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Shayari: 'जाने क्यूं लोग मेरे नाम से जल जाते हैं', पढ़ें टूटे दिल की सदा

Shayari: जिस को तुम भूल गए... Image Credit:Pexels/Ir-Solyanaya

Shayari: शायरी में बहुत ही ख़ूबसूरती के साथ दर्द को भी अल्‍फ़ाज़ (Words) में पिरोया गया है. शायरी जहां इश्‍क़ (Love) से सराबोर नज़र आती है, वहीं इसमें ख़ुशी, इकरार, इंकार और वफ़ा से लबरेज़ जज्‍़बातों (Emotiona) को भी संजीदगी से पेश किया गया है.

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    Shayari: उर्दू शायरी (Urdu Shayari) इश्‍क़ से लबरेज़ कलाम है. इसमें मिलन की ख़ुशी है, तो जुदाई की टीस भी महसूस होती है. शायरों ने इंसान से बावस्‍ता हर विषय पर क़लम उठाई है. फिर चाहें मुहब्‍बत (Love) की बात हो, वफ़ा का जिक्र हो या फिर टूटे दिल से निकलती सदा से लबरेज़ दर्द भरे जज्‍़बात (Emotion) ही क्‍यों न हों. शायरी में बहुत ही ख़ूबसूरती के साथ दर्द को भी अल्‍फ़ाज़ में पिरोया गया है. आज हम शायरों के ऐसे ही बेशक़ीमती कलाम से चंद अशआर आपके लिए 'रेख्‍़ता' के साभार से लेकर हाजिर हुए हैं. शायरों के ऐसे कलाम जिसमें बात दिल की है, तो दर्द का भी जिक्र मिलता है. आज की इस कड़ी में पेश हैं टूटे दिल से निकलती सदा को बयां करते अशआर. आप भी तवज्‍जो फ़रमाइए...

    रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ
    आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ
    अहमद फ़राज़

    उस की याद आई है सांसो ज़रा आहिस्ता चलो
    धड़कनों से भी इबादत में ख़लल पड़ता है
    राहत इंदौरी

    अच्छा ख़ासा बैठे बैठे गुम हो जाता हूं
    अब मैं अक्सर मैं नहीं रहता तुम हो जाता हूं
    अनवर शऊर

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    हम ने सीने से लगाया दिल न अपना बन सका
    मुस्कुरा कर तुम ने देखा दिल तुम्हारा हो गया
    जिगर मुरादाबादी

    करूंगा क्या जो मोहब्बत में हो गया नाकाम
    मुझे तो और कोई काम भी नहीं आता
    ग़ुलाम मोहम्मद क़ासिर

    दिया ख़ामोश है लेकिन किसी का दिल तो जलता है
    चले आओ जहां तक रौशनी मालूम होती है
    नुशूर वाहिदी

    जब भी आता है मेरा नाम तेरे नाम के साथ
    जाने क्यूं लोग मेरे नाम से जल जाते हैं
    क़तील शिफ़ाई

    तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे
    मैं एक शाम चुरा लूं अगर बुरा न लगे
    क़ैसर-उल जाफ़री

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    जिस को तुम भूल गए याद करे कौन उस को
    जिस को तुम याद हो वो और किसे याद करे
    जोश मलसियानी
    Published by:Naaz Khan
    First published: