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पैरेंटिंग में बढ़ी पिता की भागीदारी, अब बच्चों के साथ मजबूत बॉन्डिंग चाहते हैं फादर

पैरेंटिंग में बढ़ी पिता की भागीदारी, अब बच्चों के साथ मजबूत बॉन्डिंग चाहते हैं फादर

स्टडी से ये साबित हुआ है कि पिता के देखभाल करने की यह खासियत उनके दिमाग से जुड़ी होती है. (प्रतीकात्मक फोटो- shutterstock.com)

स्टडी से ये साबित हुआ है कि पिता के देखभाल करने की यह खासियत उनके दिमाग से जुड़ी होती है. (प्रतीकात्मक फोटो- shutterstock.com)

Father's Role in Parenting : स्टडी के मुताबिक बच्चों की देखरेख में एक्टिव रहने और उनके साथ टाइम स्पेंड करके खुश रहने वाले पिता के ब्रेन का हाइपोथैलेमस (Hypothalamus), कम सक्रिय रहने वाले पिता से बड़ा होता है. ये स्टडी एसआरसीडी (SRCD) यानी 'सोसाइटी फॉर रिसर्च इन चाइल्ड डेवलपमेंट' जर्नल में प्रकाशित की गई है. एसेक्स यूनिवर्सिटी (Essex University) के लेक्चरर डॉ. पास्कल व्रेटिका (Dr Pascal Vrticka) बताते हैं इन दिनों पैरेंटिंग में पिता की भागीदारी बढ़ गई है. पिता अब बच्चों के साथ मजबूत बॉन्डिंग चाहते हैं. वे अधिक जुड़ाव वाले और आत्मविश्वास से भरपूर पिता बनना चाहते हैं.

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    Father’s Role in Parenting : जो पिता (Father) बच्चों के साथ ज्यादा टाइम स्पेंड करते हैं, उनकी देखभाल में आगे बढ़कर सहयोग करते हैं, उनका ब्रेन स्ट्रक्चर (Brain Structure) यानी दिमागी संरचना बच्चों के साथ कम वक्त बिताने वाले फादर्स की तुलना में अलग होती है. ये दावा ब्रिटेन की एसेक्स यूनिवर्सिटी (Essex University) के रिसर्चर्स ने अपनी नई स्टडी में किया है. इस स्टडी के मुताबिक बच्चों की देखरेख में एक्टिव रहने और उनके साथ टाइम स्पेंड करके खुश रहने वाले पिता के ब्रेन का हाइपोथैलेमस (Hypothalamus), कम सक्रिय रहने वाले पिता से बड़ा होता है. ये स्टडी एसआरसीडी (SRCD) यानी ‘सोसाइटी फॉर रिसर्च इन चाइल्ड डेवलपमेंट (Society for Research in Child Development)’ जर्नल में प्रकाशित की गई है. एसेक्स यूनिवर्सिटी (Essex University) के लेक्चरर डॉ. पास्कल व्रेटिका (Dr Pascal Vrticka) बताते हैं इन दिनों पैरेंटिंग में पिता की भागीदारी बढ़ गई है. पिता अब बच्चों के साथ मजबूत बॉन्डिंग चाहते हैं. वे अधिक जुड़ाव वाले और आत्मविश्वास से भरपूर पिता बनना चाहते हैं.

    डॉ व्रेटिका (Dr Pascal Vrticka) कहते हैं, ‘इस स्टडी से ये साबित हुआ है पिता के देखभाल करने की यह खासियत उनके दिमाग से जुड़ी होती है. इससे हमारी पिछली स्टडी को भी बल मिलता है, जिसके नतीजे बताते हैं कि पिता और बच्चे साथ में पजल्स (puzzles) खेलते हैं, उनके दिमाग में सिंक्रोनाइजेशन (synchronization) आसानी से होता है. जो पुरुष बच्चों की देखभाल में ज्यादा जुड़े हुए थे, उनमें बच्चों के साथ सिंक्रोनाइजेशन बेहतर तरीके से व ज्यादा हो पाया.

    हाइपोथैलेमस (Hypothalamus) की भूमिका
    रिसर्चर्स का ये भी कहना है कि इस स्टडी में हाइपोथैलेमस (Hypothalamus) की भूमिका पर जोर दिया गया है. यह बादाम के आकार का एक स्ट्रक्चर (संरचना) होता है. जो ब्रेन के निचले हिस्से में स्थित होता है. ये बॉडी में हार्मोन रिलीज करने, उसका टेम्प्रेचर नॉर्मल रखने, भूख को कंट्रोल करने और भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को सही तरीके से व्यक्त करने में दिमाग की मदद करता है.

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    ‘टूट सकेगा मिथक’
    डॉ. व्रेटिका बताते हैं, इस विषय पर पहले हुई स्टडी पिता के बजाय मां पर केंद्रित रही. इस नई स्टडी से पता चला कि अधिक जुड़ाव वाले और आत्मविश्वासी पिता की ब्रेन एनोटॉमी (Brain Anatomy) के साथ बच्चों के दिमाग का सिंक्रोनाइजेशन बेहतर दिखता है.

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    इसलिए आज के सामाजिक संदर्भ में बच्चों की देखभाल में पिता की भूमिका को महत्व देना प्रासंगिक है. जितना संभव हो सके, हमें इस बदलाव का समर्थन करना चाहिए. इससे यह मिथक भी टूटेगा कि बच्चों कि देखभाल सिर्फ मां की ही जिम्मेदारी है.

    Tags: Child Care, Lifestyle, Parenting

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