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First Aid For Burns: पटाखों से जलने पर क्या है सबसे सही उपचार, डॉ अनुभव गुप्ता से जानें

First Aid For Burns: पटाखों से जलने पर क्या है सबसे सही उपचार, डॉ अनुभव गुप्ता से जानें

सर गंगाराम अस्पताल में सीनियर सर गंगाराम अस्पताल में सीनियर कंसल्टेंट, प्लास्टिक एंड कॉस्मेटिक सर्जरी डॉ अनुभव गुप्ता (Dr Anubhav Gupta)

सर गंगाराम अस्पताल में सीनियर सर गंगाराम अस्पताल में सीनियर कंसल्टेंट, प्लास्टिक एंड कॉस्मेटिक सर्जरी डॉ अनुभव गुप्ता (Dr Anubhav Gupta)

First Aid For Burns By Firecrackers : कई बार पटाखों के कारण दिवाली के रंग में भंग तब पड़ जाता है, जब घर का कोई सदस्य पटाखे (Fire Crackers) जलाते वक्त जल जाता है. ऐसे में उस वक्त समझ नहीं आता है कि सबसे पहले क्या करें? लोग घबरा जाते हैं और पीड़ित की हालत और खराब हो जाती है. इसलिए आपका जानना जरूरी है कि अगर कोई पटाखे से जल जाए तो प्राथमिक उपचार (First Aid) क्या करना चाहिए. News18 हिंदी ने इस विषय पर दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल (Sir Ganga Ram Hospital) में सीनियर कंसल्टेंट, प्लास्टिक एंड कॉस्मेटिक सर्जरी (Plastic and Cosmetic Surgery) डॉ अनुभव गुप्ता (Dr Anubhav Gupta) से इस विषय पर बात की.

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    First Aid For Burns By Diwali Firecrackers, Sehat Ki Baat : दिवाली (Diwali 2021) का त्योहार ढेर सारी खुशियां, आनंद, उमंग और समृद्धि लेकर आता है. दीपावली (Deepawali) को मनाने के सबके अपने-अपने तरीके हैं. कोई मिठाइयों और रोशनी के साथ इस त्योहार को मनाता है, तो कोई पटाखे फोड़कर. वैसे तो पिछले कुछ सालों से बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर पटाखों पर बैन लगा है. लेकिन ग्रीन पटाखे (Green crackers) इस बैन की सीमा से बाहर हैं. इसलिए लोग अब ग्रीन पटाखों के साथ त्योहार का आनंद लेते हैं. लेकिन कई बार पटाखों के चलते इस त्योहार के रंग में भंग तब पड़ जाता है, जब घर का कोई सदस्य पटाखे (Fire Crackers) जलाते वक्त जल जाता है. ऐसे में उस वक्त समझ नहीं आता है कि सबसे पहले क्या करें? लोग घबरा जाते हैं और पीड़ित की हालत और खराब हो जाती है. इसलिए आपका जानना जरूरी है कि अगर कोई पटाखे से जल जाए तो प्राथमिक उपचार (First Aid) क्या करना चाहिए. News18 हिंदी ने दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल (Sir Ganga Ram Hospital) में सीनियर कंसल्टेंट, प्लास्टिक एंड कॉस्मेटिक सर्जरी (Plastic and Cosmetic Surgery) डॉ अनुभव गुप्ता (Dr Anubhav Gupta) से इस विषय पर बात की.

    डॉ अनुभव गुप्ता (Dr Anubhav Gupta) का कहना है, ‘वैसे तो हमें पटाखों से दूर रहना चाहिए. क्योंकि ये हमारे स्वास्थ्य के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी हानिकारक होते हैं लेकिन यदि ग्रीन पटाखों को अनुमति दी गई है, तो पटाखे जलाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.’ उन्होंने आगे कहा कि सबसे पहले तो हमें पटाखे जलाते वक्त बचाव पर ध्यान देने की जरूरत है. हम सीधा इलाज क्या करना है इस बारे में सोचने लगते हैं, जबकि सच्चाई ये है कि इलाज से पहले बचाव है (Prevention is more important then cure). इसलिए हमें पटाखे जलाते वक्त इन बातों पर ध्यान देने की जरूरत है.

    – किसी बड़े की देखरेख में पटाखे (fire crackers) छोड़ें.
    – पटाखे हमेशा घर से बाहर जाकर छोड़ें.
    – जले हुए पटाखों को ठंडा करने के लिए एक बाल्टी पानी पास में रखें.
    – पटाखों को सीधा माचिस से ना जलाकर मोमबत्ती से जलाएं.
    – पटाखे जलाने वाले स्थान पर पानी होना जरूरी है. अगर फायर एक्सटिंगुशर (fire extinguisher) घर में हो तो बहुत अच्छा है.
    – पटाखे हमेशा कॉटन यानी सूती के कपड़े पहनकर ही जलाएं. क्योंकि सूती कपड़ा आग जल्दी नहीं     पकड़ता है. अगर आप सिंथेटिक के कपड़े पहनेंगे तो उसमें जलने का बहुत रिस्क रहता है.

    खुद आग की चपेट में आ जाएं तो क्या करें?
    डॉ अनुभव गुप्ता के अनुसार, अगर पटाखे जलाते वक्त शरीर का कोई हिस्सा जल जाता है, या आपके कपड़े आग पकड़ लेते हैं. तो सबसे पहले तीन चीजें याद रखिए, स्टॉप (Stop), ड्रॉप (Drop) रोल (Roll)

    स्टॉप- कुछ भी कर रहे हैं तो रुक जाइये, भागिए नहीं, पैनिक मत कीजिए.
    ड्रॉप- जो भी चीज आपके हाथ में हैं, जिसमें आग लग रही है या उससे आग के बढ़ने के चांस है. आप उसे तुंरत छोड़ दें.
    रोल- अगर आप जमीन पर हैं. और आग आपके शरीर के किसी हिस्से में लगी है. तो तुरंत जमीन पर रोल (लेटकर उलट-पलट जाएं) करें. इससे ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो जाती है और आग बुझ जाती है.

    किसी दूसरे के आग की चपेट में आने पर क्या करें?
    डॉक्टर के अनुसार, अगर आपके सामने खड़े किसी शख्स को आग लगी है, तो तुरंत कोई कपड़ा या कंबल लेकर उससे बुझाने का प्रयास करें. क्योंकि आग तब तक धधकती है, जब तक उसे ऑक्सीजन मिलती रहती है. इसलिए आग पर कोई कपड़ा या कंबल डालकर उसको मिलने वाली ऑक्सीजन को रोक देना चाहिए. ताकि वो बुझ जाए.

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    प्राथमिक उपचार (First Aid)
    डॉ अनुभव का कहना है कि जलने के बाद जैसी ही आग बुझ जाए. तो तुरंत उस जले हुए हिस्से को पानी की टूटी (Tap Water) के नीचे ले जाएं. पानी जली हुई जगह को ठंडा करेगा और उस जलन को और गहराई तक बढ़ने से रोकता है. इसके बाद तुरंत पास के बर्न स्पेशलिस्ट या प्लास्टिक सर्जन के पास जाएं. ये ध्यान दें, कि कहीं आंख के किसी हिस्से तक तो जलन नहीं पहुंची हैं, केमिकल बर्न के केस में किसी आंख के डॉक्टर को भी दिखाना पड़ सकता है.

    जलने पर घरेलू नुख्सों से कितना फायदा?

    ठंडे से पानी से धोना
    डॉ अनुभव (Dr Anubhav Gupta) के बताते हैं कि जले हुए हिस्से को पानी से ठंडा करना बहुत जरूरी और अहम उपाय है. ये उपाय तो मेडिकल साइंस में भी कारगर है. करीब 5 मिनट तक आपको जलने वाले स्थान को ठंडे पानी के नीचे रखना है.

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    जले हुए अंग पर आलू या गाजर का रस लगाना?
    डॉ अनुभव (Dr Anubhav Gupta) के मुताबिक, किसी भी तरह से जलने वाले जख्म को पानी से ठंडा करने के बाद तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए. क्योंकि इसमें पट्टी करने के दौरान लगाए जाने वाली दवाएं ज्यादा उपयोगी होती हैं. इनसे जख्म जल्दी भरते हैं. अगर आप डॉक्टर को दिखाए बिना कोई भी चीज जख्म पर लगाते हैं, तो इससे डॉक्टर ये नहीं देख सकेंगे कि जख्म कितना गहरा है, या कितनी स्किन जल चुकी है.

    नारियल का तेल या तुलसी का रस लगाना कितना सही?
    डॉ अनुभव गुप्ता (Dr Anubhav Gupta)  के अनुसार, किसी जले हुए जख्म पर नारियल का तेल लगाने से तुरंत कोई फायदा नहीं होगा. इससे सबसे जरूरी है कि जख्म को ठंडा करने के बाद डॉक्टर को जाकर दिखाएं.

    ये क्रीम लगा सकते हैं
    डॉ अनुभव गुप्ता (Dr Anubhav Gupta) बताते हैं कि अगर जलने के बाद डॉक्टर तक पहुंचने में देरी हो और तकलीफ ज्यादा हो रही हो, तो तुरंत कोई सिल्वर बेस्ड क्रीम (silver based cream) लगा सकते हैं. जैसे सिल्वरेक्स (Silverex), सोफ्रामाइसिन (Soframycin) और अगर आपके पास मेगाहील (Megaheal) है, तो सबसे बढ़िया है. डॉ अनुभव का कहाना है कि अगर शरीर का ज्यादा हिस्सा जल गया है. तो बॉडी में लिक्विड कम हो जाता है. ऐसे में मरीज को ज्यादा से ज्यादा लिक्विड्स देने चाहिए.

    Tags: Health, Health News

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