Shayari: ये सर्द रात ये आवारगी ये नींद का बोझ, पढ़ें सर्द होते मौसम पर चंद अशरार

Shayari: ये सर्द रात ये आवारगी ये नींद का बोझ, पढ़ें सर्द होते मौसम पर चंद अशरार
Shayari सर्द होते मौसम पर चंद अशरार

Shayari:आज हम शायरों के ऐसे ही बेशक़ीमती कलाम से चंद अशआर आपके लिए 'रेख्‍़ता' के साभार से लेकर हाजिर हुए हैं. शायरों के ऐसे कलाम जिसमें बात सर्दियों के सर्द एहसास, सूरज की गर्माहट, अलाव और रजाई की है...

  • News18Hindi
  • Last Updated : December 5, 2020, 9:07 am IST
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    Shayari: सर्दियों का मौसम अपने शबाब पर है. सर्दी के इस मखमली और तल्ख़ एहसास को शायरों (Shayar) ने अपने-अपने अंदाज़ में पेश किया है. कहीं शायरों ने सर्दियों को गुलाब की पंखुड़ी की मिसाल दी है, तो कहीं इनसे झड़ते फूलों का जिक्र किया है. उर्दू शायरी (Urdu Shayari) सर्दियों के सर्द एहसास से लबरेज़ कलाम है. इसमें मुहब्‍बत का जिक्र है, सर्द हवाओं का भी चर्चा मिलता है. आज हम शायरों के ऐसे ही बेशक़ीमती कलाम से चंद अशआर आपके लिए 'रेख्‍़ता' के साभार से लेकर हाजिर हुए हैं. शायरों के ऐसे कलाम जिसमें बात सर्दियों के सर्द एहसास, सूरज की गर्माहट, अलाव और रजाई की है...

    -ये सर्द रात ये आवारगी ये नींद का बोझ
    हम अपने शहर में होते तो घर चले जाते
    - उम्मीद फ़ाज़ली

    -वो सर्दियों की धूप की तरह ग़ुरूब हो गया
    लिपट रही है याद जिस्म से लिहाफ़ की तरह
    - मुसव्विर सब्ज़वारी
    -जब चली ठंडी हवा बच्चा ठिठुर कर रह गया
    माँ ने अपने ला'ल की तख़्ती जला दी रात को
    - सिब्त अली सबा



    -हवा का हाथ बहुत सर्द, मौत जैसा सर्द
    वो जा रहा है, वो दरवाज़े सर पटकने लगे
    - साक़ी फ़ारुक़ी
    -गले मिला था कभी दुख भरे दिसम्बर से
    मेरे वजूद के अंदर भी धुँद छाई थी
    - तहज़ीब हाफ़ी
    -सूरज लिहाफ़ ओढ़ के सोया तमाम रात
    सर्दी से इक परिंदा दरीचे में मर गया
    - अतहर नासिक
    -ऐसी सर्दी है कि सूरज भी दुहाई मांगे
    जो हो परदेश में वो किससे रजाई मांगे
    -राहत इंदौरी