हाथों से बनीं हुई साड़ी पहनने के हैं शौकीन तो इन शहरों में मिलेंगे बेस्ट ऑप्शन

हाथों से बनीं हुई साड़ी पहनने के हैं शौकीन तो इन शहरों में मिलेंगे बेस्ट ऑप्शन
हैन्डलूम साड़ियां प्राकृतिक धागे, (सूत, सिल्क और लिनेन) से बुनी जाती हैं.

खास मौकों पर आज भी भारत की महिलाएं साड़ियां पहनना ही पसंद करती हैं. बनारसी, सिल्क, प्रिंट, कॉटन कई तरह की साड़ियां आपने कैरी की होंगी. साड़ियों का क्रेज रखने वाली महिलाएं अपने कलेक्शन में सबकुछ ट्रेंडी चाहती हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 22, 2020, 12:16 PM IST
  • Share this:
भारत विविधताओं का देश है. यहां हर कोने में एक विरासत है. राजा महाराजाओं से लेकर यहां की संस्कृति के रग-रग में कोई चीज समाई हुई है तो वो है हथकरघा. देश के अलग-अलग हिस्से में पहनावे में बुनाई, कढ़ाई और सिलाई की एक अलग किस्म पाई जाती है. 70 से ज्यादा बुनाई के पैटर्न भारत के ग्रामीण हिस्सों से आते हैं. वैसे तो चादरे, पर्दे, शॉल से लेकर कई सजावटी सामान बाजार में बुनाई का उपलब्ध है. लेकिन भारतीय परिधान साड़ी की बात ही अलग है.

खास मौकों पर आज भी भारत की महिलाएं साड़ियां पहनना ही पसंद करती हैं. बनारसी, सिल्क, प्रिंट, कॉटन कई तरह की साड़ियां आपने कैरी की होंगी. साड़ियों का क्रेज रखने वाली महिलाएं अपने कलेक्शन में सबकुछ ट्रेंडी चाहती हैं. अगर, आप भी ऐसा ही कुछ सोच रही हैं तो हाथ से बनी हुई साड़ियों को ट्राई कर सकती हैं. अब आप सोच रहे होंगे कि हाथ से बनी साड़ियां मिलेंगी कहां? क्योंकि बाजार के हर हिस्से में तो हाथों से बनी हुई साड़ियां मिलेंगी नहीं. इसलिए आज हम आपको बताने जा रहे हैं देश के उन शहरों के बारे में जहां पर हाथ से बनी हुई खास साड़ियां मिलती है.

वाराणसी, उत्तर प्रदेश



हैन्डलूम साड़ियां प्राकृतिक धागे, (सूत, सिल्क और लिनेन) से बुनी जाती हैं. इसे बुनने में बुनकर लोग अपनी सारी कला उढ़ेल देते हैं. उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मिलने वाली मलबरी सिल्क साड़ी को कटन कटन कहते हैं. ये साड़ियां थोड़ी महंगी होती हैं, लेकिन देखने में बहुत ज्यादा शानदार लगती हैं. कटन की साड़ियां आपको बनारस के स्टेशन से लेकर मैन बाजार में आसानी से मिल जाएगी.
गोल्ड टोन और कढ़ाई के जाने वाली मूंगा सिल्क राजशाही परिवारों की शान मानी जाती थी.
गोल्ड टोन और कढ़ाई के जाने वाली मूंगा सिल्क राजशाही परिवारों की शान मानी जाती थी.


सोआलकुची, असम

गोल्ड टोन और कढ़ाई के जाने वाली मूंगा सिल्क राजशाही परिवारों की शान मानी जाती थी. वर्तमान में यह साड़ियां आसानी से मिल जाती हैं. मूंगा सिल्क सोआलु नामक पेड़ के बनने वाले धागे से बनती है. ये साड़ी काफी मजबूत होती है और इसकी चमक हमेशा ही बरकरार रहती है.

 

इसे भी पढ़ें : काजोल रेड ड्रेसेज में दिखीं बेहद खूबसूरत, पार्टी में आप भी ट्राई कर सकती हैं ये लुक्स

कोटा, राजस्थान

ट्रेडिशनल वियर के लिए जाने वाले राजस्थान में हथकरघा के कई सारे ऑप्शन मौजूद हैं. राजस्थान का कोटा अपनी डोरिया डिजाइन की वजह से पहचाना जाता है, जिसे खत कहते हैं. शुद्ध कॉटन और सिल्क साड़ियों की इतनी रेंज हर किसी के दिल में खास जगह बनाती है. कोटा में हर जगह आपको इस तरह की साड़ियां मिल जाएंगी. सिर्फ साड़ियां नहीं कोटा की कुछ खास दुकानों पर आपको स्पेशल हाथों की कढ़ाई वाले सूट और ड्रेस भी मिल जाएंगे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading