लाइव टीवी

इस राज्य में दुल्हनों को सरकार देगी मुफ्त एक तोला सोना, सैनेटरी नैपकिन को लेकर भी बड़ा फैसला

News18Hindi
Updated: November 20, 2019, 4:34 PM IST
इस राज्य में दुल्हनों को सरकार देगी मुफ्त एक तोला सोना, सैनेटरी नैपकिन को लेकर भी बड़ा फैसला
अरुंधति स्कीम में दुल्हनों को एक तोला सोना मुफ्त देने की घोषणा की गई है.

गुवाहाटी में अरुंधति स्कीम (Arundhati Scheme) की शुरुआत की गई है. इसमें दुल्हनों को एक तोला सोना मुफ्त देने की घोषणा की गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 20, 2019, 4:34 PM IST
  • Share this:
असम सरकार ने हाल ही में दुल्हनों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. इस अहम फैसले के तहत अरुंधति स्कीम (Arundhati Scheme) की शुरुआत की गई है. इसमें दुल्हनों को एक तोला सोना मुफ्त देने की घोषणा की गई है. गुवाहाटी में खुद मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस स्कीम को हरी झंडी दिखाई और एक तोला सोना (करीब 11.66 ग्राम) दुल्हन के माता-पिता को मुफ्त में देने की घोषणा की. हालांकि, इस स्कीम के अंदर वही परिवार आएंगे जो आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं. आपको बता दें कि यह स्कीम इस साल के राज्य बजट में पहले से ही प्रस्तावित थी.

इसे भी पढ़ेंः शादी के सीजन में गोल्ड ज्वैलरी के ये हैं टॉप 6 ट्रेंड्स, लोगों की नजरें नहीं हटेंगी

लड़की की शादी 18 साल की उम्र से पहले नहीं हो सकती
वैसे तो बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत अरुंधति योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में बाल विवाह की संख्या को कम करना है. बाल विवाह निषेध अधिनियम के अनुसार भारत में किसी भी लड़की की शादी 18 साल की उम्र से पहले नहीं हो सकती. वहीं लड़के की शादी 21 साल से पहले नहीं कराई जा सकती. यह कानूनन अपराध है. इस वजह से अरुंधति योजना का लाभ, औपचारिक पंजीकरण के जरिए असम के विशेष विवाह नियम 1954 के तहत लिया जा सकता है.

सभी कार्यालयों में सैनिटरी नैपकिन रखे जाने का फैसला
इस योजना का लाभ किसी भी जाति, पंथ, धर्म आदि से अलग वही परिवार ले सकते हैं जिनकी वार्षिक आय 5 लाख से कम है. वहीं इस स्कीम के साथ साथ सरकार ने सभी कार्यालयों और उद्योगों में अनिवार्य रूप से सैनिटरी नैपकिन रखे जाने का भी फैसला लिया है. ये फैसला कार्यस्थल पर महिलाओं में व्यक्तिगत साफ-सफाई को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है. महिला कर्मचारियों की सुविधा और हाईजीन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ये नियम लागू किया है.

इसे भी पढ़ेंः पीरियड के बारे में लड़कियां नहीं जानती होंगी ये बातें, सच जानना बहुत जरूरीमहिला टॉयलेट्स में डिस्पोजेबल डस्टबिन भी रखें जाएं
इससे महिलाओं को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने में भी आसानी होगी. इसके तहत हर कार्यालय के टॉयलेट में महिलाओं के इस्तेमाल के लिए सैनिटरी नैपकिन या पैड रखना अनिवार्य होगा. कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि टॉयलेट में पैड की संख्या बरकरार रखी जाए और इसकी कमी न हो पाए. इसके साथ ही इसमें यह भी कहा गया है कि सभी महिला टॉयलेट्स में डिस्पोजेबल डस्टबिन भी रखें जाएं, जिससे नैपकिन्स को कलेक्ट किया जा सके. कंपनी को यूज्ड नैपकिन्स के निपटान की भी उचित व्यवस्था करनी होगी.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लाइफ़ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 20, 2019, 4:34 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर