Gaslighting: गैसलाइटिंग क्या होता है, कैसे पड़ता है इसका रिलेशनशिप पर असर

Gaslighting: गैसलाइटिंग क्या होता है, कैसे पड़ता है इसका रिलेशनशिप पर असर
गैसलाइटिंग (Gaslighting) एक भावनात्मक दुरुपयोग है.

गैसलाइटिंग (Gaslighting) एक भावनात्मक दुरुपयोग है. प्यार-मोहब्बत में इस तरह व्यवहार (Behavior) करने से सामने वाला इंसान बिल्‍कुल टूट जाता है या मानसिक रूप से प्रताड़ित (Mentally Tortured) महसूस करता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 15, 2020, 11:19 AM IST
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गैसलाइटिंग (Gaslighting) शब्द आपने भी कभी न कभी सुना होगा या सुनकर नजरअंदाज कर दिया होगा. इस शब्द के बारे में ज्यादा जानने की कोशिश भी कभी नहीं की होगी कि गैसलाइटिंग (Gaslighting) क्या होता है. मनोवैज्ञानिक किसी व्यक्ति के साथ छल करते हुए या हावी होते हुए वास्तविकता पर सवाल करने को गैसलाइटिंग (Gaslighting) कहते हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो गैसलाइटिंग मनोवैज्ञानिक तरीके से किसी से बात करते हुए उसकी पवित्रता, फैसलों और यादों पर सवाल खड़े करने को कहा गया है. रिलेशनशिप (Relationship) में भी एक व्यक्ति दूसरे के साथ इस तरह का बर्ताव करता है, ऐसा कई बार आपने अपने आस-पास के लोगों का दोस्तों से सुना होगा. गैसलाइटिंग (Gaslighting) एक भावनात्मक दुरुपयोग है. प्यार-मोहब्बत में इस तरह व्यवहार करने से सामने वाला इंसान बिल्‍कुल टूट जाता है या मानसिक रूप से प्रताड़ित (Mentally Tortured) महसूस करता है.

गैसलाइटिंग क्यों होता है?
लोग रिलेशनशिप (Relationship) के दौरान अलग-अलग कारणों से एक नियंत्रण (Control) और शक्ति (Power) चाहते हैं. इसलिए वे आपकी वास्तविकता पर सवाल उठाएंगे, झूठ बोलेंगे, विश्वास नहीं करेंगे. गैसलाइटिंग (Gaslighting) के अलग-अलग तर्क हैं. इस स्थिति के दौरान आप किसी बाहरी व्यक्ति से मदद ले सकते हैं. समय के साथ गैसलाइटिंग (Gaslighting) के शिकार व्यक्ति खुद पर ही भरोसा नहीं करते. उन्हें यह भी लगता है कि वे मानसिक रूप से कमजोर हैं. इस तरह से गैसलाइटिंग रिलेशनशिप के दौरान होता है.

गैसलाइटिंग से कैसे पड़ता है असर (Effect)
मानसिक स्वास्थ्य पर असर


किसी व्यक्ति के मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के लिए गैसलाइटिंग के भयावह प्रभाव हो सकते हैं. यह प्रक्रिया धीरे-धीरे होती है जिससे व्यक्ति का आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान छिन जाता है. उन्हें यह भी लग सकता है कि वे दुर्व्यवहार के लायक हैं.

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सामजिक जीवन पर प्रभाव
गैसलाइटिंग से किसी व्यक्ति के सामाजिक जीवन पर असर पड़ सकता है. अपमान करने वाला व्यक्ति आपको मित्रों और परिवार से दूर कर सकता है. इससे पीड़ित व्यक्ति खुद को अस्थिर महसूस करते हुए सभी से अलग होकर आइसोलेशन में जा सकता है. इससे अपनों से दूर भी होने का डर होता है.

रिलेशनशिप छोड़ने के बाद भी प्रभाव
गैसलाइटिंग करने वाले व्यक्ति से रिलेशनशिप खत्म करने के बाद भी इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है. अपनी ही धारणाओं पर संदेह करते हुए कोई व्यक्ति परेशानी वाले फैसले ले सकता है. अपनी भावनाओं को आवाज देने की जरूरत भी वे महसूस नहीं करते हैं.

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मानसिक चिंता
गैसलाइटिंग से मानसिक स्वास्थ्य जैसी चिंताओं का विकास हो सकता है. निरंतर खुद पर ही भ्रम पैदा होता रह सकता है. आत्म-सम्मान को लगी ठेस और निराशा से मानसिक तनाव भी उत्पन्न होने की संभावना बनी रहती है.

अविश्वास की भावना पैदा हो सकती है
कुछ लोग अन्य लोगों पर भरोसा करने से बच सकते हैं या आगे इस तरह की घटना नहीं हो, उसके लिए अविश्वास की भावना पाल सकते हैं. खुद को दोषी ठहराते हुए दूसरों पर विश्वास नहीं दिखाने से अन्य रिश्ते भी प्रभावित हो सकते हैं.

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ज्यादा लोगों से घुलमिल जाने से नुकसान
गैसलाइटिंग के बाद कुछ पीड़ित अपने आस-पास ज्यादा प्रसन्न लोगों को रखने का प्रयास करते हैं और उनसे भी उन्हें नुकसान हो सकता है. कुछ अन्य लोग इससे ऐसे समय में आपका फायदा उठाकर फिर से ऐसा कर सकते हैं.
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