Gardening Tips: घर पर बड़ी ही आसानी से उगाएं ये 5 सब्जियां, बस करना होगा ये काम

गार्डनिंग कर आप सजावटी पौधों और फूलों के अलावा फल-सब्जियां भी लगा सकते हैं.

गार्डनिंग कर आप सजावटी पौधों और फूलों के अलावा फल-सब्जियां भी लगा सकते हैं.

थोड़ी-सी कोशिश से आप कम जगह में भी बढ़िया गार्डन (Garden) तैयार कर सकते हैं, जिसमें सजावटी फूलों से लेकर तमाम फल और सब्जियां (Fruits and Vegetables) भी उगा सकते हैं. अपनी सेहत के साथ-साथ इससे पने पर्यावरण (Environment) की हिफाजत में भी योगदान दे सकते हैं.

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घर में गार्डन (Garden) बनाना बहुत से लोगों को खूब पसंद होता है. हालांकि कभी कभी जगह तो कभी जानकारी की कमी से लोग इसे कर नहीं पाते है. थोड़ी-सी कोशिश से आप कम जगह में भी बढ़िया गार्डन तैयार कर सकते हैं, जिसमें सजावटी फूलों से लेकर तमाम फल और सब्जियां (Fruits and Vegetables) भी उगा सकते हैं. अपनी सेहत के साथ-साथ इससे पने पर्यावरण (Environment) की हिफाजत में भी योगदान दे सकते हैं. अगर आपको हरियाली से प्यार है और आप छोटा-सा ही सही, लेकिन अपना गार्डन चाहते हैं तो यह बेशक मुमकिन है. जगह की कमी के बावजूद आप बेहतर टेरस या किचन गार्डन बना सकते हैं. यहां गार्डनिंग कर आप सजावटी पौधों और फूलों के अलावा फल-सब्जियां भी लगा सकते हैं.आप टेरस, बालकनी, खिड़कियां या लिविंग रूम या फिर छोटे से लॉन में भी हरियाली बिखेर सकते हैं. आइए जानते हैं गार्डनिंग के टिप्स के बारे में.

मिर्ची
गर्म ट्रॉपिकल जलवायु हरी मिर्च के लिए सबसे उपयुक्त होती है. अगर आप ऐसे जलवायु में नहीं रहते हैं तो अच्छे परिणाम के लिए आपको इंडोर या फिर ग्रीनहाउस का सहारा लेना पड़ेगा. हरी मिर्च के पौधों को गर्मी पर्याप्त मात्रा में चाहिए होती है. इसलिए हरी मिर्च का पौधा लगाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उन्हें सूरज की पूरी रोशनी मिले. पौधे ऐसी जगहों पर बिल्कुल न लगाएं जहां रात का तापमान 15 डिग्री से नीचे चला जाता हो. मिर्च के पौधे को उर्वर मिट्टी में लगाएं. अगर आप गमले में पौधे को लगा रहे हैं तो ऑर्गेनिक कम्पोस्ट का इस्तेमाल जरूर करें. मिर्च के बीज को जमीन में कम से कम 3 इंच नीचे डालने की जरूरत होती है. जब पौधे जमीन से बाहर आ जाएं तो आप इसे यहां से हटाकर गमले या फिर किसी उपयुक्त जमीन पर लगा दें. मिर्च उगाने के दौरान पौधों को नियमित रूप से पानी दें पर ध्यान रखें कि ज्यादा पानी घातक हो सकता है.

टमाटर
टमाटर का पौधा उगाने के लिए सबसे पहले ऐसी जगह चुनें जहां पर्याप्त धूप आती हो. दरअस्ल, टमाटर के पौधे को दिन में कम से कम 8 से 10 घंटे की धूप चाहिए होती है. जितना संभव हो उतना बड़ा गमला चुनें. टमाटर के पौधे को काफ़ी पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है तो इसलिए यह ज़रूरी हो जाता है कि गमले में पर्याप्त मिट्टी हो. आपको समय-समय पर मिट्टी की पोषकता को बढ़ाने का प्रबंध करना होगा. आप बायो‌डीग्रेडेबल किचन वेस्ट को इस गमले में डालें. आप किसी टमाटर से बीज निकालें. उसके बाद कुछ पेपर कप्स लें और उन्हें एक इंच तक गमले की मिट्टी डालकर भरें. फिर टमाटर के बीज डालें. उसके बाद ऊपर से मिट्टी डालकर बीजों को ढंक दें. कुछ दिनों तक पेपर कम पर पानी का छिड़काव करते रहें. कुछ दिनों बाद आपको अंकुर आते दिखेंगे. जब अंकुर की लंबाई लगभग एक इंच हो जाए तब पेपर कप को काटकर पौधे को गमले में प्लांट कर दें. एक गमले में केवल एक पौधा लगाएं. मिट्टी हल्की नम रहे, पर बहुत ज़्यादा गीली नहीं. जब पौधे बड़े होने शुरू हो जाएं तो उन्हें लकड़ी का सहारा दे दें, वर्ना वे फलों के बोझ से झुक जाएंगे. पौधे को रोज़ाना पानी दें.



धनिया
धनिया एक 6-10 इंच का छोटा सा पौधा होता है, इसे लगाना और देखभाल करना भी काफी आसान होता है. एक चौड़ा गमला या फिर जमीन में पहले खर-पतवार हटा के साफ मिट्टी भरें, गोबर की खाद या जैविक खाद मिला लेने से और अच्छा होता है. इस मिटटी को गमले में भरने के बाद पानी डाल के नम कर लें. अब धनिया के बीजों को फैला दें. ये बीज एक दूसरे से करीब 6-8 इंच दूर होने चाहिए. अब पूरे गमले में 0.5-1 सेंटीमीटर मिटटी की परत बिछा दें. धनिया के पौधों में बराबर पानी डालना चाहिए पर ध्यान रखें कि इसे इतना पानी चाहिए कि नमी बनी रहे पर गीला न हो. एक स्प्रे बोतल से पानी का छिड़काव करें. 7-10 दिनों में अंकुर निकलने लगेंगे.

करेला
करेला एक मौसमी बेल है जो कि सूरज की रोशनी की समुचित उपलब्धता के साथ गर्म जलवायु में होता है. इसे यदि अप्रैल और मई की महीने में उगाया जाए तो यह अच्‍छे से उगेगा. करेले को या तो उसके बीज को बोकर उगाया जा सकता है या फिर प्रतिरोपण भी कियी जा सकता है. सबसे पहले आधे इंच की जमीन खोदिए और उसमें दो से तीन बीज फैला दीजिये. बीज को एक दिन पहले पानी में भिगो कर रखने से यह अच्‍छी तरह से उगेगी. जब आप बीज को बो दें तब मिट्टी पर पानी छिड़क दें. फिर 2-3 दिनों में यह बढ़ना शुरू हो जाएगी. इन पौधो को ज्‍यादा देखभाल की जरूरत नहीं होती. बस इन्‍हें समय समय पर खूब सारा पानी देते रहें. जब फल हल्‍का हरा दिखे और अंदर का भाग सफेद और रसदार तब आप इसे तोड़ सकते हैं. इसको बढ़ने में वैसे तो 3-4 महीने लग जाते हैं.

खीरा
सबसे पहले गमले का आकार चुनें. गमला कम से कम 12 इंच गहरा हो जिसे आप घर पर कहीं भी आसानी से रख सकते हो. गमले में पानी निकलने के लिए भी जगह जरूर छोड़ें यानि कि गमले के नीचे की ओर से एक छोटा छेद जरूर करें, मिट्टी और बीज को डालने से पहले गमले को मिट्टी या खाद्य से पूरी तरह भर लें ताकि पौधे को पूरी तरह पोषण मिल सके. मिट्टी या खाद्य डालने के बाद इसमे एक छेद करें. फिर ऊपर से बीज को बोएं. छेद करने के लिए आप पेन या पेनसिल की मदद भी ले सकते हैं. गमले में खीरे के बीज को रोपने के बाद उन्हें सही मात्रा में धूप और पानी देते रहे ताकि पौधे का विकास अच्छे से हो सके. कुछ ही दिनों में खीरे की बेल निकलती नजर आने लगेगी.
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