Home /News /lifestyle /

Ganesh Mahotsav 2021 : गणेश जी की 4 भुजाएं हैं इन बातों की प्रतीक, संयम की भी मिलती है सीख

Ganesh Mahotsav 2021 : गणेश जी की 4 भुजाएं हैं इन बातों की प्रतीक, संयम की भी मिलती है सीख

गणेश की चार भुजाओं का मतलब बड़ा गहरा है. Image Credit :  shutterstock.com

गणेश की चार भुजाओं का मतलब बड़ा गहरा है. Image Credit : shutterstock.com

Ganesh Mahotsav 2021 : गणेश महोत्‍सव (Ganesh Mahotsav) के अवसर पर हम आपको बताते हैं कि बप्‍पा यानी चार भुजाधारी गणपति जी (Ganesh) की 4 भुजाएं (Arms) हमें किस चीज की सीख देती हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated :

    Ganesh Mahotsav 2021 : गणेश महोत्‍सव देश भर में धूमधाम से मनाया जा रहा है. भाद्रपक्ष की चतुर्थी से आरंभ हो कर अनंत चतुर्दशी के दिन यानी 19 सितंबर के दिन गणेश महोत्‍सव (Ganesh Mahotsav) का समापन होगा. इस बीच देश भर में भक्‍तों ने पूरे मन और ध्‍यान से उनकी आराधना और पूजन की. माना जाता है कि रिद्धि-सिद्धि के देवता गणपति जहां भी विराजमान होते हैं वहां कभी भी धन, वैभव, आयुष की कमी न‍ही होती. प्रथम पूज्‍य गणेश की प्रतिमा में उनके हर अंग की अपनी एक व्‍यख्‍या बताई जाती है. उनके बड़े कान सुनने और दूर से ही खतरे को भापने के प्रतीक (Symbol) माने जाते हैं जबकि लंबी सूंड शक्ति का प्रतीक मानी जाती है.

    इसके अलावा विशालकाय सिर चिंतन और विचारवान होने का प्रतीक है जबकि उनकी हर भुजाएं भी कई चीजों का विश्‍लेषण करती हैं. तो आइए जानते हैं कि उनकी चार भुजाओं (Arm) के पीछे क्‍या रहस्‍य है. बता दें कि उनकी चार भुजाओं में से एक हाथ में अंकुश, दूसरे हाथ में पाश, तीसरे हाथ में मोदक व चौथे में आशीर्वाद मुद्रा है. तो आइए जानते हैं कि उनकी चार भुजाओं के क्‍या संकेत हैं.

     पहली भुजा

    गणनायक गणेश अपनी पहली भुजा में अंकुश लिए हुए हैं जो इस बात का प्रतीक है कि अपनी तमाम कामनाओं पर अंकुश रखना अत्‍यंत जरूरी है. दरअसल यह कामनाओं पर संयम रखने का सूचक है.

    इसे भी पढ़ें : भगवान गणेश के इन 108 नामों का करें ध्यान, विघ्नहर्ता दूर करेंगे सारे कष्ट

    दूसरी भुजा

    गणपति की दूसरी भुजा में पाश है जो यह बताता है कि हर व्यक्ति को स्वयं के आचरण और व्यवहार में संयम और नियंत्रण रखना जरूरी है, जिससे जीवन का संतुलन बना रहे. दरअसल पाश नियंत्रण, संयम और दण्ड का प्रतीक है.

    तीसरी भुजा

    बप्‍पा की तीसरी भुजा में मोदक होता है. मोदक का अर्थ जो मोद यानी आनन्द देता है, जिससे आनन्द प्राप्त हो, संतोष हो. मतलब यह हुआ कि तन और मन में संतोष होना जरूरी है तभी आप जीवन का वास्तविक आनंद पा सकते हैं.  जैसे मोदक धीरे-धीरे खाने पर उसका स्वाद और मिठास अधिक आनंद देता है और अंत में मोदक खत्म होने पर आप तृप्त हो जाते हैं, उसी तरह ऊपरी और बाहरी ज्ञान व्यक्ति को आनंद नहीं देता बल्कि ज्ञान की गहराई में सुख और सफलता की मिठास छुपी होती है.

    इसे भी पढ़ें : Ganesh Mahotsav 2021: गणपति की मूर्ति तोहफे में देने से पहले जानें वास्तु के ये नियम

    चौथी भुजा

    चौथी भुजा भक्तों को आशीर्वाद देने की मुद्रा में है. जो अपने कर्म के फलरूपी मोदक को भगवान के हाथ में रख देता है उसे प्रभु आशीर्वाद देते हैं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

    Tags: Ganesh, Ganesh Chaturthi 2021, Ganesh Chaturthi Celebration, Lifestyle

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर