Goa Liberation Day 2020: गोवा घूमने से पहले जान लें यहां की आजादी की सुनहरी कहानी

Goa Liberation Day 2020: आज के दिन मनाया जाता है गोवा मुक्ति दिवस.

Goa Liberation Day 2020: आज के दिन मनाया जाता है गोवा मुक्ति दिवस.

Goa Liberation Day 2020: भारतीय सेनाओं ने 19 दिसंबर, 1961 को 'ऑपरेशन विजय' के तहत पुर्तगालियों को गोवा से जाने पर मजबूर कर दिया. इसी ऐतिहासिक घटना के सम्मान में हर साल गोवा मुक्ति दिवस (Goa Liberation Day) मनाया जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 19, 2020, 11:10 AM IST
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Goa Liberation Day 2020: भारत को आजादी मिलने के 14 साल बाद गोवा को पुर्तगाली शासन से आजादी मिल सकी. गोवा को भारतीय सशस्त्र बलों ने संयुक्त कार्रवाई कर आजाद कराया था. इसकी वजह यह थी कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद पुर्तगाली गोवा को छोड़ने को तैयार नहीं थे. ऐसे में सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी. इसके बाद भारतीय सेनाओं ने 19 दिसंबर, 1961 को 'ऑपरेशन विजय' के तहत पुर्तगालियों को गोवा से जाने पर मजबूर कर दिया. इसी ऐतिहासिक घटना के सम्मान में हर साल गोवा मुक्ति दिवस (Goa Liberation Day) मनाया जाता है.

गोवा अपने खूबसूरत बीचेज आदि के लिए मशहूर है. विदेशों से लोग यहां घूमने आते हैं. हालांकि पहले लंबे समय तक यहां पुर्तगाल का शासन रहा और यह इसका उपनिवेश बना रहा. पुर्तगालियों से मुक्त होने के बाद यह 1962 में भारत का हिस्सा बन गया. पुर्तगालियों से गोवा को आजाद कराने का यह जश्न गोवा मुक्ति दिवस (Goa Liberation Day) के रूप में मनाया जाता है. इसकी राजधानी पणजी है.

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मार्च 1510 में अलफांसो-द-अल्बुकर्क के नेतृत्व में गोवा पर पुर्तगालियों का पहला आक्रमण किया गया था. इसके बाद यह पुर्तगालियों के कब्जे में आ गया. इसके बाद पुर्तगालियों को गोवा से खदेड़ने के लिए भारत के यूसुफ आदिल खां ने उन पर हमला किया. इससे पुर्तगाली घबरा गए और भाग गए. हालांकि इसके बाद अल्बुकर्क ने इस पर फिर से कब्जा जमा लिया. 1809-1815 के बीच नेपोलियन ने पुर्तगाल पर कब्जा किया. इसके बाद 1947 तक गोवा अंग्रेजों के अधीन रहा. इस तरह उस समय यह क्षेत्र अंग्रेजों के समुद्री व्यापार का मुख्य केंद्र बन गया.
बड़े उत्‍साह से मनाया जाता है यह दिवस

गोवा मुक्ति दिवस गोवा में बड़े उत्‍साह के साथ मनाया जाता है. इस मौके पर राज्य में कई जगहों पर मशाल जुलूस निकता है. इसके बाद इसे आजादी दिलाने के लिए अपने प्राणों को गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी जाती है. इस मौके पर राज्‍य में सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं और लोग बड़े उत्‍साह, खुशी के साथ इस दिन को मनाते हैं. कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं.
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