GaneshChaturthi2019: जानिए कैसे और किस दिन मनाई जाएगी गणेश चतुर्थी

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Updated: August 30, 2019, 12:29 PM IST
GaneshChaturthi2019: जानिए कैसे और किस दिन मनाई जाएगी गणेश चतुर्थी
GaneshChaturthi2019: गणपति की मूर्ति की जहां स्थापना हुई है उसके पास तांबे या चांदी के कलश में जल भरकर रखें

GaneshChaturthi2019: गणपति की मूर्ति की जहां स्थापना हुई है उसके पास तांबे या चांदी के कलश में जल भरकर रखें

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  • Last Updated: August 30, 2019, 12:29 PM IST
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इस बार 2 सितंबर को गणेश चतुर्थी मनाई जानी है. इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है. लोग अपने घर पर भगवान गणेश की स्थापना करने के साथ ही बड़े धूम-धाम से उनकी पूजा अर्चना करते हैं.

ऐसे करें मूर्ति की स्थापना
मूर्ति की स्थापना के लिए सबसे पहले लाल वस्त्र चौकी पर बिछा लें. इस पर अक्षत छिड़कें और ऊपर भगवान गणेश की मूर्ति को स्थापित करें. अब उन्हें नहलाएं. इसके लिए पान के पत्ते का इस्तेमाल करें. पान के पत्तों से गंगाजल लें और भगवान को नहलाएं.

गणपति बप्पा को हमेशा पीले वस्त्र पहनाने चाहिए. ऐसे में उन्हें पीला कपड़ा अर्पित करें और गले में मोती की माला डालें. इसके बाद अक्षत और फूल भी चढ़ाएं.

भोग में चढ़ाएं मोदक
घर के बने मोदक हों तो ज्यादा अच्छा है. भगवान गणेश को मोदक बहुत पसंद है इसलिए भोग में मोदक चढ़ाएं.

पूजा के लिए जरूरी है ये सामग्री
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पूजा के लिए गणेश प्रतिमा, जल कलश, पंचामृत, लाल कपड़ा, रोली, अक्षत, कलावा जनेऊ, इलाइची, नारियल, चांदी का वर्क, सुपारी, लौंग पंचमेवा, घी कपूर, पूजा के लिए चौकी, लाल कपड़ा, गंगाजल पहले से इकट्ठा कर लें.

भगवान गणेश के साथ ही रिद्धि-सिद्धि की भी करें स्थापना
भगवान गणेश की दो पत्नी 'रिद्धि-सिद्धि' हैं. इनके दो पुत्र भी हैं जिन्हें हम शुभ और लाभ के नाम से जानते हैं. गणेशजी के पुत्रों के नाम हम 'स्वास्तिक' के दाएं-बाएं लिखते हैं. गणेश चतुर्थी के दिन पूजा करने से पहले प्रतिमा के दोनों ओर रिद्धि-सिद्धि के रूप में एक-एक सुपारी भी रखें.

ऐसे करें पूजा
गणपति की मूर्ति की जहां स्थापना हुई है उसके पास तांबे या चांदी के कलश में जल भरकर रखें. कलश गणपित के दांई ओर होना चाहिए. इस कलश के नीचे चावल या अक्षत रखें और इसपर मोती अवश्य बांधें. गणपति के बांई तरफ चावल के ऊपर घी का दिया अवश्य जलाएं. पूजा और माला जपने का समय एक रखेंगे तो मनचाहा लाभ होगा. इसके बाद भगवान की आरती करें.

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।।

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First published: August 25, 2019, 5:20 AM IST
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