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'आह को चाहिए इक उम्र असर होने तक', पेश हैं 'आह' पर अशआर

आज 'आह' का जिक्र...

आज 'आह' का जिक्र...

उर्दू शायरी (Urdu Shayari) में सिर्फ इश्‍क़ (Love) और दर्द को ही नहीं, दिल से निकलने वाली आह को भी बेहद ख़ूबसूरती के सा ...अधिक पढ़ें

    शेरो-सुख़न (Shayari) की दुनिया में इश्‍क़ (Love) और दर्द से लबरेज़ हर जज्‍़बात को बेहद ख़ूबसूरती के साथ काग़ज़ पर उकेरा गया है. तो कभी तन्‍हाई में दिल से निकलने वाली आह को भी अल्‍फ़ाज़ में पिरो कर पेश किया गया है. शायरी में हर जज्‍़बात (Emotion) को ख़ूबसूरती के साथ तवज्‍जो मिली है. आज हम शायरों (Shayar) के इसी बेशक़ीमती कलाम से चंद अशआर आपके लिए 'रेख्‍़ता' के साभार से लेकर हाजिर हुए हैं. शायरों के ऐसे अशआर जिसमें बात दर्द की हो और बयां दिल से निकली 'आह' का हो, तो आप भी इस 'आह' में पोशीदा तड़प को महसूस कीजिए और इस कलाम का लुत्‍फ़ उठाइए...

    आह को चाहिए इक उम्र असर होने तक
    कौन जीता है तेरी ज़ुल्फ़ के सर होते तक
    मिर्ज़ा ग़ालिब

    आह जो दिल से निकाली जाएगी
    क्या समझते हो कि ख़ाली जाएगी
    अकबर इलाहाबादी

    दर्द-ए-दिल कितना पसंद आया उसे
    मैं ने जब की आह उस ने वाह की
    आसी ग़ाज़ीपुरी

    आदत के बाद दर्द भी देने लगा मज़ा
    हंस हंस के आह आह किए जा रहा हूं मैं
    जिगर मुरादाबादी

    एक ऐसा भी वक़्त होता है
    मुस्कुराहट भी आह होती है
    जिगर मुरादाबादी

    मेरी आह का तुम असर देख लेना
    वो आएंगे थामे जिगर देख लेना
    जलील मानिकपुरी

    इधर से भी है सिवा कुछ उधर की मजबूरी
    कि हम ने आह तो की उन से आह भी न हुई
    जिगर मुरादाबादी

    हम ने हंस हंस के तेरी बज़्म में ऐ पैकर-ए-नाज़
    कितनी आहों को छुपाया है तुझे क्या मालूम
    मख़दूम मुहिउद्दीन

    ज़ब्त करता हूं तो घुटता है क़फ़स में मेरा दम
    आह करता हूं तो सय्याद ख़फ़ा होता है
    क़मर जलालवी

    वो कौन था वो कहां का था क्या हुआ था उसे
    सुना है आज कोई शख़्स मर गया यारो
    शहरयार

    ज़ब्त देखो उधर निगाह न की
    मर गए मरते मरते आह न की
    अमीर मीनाई

    ऐ 'हफ़ीज़' आह आह पर आख़िर
    क्या कहें दोस्त वाह वा के सिवा
    हफ़ीज़ जालंधरी

    जब से जुदा हुआ है वो शोख़ तब से मुझ को
    नित आह आह करना और ज़ार ज़ार रोना
    मीर हसन

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    सोहबत-ए-वस्ल है मसदूद हैं दर हाए हिजाब
    नहीं मालूम ये किस आह से शरम आती है
    शाद लखनवी

    Tags: Book, Famous gazal, Lifestyle

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