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Lunar Eclipse 2020: 4 घंटे तक चलेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण, प्रेग्नेंट महिलाएं रखें इन बातों का खास ध्यान

News18Hindi
Updated: January 8, 2020, 5:28 PM IST
Lunar Eclipse 2020: 4 घंटे तक चलेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण, प्रेग्नेंट महिलाएं रखें इन बातों का खास ध्यान
ग्रहण को लेकर प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए कुछ नियम बताए जाते हैं.

चंद्र ग्रहण 10 जनवरी रात 10:37 बजे से शुरू होकर 11 जनवरी रात 2:42 बजे तक चलेगा. इसका मतलब है कि साल का पहला चंद्र ग्रहण लगभग चार घंटे 5 मिनट तक रहने वाला है.

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  • Last Updated: January 8, 2020, 5:28 PM IST
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आगामी 10 जनवरी 2020 यानी शुक्रवार को साल का पहला चंद्रग्रहण लगने वाला है. यह चंद्र ग्रहण 10 जनवरी रात 10:37 बजे से शुरू होकर 11 जनवरी रात 2:42 बजे तक चलेगा. इसका मतलब है कि साल का पहला चंद्र ग्रहण लगभग चार घंटे 5 मिनट तक रहने वाला है. हिंदू धर्म के अनुसार हर ग्रहण का व्यक्ति के जीवन पर अच्छा या बुरा प्रभाव जरूर पड़ता है जिससे बचने के लिए ज्योतिष में कई नियम भी बताए गए हैं. हालांकि उपछाया चंद्रग्रहण को शास्त्रों में ग्रहण के रूप में नहीं देखा गया है.

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वहीं मांद्य चंद्र ग्रहण होने से इस ग्रहण का सूतक भी नहीं रहेगा, जिसकी वजह से ग्रहण काल में पूजा-पाठ किया जा सकता है. ज्योतिष विज्ञान के अनुसार इस चंद्र ग्रहण का कोई बुरा असर नहीं होगा. आपको बता दें, 2020 से पहले ऐसा चंद्र ग्रहण 11 फरवरी 2017 को हुआ था. हालांकि ग्रहण को लेकर प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए कुछ नियम बताए जाते हैं. आइए जानते हैं आखिर कौन से हैं वो नियम जिनका हर गर्भवती महिला को ग्रहण के समय पालन करना चाहिए.

नुकीली चीजें

ग्रहण के दौरान प्रेग्नेंट महिलाओं को नुकीली चीजों जैसे चाकू, कैंची, सूई का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए. मान्यता है कि इस नियम का पालन न करने पर होने वाले शिशु के किसी भी अंग को हानि पहुंच सकती है.

बाहर न निकलें
चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को घर के बाहर निकलने से भी बचना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि गर्भवती महिला अगर ग्रहण देख लेती है तो उसका सीधा असर उसके होने वाले बच्चे की शारीरिक और मानसिक सेहत पर पड़ता है. इसके चलते बच्चा गंदे लाल चिन्हों के साथ भी पैदा हो सकता है. मान्यता है कि ग्रहण पर गर्भवती मां के बाहर निकलने से जन्म के बाद बच्चे के शरीर पर कोई न कोई दाग जरूर रहता है.ग्रहण के दौरान बना खाना न खाएं
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान बना हुआ खाना बिल्कुल नहीं खाना चाहिए. कहा जाता है कि इस समय में पड़ने वाली हानिकारक किरणें खाने को दूषित कर देती हैं. ऐसे में अगर घर पर खाना बना हो तो उसमें तुरंत तुलसी के पत्ते डाल दें. वहीं ग्रहण खत्म होने के बाद उन्हें निकाल दें. ऐसा करने से ग्रहण के बाद भी खाना शुद्ध रहता है.

ग्रहण के बाद जरूर नहाएं
मान्यता है कि ग्रहण खत्म होने के बाद गर्भवती महिला को स्नान जरूर करना चाहिए. ऐसा न करने से उसके बच्चे को त्वचा संबंधी रोग हो सकता है. ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए गर्भवती महिला को तुलसी का पत्ता जीभ पर रखकर हनुमान चालीसा और दुर्गा स्तुति का पाठ करना चाहिए.

शारीरिक संबंध बनाने से बचें
ग्रहण काल के दौरान पति-पत्नी को शारीरिक संबंध बनाने से बचना चाहिए. मान्यता है कि ग्रहण काल किसी भी तरह के संबंध बनाने के लिए सही नहीं होता.

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दवा का सेवन न करें
चंद्र ग्रहण के दौरान सोने से, किसी दवा का सेवन करने से और भगवान की मूर्तियों को स्पर्श करने से भी बचना चाहिए. अगर ज्यादा जरूरत न हो तो ग्रहण के समय किसी भी प्रकार की दवाई या इंजेक्शन का प्रयोग न करें.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: January 8, 2020, 5:21 PM IST
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