बच्चा बात-बात में करता है जिद्द और गुस्‍सा? ये टिप्‍स करेंगे आपकी मदद

बच्चों को बहलाने के लिए वादे न करें, इससे ज़िद्दीपन बढ़ता है Image credit /pexels-rodnae-productions

बच्चों को बहलाने के लिए वादे न करें, इससे ज़िद्दीपन बढ़ता है Image credit /pexels-rodnae-productions

कई बार बच्चे अपनी कोई भी बात मनवाने के लिए किसी के भी सामने ज़िद करने लगते हैं. जिससे अक्सर काफी शर्मिंदी (Embarrassment) होती है. बच्चों में इस ज़िद्दी प्रवत्ति (Stubborn nature) को कम करने के लिए आप इन तरीकों (Tips) को अपना सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 20, 2021, 2:00 PM IST
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ज़िद करना बच्चों की आदत होती है. वैसे तो ज्यादातर पेरेंट्स लाड़-प्यार के चलते अपने बच्चों की ज़िद पूरी कर देते हैं लेकिन कभी-कभी उनकी ज़िद ऐसी होती है जिसको पूरा करना संभव (Possible) नहीं हो पाता. ऐसे में बच्चे अपनी जिद मनवाने के लिए किसी भी जगह पर और किसी के भी सामने, कुछ भी हरकत (Devilment) करने को तैयार हो जाते हैं. जिसके चलते माता-पिता को सबके सामने काफी शर्मिंदगी (Embarrassment) महसूस होती है. ऐसे में ज़रूरत है बच्चों की ज़िद करने की आदत को ख़त्म करने की, जो वो अपने ज़िद्दी नेचर की वजह से करते हैं. बच्चों के ज़िद्दी नेचर को सही करने के लिए यहाँ कुछ टिप्स बताये जा रहे हैं जिनको आप फॉलो कर सकते हैं.

बच्चे का ध्यान कहीं और लगाएं

बच्चा अगर किसी चीज़ की ज़िद कर रहा है जो आप पूरा करना नहीं चाहते हैं, तो ऐसे में बच्चे का ध्यान किसी और तरफ लगाने की कोशिश करें. इसके लिए आप बातचीत का टॉपिक बदल सकते हैं, किसी चीज़ को दिखाकर उसका ध्यान कहीं और लगा सकते हैं. साथ ही बच्चे को किसी और काम में बिज़ी कर सकते हैं. बच्चे को उनकी पसंद का खाना या खिलौने देकर भी उसका ध्यान कहीं और लगाने की कोशिश कर सकते हैं. इस तरह से उसके अंदर ज़िद करने के नेचर में सुधार होगा.

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 बच्चों से वादा न करें


कई बार बच्चे को बहलाने के लिए मां-बाप बच्चे से कोई भी वादा कर लेते हैं. उनका मन रखने के लिए वो ये सोच कर, किसी भी तरह का वादा कर लेते हैं कि फिलहाल बच्चे को बहलाना है. लेकिन कई सारे बच्चे अपने पेरेंट्स के उन वादों को अच्छी तरह से याद रखते हैं और उसको पूरा करने के लिए ज़िद करते हैं. मान लीजिये दवा न खाने पर आप अपने बच्चे से प्रॉमिस करते हैं कि दवा खा लो, टेडी बियर दिलाएंगे. आपकी बात पर भरोसा करके वो दवा खा लेता है लेकिन जब उसको ये बात याद आती है तो वो इसके लिए आपसे ज़िद करने लगता है. इस तरह से उसका नेचर ज़िद करने का बनता जाता है. इसलिए बच्चों से इस तरह वादे न करें.



बच्चों से ज़बरदस्ती न करें

कई बार बच्चों से अपनी बात मनवाने के लिए पेरेंट्स ज़बरदस्ती करते हैं. ऐसे में उस समय तो बच्चा उनकी ज़बरदस्ती को देखकर वो काम कर लेता है जो आप चाहते हैं लेकिन इससे बच्चे का स्वभाव विद्रोही होने लगता है. यही चीज़ उसको ज़िद्दी बनाने में भी मदद करती है. इसलिए कोशिश करें कि बच्चों से किसी तरह की ज़बरदस्ती करने से बचा जाये.

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 बच्चों से बहस न करें


कई बार पेरेंट्स बच्चों से किसी भी बात के लिए बहस करने लगते हैं. ऐसा न करके बच्चों की बात को ध्यान से सुनें और उनके साथ बैठकर प्यार से उनको समझाने की कोशिश करें. अगर आप ज्यादा बहस करेंगे तो बच्चे में अपनी बात सही साबित करने की ज़िद बढ़ती जाएगी जो उसके नेचर को ज़िद्दी बनाने का काम करेगी.
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