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प्यार में धोखे जैसी गंभीर होती है अपने साथी के साथ 'वित्तीय बेवफाई' करना


Updated: December 13, 2019, 11:54 AM IST
प्यार में धोखे जैसी गंभीर होती है अपने साथी के साथ 'वित्तीय बेवफाई' करना
चोरी-छिपे वियाग्रा का इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं लोग (प्रतीकात्मक तस्वीर)

क्या आप अपने जीवनसाथी के बैंक बैलेंस (partner bank balance) या बचत के बारे में पूरा सच जानते हैं? अगर नहीं तो आपको खबरदार रहने की जरूरत है.

  • Last Updated: December 13, 2019, 11:54 AM IST
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वॉशिंगटन. अपनी कमाई छिपाना उतनी ही बड़ी बेवफाई है जितनी प्यार में धोखा (infidelity in relationship) देना. एक नई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि पैसे के मामले में झूठ (financial infidelity) शारीरिक संबंधो के मामले में बेवफाई जैसा ही है.

इंडियाना विश्वविद्यालय सहित अमेरिका के चार विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों द्वारा किए गए शोध में 'वित्तीय बेवफाई' को परिभाषित किया गया है. इस रिसर्च मे बताया गया है कि वित्तीय मामलों में ऐसा व्यवहार करना जो कि आपके साथी को नागवार हो या फिर उससे छिपाकर ऐसा व्यवहार करना 'वित्तीय बेवफाई' माना जाएगा.

इस बेवफाई में अपने साथी की जानकारी के बगैर बैंक बैलेंस या बचत करना यह धन एकत्रित करना शामिल है. अपने इस काम को पार्टनर से छिपाने को भी वैज्ञानिकों ने वित्तीय बेवफाई की परिभाषा में शामिल किया है. उनक कहना है कि यह अपने साथी के होते हुए किसी दूसरे के साथ शारीरिक संबंध बनाने जैसा ही है.

शोधकर्ताओं के मुताबिक वित्तीय बेवफाई किसी भी रिश्ते के लिए खतरनाक हो सकती है. इसका असर भी दो साथियों के बीच होने वाली शारीरिक बेवफाई जैसा हो सकता है. जिसके चलते तलाक की भी संभावना है. ओल्सनॉफ आईयू केली स्कूल ऑफ बिजनेस के शोधकर्ता जेनी ओल्सन के मुताबिक पैसे को लेकर झगड़ा दंपत्ति के बीच तलाक का एक प्रमुख कारण बनता है.

ओल्सन ने ’जर्नल ऑफ कंज्यूमर रिसर्च’ में प्रकाशित एक पेपर में कहा, “रिश्तों में पैसे की भूमिका को देखते हुए सभी को इस तरह की बेवफाई और उसके दुष्परिणाम के बारे में जानकारी होनी चाहिए.”

वित्तीय बेवफाई का मतलब अपने साथी से छिपाकर किया गया कोई खर्च नहीं है. इसमें वित्तीय व्यवहारों का एक अधिक व्यापक तरीका शामिल होता है. जैसे कि व्यक्तिगत बैंक खाते में अतिरिक्त आय की बचत.

ओल्सन ने कहा कि वित्तीय बेवफाई की समझ वित्तीय सेवा कंपनियों और सलाहकारों, क्लिनिकल थेरेपिस्ट और रिलेशनशिप काउंसलर को लाभ पहुंचा सकती है.यदि जोड़े पेशेवर वित्तीय सलाह लेते हैं, तो उन्हें अपने खर्च और बचत की आदतों, ऋणों और वित्तीय लक्ष्यों पर खुलकर चर्चा करने के लिए तैयार होना चाहिए.

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First published: December 13, 2019, 11:54 AM IST
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