जनाब, ये दिल तो आपके पास है! Happy Valentines day 2021

Shayari: शायरी (Urdu Shayari) में हर विषय पर क़लम उठाई गई है. इसमें बचपन की यादें हैं, तो जवानी के किस्‍से भी हैं. इसमें जिंदगी (Life) का हर रंग मौजूद है...

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    Shayari: उर्दू शायरी (Urdu Shayari) इश्‍क़ से लबरेज़ कलाम है. इसमें बचपन की बात है, तो जवानी का जिक्र भी है. इसमें मुहब्‍बत की टीस महसूस होती है, तो ख़ुशी के तराने भी मिलते हैं. शायरों ने हर विषय पर क़लम उठाई है. फिर चाहें मुहब्‍बत (Love) की बात हो, वफ़ा का जिक्र हो या फिर इससे जुदा कोई जज्‍़बात (Emotion) ही क्‍यों न हों. शायरी जज्‍़बात का आईना है. इसमें दर्द है, तो ख़ुशी भी है. इसी तरह शायरी में शिकवे-शिकायतों की अपनी एक जगह और एक अलग लुत्फ़ है. आज हम शायरों के ऐसे ही बेशक़ीमती कलाम से चंद अशआर आपके लिए लेकर हाजिर हुए हैं. शायरों के ऐसे कलाम जिसमें आज बात 'बचपन' की और इसकी गुजर चुकी यादों की हो. आप भी इसका लुत्‍फ़ उठाइए.

    बच्चों के छोटे हाथों को चांद सितारे छूने दो
    चार किताबें पढ़ कर ये भी हम जैसे हो जाएंगे
    निदा फ़ाज़ली

    उड़ने दो परिंदों को अभी शोख़ हवा में
    फिर लौट के बचपन के ज़माने नहीं आते
    बशीर बद्र

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    मेरे रोने का जिस में क़िस्सा है
    उम्र का बेहतरीन हिस्सा है
    जोश मलीहाबादी

    मेरा बचपन भी साथ ले आया
    गांव से जब भी आ गया कोई
    कैफ़ी आज़मी

    दुआएं याद करा दी गई थीं बचपन में
    सो ज़ख़्म खाते रहे और दुआ दिए गए हम
    इफ़्तिख़ार आरिफ़

    किताबों से निकल कर तितलियां ग़ज़लें सुनाती हैं
    टिफ़िन रखती है मेरी मां तो बस्ता मुस्कुराता है
    सिराज फ़ैसल ख़ान

    चुप-चाप बैठे रहते हैं कुछ बोलते नहीं
    बच्चे बिगड़ गए हैं बहुत देख-भाल से
    आदिल मंसूरी

    'जमाल' हर शहर से है प्यारा वो शहर मुझ को
    जहां से देखा था पहली बार आसमान मैंने
    जमाल एहसानी

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    बड़ी हसरत से इंसां बचपने को याद करता है
    ये फल पक कर दोबारा चाहता है ख़ाम हो जाए
    नुशूर वाहिदी (साभार/रेख्‍़ता)

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