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आजादी और आध्यात्मिकता से जीवन हुआ आसान, महिलाओं में बढ़ा 'हैप्पीनेस लेवल'

आजादी और आध्यात्मिकता से जीवन हुआ आसान, महिलाओं में बढ़ा 'हैप्पीनेस लेवल'

स्टडी में सामने आया कि कम उम्र की युवतियां अपनी लाइफ से ज्यादा संतुष्ट हैं.  (प्रतीकात्मक फोटो-pexels)

स्टडी में सामने आया कि कम उम्र की युवतियां अपनी लाइफ से ज्यादा संतुष्ट हैं. (प्रतीकात्मक फोटो-pexels)

Level of Happiness In Women : अब महिलाओं को मामूली बातों, जैसे क्या पहनना है, क्या खाना है, कैसे बैठना या उठना है, इसके लिए किसी की इजाजत लेने की जरूरत नहीं है. आजादी महिलाओं को खुशी दे रही है.

    Level of Happiness In Women : एक ताजा सर्वे में पता चला है कि कुछ दशक पहले की महिलाओं की तुलना में आज की युवतियां ज्यादा खुश रहने लगी हैं और ये बदलाव उनमें अपनी लाइफ से जुड़ा हर फैसला लेने की उनकी बड़ी हुई क्षमता की वजह से है. दैनिक भास्कर अखबार में छपी न्यूज रिपोर्ट के अनुसार अब उन्हें मामूली बातों, जैसे क्या पहनना है, क्या खाना है, कैसे बैठना या उठना है, इसके लिए किसी की इजाजत लेने की जरूरत नहीं है. वो अपने फैसले खुद ले सकती है. इसमें आध्यात्मिकता भी एक वजह है जो महिलाओं के ‘लेवल ऑफ हैप्पीनेस (Level of Happiness)’ को बढ़ा रही है.

    इस रिपोर्ट के अनुसार, पुणे के रिसर्च सेंटर दृष्टि स्त्री अध्ययन प्रोबधन केंद्र (DSAPK) ने देश के 29 राज्यों की 43 हजार से ज्यादा महिलाओं से उनकी खुशी को लेकर सवाल किए. इन महिलाओं की उम्र 18 साल से लेकर 70 साल के बीच की थी.

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    सर्वे में क्या निकला?
    सर्वे में महिलाओं के साथ बातचीत में सामने आया कि कम उम्र की युवतियां अपनी लाइफ से ज्यादा संतुष्ट हैं. 18 से 40 साल के बीच की कम से कम 80 प्रतिशत प्रतिभागियों ने खुद को खुश बताया. इनमें से ज्यादातर महिलाएं आध्यात्म से भी जुड़ी हुई थीं, यानी पूजा-पाठ या किसी तरह का मेडिटेशन जैसी एक्टिविटी से वो जुड़ी हुई थीं.

    आजादी महिलाओं को खुशी दे रही
    आपको बता दें कि भारत के अलावा दूसरे देशों में भी महिलाओं में हैप्पीनेस के लेवल को समझने के लिए स्टडी हुई है. यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया द्वारा की गई ऐसी ही एक स्टडी के लिए डे रिकंस्ट्रक्शन मेथड (Day Reconstruction Method) की मदद ली गई, जिससे ये समझने की कोशिश थी कि एक दिन में महिलाओं के इमोशंस में कितना उतार-चढ़ाव आता है. इसके नतीजों के अनुसार आजादी महिलाओं को खुशी दे रही है.

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    पुरुषों के मुकाबले बेटर हैंडलर
    इस स्टडी में ये भी पाया गया कि फिट रहना भी महिलाओं को ज्यादा खुश रखता है. अध्ययन के मुताबिक एक्सरसाइज करना महिलाओं को उनकी सैलरी मिलने जैसी खुशी देता है. सर्वे में एक चौंकाने वाली बात ये भी सामने आई कि अगर महिला और पुरुष को एक जैसी परेशानी दी गई, तो महिला उसे ज्यादा आसानी से डील करती है.

    Tags: Lifestyle, Women Health

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