Gandhi Jayanti 2020: क्या आपको पता है महात्मा गांधी के खाने में क्या-क्या होता था, जानें उनकी पसंद

महात्मा गांधी ने अपनी डाइट में कई तरह के प्रयोग किए थे. इनमें ताजा फल और नट्स को उन्होंने प्राथमिकता दी.
महात्मा गांधी ने अपनी डाइट में कई तरह के प्रयोग किए थे. इनमें ताजा फल और नट्स को उन्होंने प्राथमिकता दी.

महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) सात्विक खाने में विश्वास रखते थे. गुस्सा दिलाने वाले खाने से वह परहेज करते थे इसलिए हरी सब्जियों (Green Vegetables) की मात्रा खाने में रखते थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 30, 2020, 11:18 AM IST
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आजादी के आंदोलनों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi) का बड़ा योगदान है और उससे भी खास बात यह थी कि उन्होंने इन आंदोलनों में 17 बार बिना खाना खाए ऐसा किया था. महात्मा गांधी के अनुसार फूड (Food) को तीन भागों में बांटा जा सकता है. पहला वेज, दूसरा अंडा और मछली और तीसरा इन दोनों का मिश्रण. महात्मा गांधी मानते थे कि सीमित मात्रा में पौष्टिक खाना (Nutritious Food) सेहत के लिए अच्छा होता है. महात्मा गांधी ने अपनी डाइट में कई तरह के प्रयोग किए थे. इनमें ताजा फल और नट्स को उन्होंने प्राथमिकता दी. उन्होंने छह साल तक अलग-अलग खाने को लेकर प्रयोग किए और पोषक तत्वों से भरपूर खाने को हमेशा प्राथमिकता दी. इस लेख में महात्मा गांधी के पसंदीदा खाने के बारे में बताया गया है. बापू जी अपने खाने में ज्यादा प्राथमिकता हरी सब्जियों को देते थे.



पेड़ा
गुजरात में छोटे और मुलायम मावे के पेड़े काफी मशहूर हैं. महत्मा गांधी को वही पेड़ा पसंद था जो स्थानीय गायों के दूध से निकले मावे से बनता था. मीठे में उन्हें यही व्यंजन खासा पसंद आता था.
लौकी या कद्दू


लौकी पोषक तत्वों से भरपूर मानी जाती है. सीजन में बापू जी इसका सेवन जरूर करते थे. खास बात यह भी है कि गांधी जी इसका सेवन उबालकर करते थे. हरे कद्दू के सीजन में गांधी जी के आहार का मुख्य भाग यह फल हुआ करता था.

चुकंदर और बैंगन
महात्मा गांधी सात्विक खाने में विश्वास रखते थे. गुस्सा दिलाने वाले खाने से वह परहेज करते थे इसलिए हरी सब्जियों की मात्रा खाने में रखते थे. उबली हुई सब्जियों को बिना नमक के साथ खाना उनकी आदतों में रहा है. चुकंदर भी उबालकर गांधी जी अपनी डाइट में लेते थे. गांधी जी अपने खाने में उबले हुए बैंगन भी लेते थे.

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दाल और चावल
सादा खाना उनकी पसंद हमेशा से रहा था. इसी क्रम में उन्होंने दाल और चावल को अपनी डाइट का हिस्सा बनाया था. दाल और चावल भी सात्विक खाने का प्रतीक होता है. इसमें प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा भी अच्छी होती है.

दही और छाछ
महात्मा गांधी को खाने में दही खासा पसंद थी. ऐसा इसलिए भी था क्योंकि दही और छाछ पाचन तंत्र के लिए अच्छे माने जाते हैं. इसके अलावा पेट की गर्मी दूर करने में भी दही का इस्तेमाल किया जाता है. वह अपनी डाइट में इसे जरूर शामिल करते थे.

बादाम का दूध
अपने लिए बादाम का दूध बनाकर पीना महात्मा गांधी के जीवन का हिस्सा था. गांधी जी इसे खाने के बाद पिया करते थे. आधुनिक भारत में भी इस दूध की अलग अहमियत मानी जाती है.

रोटी
गुजराती परिवार से आने के कारण महात्मा गांधी के जीवन का अहम हिस्सा रोटी बन गई थी. यह एक ऐसा खाना था जिसे गांधी जी ने आजीवन खाया था. उन्होंने रोटी खाने से परहेज कभी नहीं किया. यह उनकी डाइट का हिस्सा हमेशा रहती थी.

बादाम का हलवा
गांधी जी ने अपनी डाइट में बादाम का हलवा शामिल किया था. इसके अलावा सूखे मेवे भी उन्हें पसंद थे. इनमें किशमिश, काजू शामिल थे. हलवे में बादाम के अलावा उन्हें साबुत बादाम खाना भी बेहद पसंद था. दूसरे शब्दों में कहें तो बादाम उनका सबसे पसंदीदा ड्राई फ्रूट था.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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