Good News: अब आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से जान पाएंगे क्‍या होगा बच्चे का करियर

Image Credit: Pexels/August-de-Richelieu
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अब पेरेंट्स (Parents) घर बैठे ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता ( Artificial Intelligence) पद्धति के जरिए यह पता लगा सकते हैं कि बच्चा पढ़ाई में कितना कमजोर और कितना तेज है. साथ ही बच्‍चों में तनाव का अनुमान भी लगाया जा सकेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 28, 2020, 10:59 AM IST
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अधिकांश पेरेंट्स (Parents) को उनके बच्चों के भविष्य की चिंता सताती है. ऐसे में पेरेंट्स स्कूल टीचर्स (School Teachers) से समय-समय अपने बच्चों के शैक्षणिक प्रदर्शन (Academic Performance) पर मीटिंग करते हैं, लेकिन अब ऐसे पेरेंट्स को अपने बच्चे के शैक्षणिक प्रदर्शन को लेकर चिंता करने की जरुरत नहीं है. क्योंकि अब आप घर बैठे ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता ( Artificial Intelligence) पद्धति के जरिए यह पता लगा सकते हैं कि आपका बच्चा पढ़ाई में कितना कमजोर और तेज है. अध्ययन में इस पद्धति के आधार पर 42 रूसी क्षेत्रों में 4,400 छात्रों के करियर का पता लगाया गया है.

एआई-आधारित मॉडल से बच्चों की बुद्धिमता का अध्ययन
बता दें कि रूस की एक शोधकर्ता टीम ने एक एआई-आधारित मॉडल (AI Based Model) बनाया है, जिसमें सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर यह पता लगाया जा सकता है कि बच्चा पढ़ने में कितना कमजोर और समझदार है. शोधकर्ता इस पद्धति में एक 'गणितीय पाठकीय विश्लेषण' का उपयोग करते हैं जो यूजर्स के शब्दावली वर्णों, प्रतीकों, पोस्ट की लंबाई और शब्द की लंबाई को पंजीकृत करता है.

शब्दों के चयन से की बुद्धिमता की जांच
शोधकर्ताओं के अनुसार वैज्ञानिक और सांस्कृतिक विषय, अंग्रेजी शब्द, शब्द और लंबी पोस्ट बच्चों के अच्छे शैक्षणिक प्रदर्शन के संकेतक मान जाते हैं. इमोजी का ज्यादा से इस्तेमाल, शब्द और बड़े अक्षरों में लिखे गये पूरे वाक्यांश और कुंडली से संबंधित शब्दावली, ड्राइविंग और सैन्य सेवा स्कूल में बच्चे के लिए निम्न ग्रेड का संकेत देती है.



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बच्चों में तनाव का भी पता लगाती है पद्धति
शोधकर्ताओं ने बताया, यह महत्वपूर्ण है कि इस पद्धति ने विभिन्न सोशल मीडिया साइट्स जैसे रूस की वीके (VK) और ट्विटर के डेटासेट पर सफलतापूर्वक काम किया है. जिससे यह साबित होता है कि यह विभिन्न संदर्भों में प्रभावी हो सकती है. इसके अलावा इस पद्धति का उपयोग छात्र के शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ-साथ उनकी आय या तनाव और अवसाद तक का अनुमान लगाने के लिए किया जा सकता है.

शोधकर्ताओं ने ऐसे किया अध्ययन
बता दें कि अध्ययन में वीके पोस्ट के डेटा पर कुल 100 करोड़ से ज्यादा शब्द और 25 लाख यूनिक शब्दों पर शब्द वेक्टर प्रतिनिधित्व के साथ अपर्यावक्षित मशीन लर्निंग प्रदर्शन किया गया. इसके बाद इसे एक सरल पर्यवेक्षित मशीन लर्निंग पद्धति के साथ जोड़ा गया. फिर यह व्यक्तिगत रूप से प्रशिक्षित किया गया और इसे पीआईएसए (Programme for International Students Assessment) की भविष्यवाणी करना सिखाया गया.

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बता दें कि अध्ययन में वीके पोस्ट एक प्रशिक्षण नमूने के रूप में इस्तेमाल किए गए हैं. जिसमें 2,468 विषयों में से कुल 130,575 पोस्ट शामिल थे, जिन्होंने पीआईएसए (PISA) परीक्षा दी. इस परीक्षण में शोधकर्ताओं को छात्र की शैक्षणिक योग्यता के साथ उसके व्यवहार और ज्ञानार्जन पर उनकी क्षमता का भी पता चला.
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