'शाम भी थी धुआं-धुआं हुस्‍न भी था उदास-उदास', आज पेश हैं उदासी पर अशआर

मायूसी की बात, शायर के दिल की हालत का जिक्र...
मायूसी की बात, शायर के दिल की हालत का जिक्र...

उर्दू शायरी (Urdu Shayari) में मुहब्‍बत (Love) की बात की गई है. इसमें दर्दे-जुदाई और इससे लबरेज़ जज्‍़बात (Emotion) को भी पूरी ख़ूबसूरती के साथ पेश किया गया है. इसी तरह मायूसी और उदासी की हालत को भी गहरे अल्‍फ़ाज़ में पिरोया गया है...

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  • Last Updated: September 20, 2020, 7:51 AM IST
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शेरो-सुख़न (Shayari) की दुनिया में हर जज्‍़बात (Emotion) को बेहद ख़ूबसूरती के साथ काग़ज़ पर उकेरा गया है. इसी तरह शायरी में मायूसी, उदासी या नाउम्‍मीदी को भी जगह दी गई है और शायरों ने इसे बहुत ही गहरे और खूबसूरत अल्‍फ़ाज़ में पिरोया है. आज हम शायरों के ऐसे ही बेशक़ीमती कलाम से चंद अशआर आपके लिए 'रेख्‍़ता' के साभार से लेकर हाजिर हुए हैं. शायरों के ऐसे अशआर जिसमें बात 'मायूसी' की हो और शायर की कैफियत, उसके दिल की हालत का जिक्र हो. तो आप भी इसका लुत्‍फ़ उठाइए...

कभी ख़ुद पे कभी हालात पे रोना आया
बात निकली तो हर इक बात पे रोना आया
साहिर लुधियानवी 
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किसी के तुम हो किसी का ख़ुदा है दुनिया में
मेरे नसीब में तुम भी नहीं ख़ुदा भी नहीं
अख़्तर सईद ख़ान

कोई क्यूं किसी का लुभाए दिल कोई क्या किसी से लगाए दिल
वो जो बेचते थे दवा-ए-दिल वो दुकान अपनी बढ़ा गए
बहादुर शाह ज़फ़र

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तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही
तुझ से मिल कर उदास रहता हूं
साहिर लुधियानवी

ख़ुदा की इतनी बड़ी काएनात में मैंने
बस एक शख़्स को मांगा मुझे वही न मिला
बशीर बद्र

दुनिया की महफ़िलों से उकता गया हूं या रब
क्या लुत्फ़ अंजुमन का जब दिल ही बुझ गया हो
अल्लामा इक़बाल

शाम भी थी धुआं धुआं हुस्न भी था उदास उदास
दिल को कई कहानियां याद सी आ के रह गईं
फ़िराक़ गोरखपुरी

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रात आ कर गुज़र भी जाती है
इक हमारी सहर नहीं होती
इब्न-ए-इंशा

हमारे घर की दीवारों पे 'नासिर'
उदासी बाल खोले सो रही है
नासिर काज़मी
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