रोटियां गोल बनाने से पहले जरूरी है सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग, ये लीजिए टिप्स

महिलाओं के लिए बेहद जरूरी हैं ये सेल्फ डिफेंस टिप्स
महिलाओं के लिए बेहद जरूरी हैं ये सेल्फ डिफेंस टिप्स

महिलाओं के साथ छेड़छाड़ (Molestation), बलात्कार (Rape) और घरेलू हिंसा (Domestic Violence) और रेप के बाद उनकी हत्या करने की घटनाएं देखने को मिल रही हैं. ऐसे में लड़कियों को रक्षा के लिए अटैकिंग मोड में भी आना होगा. आप अपराधी में बरर्बर मंसूबों को अंजाम ना दे पाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 30, 2020, 6:07 PM IST
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देश में एक के बाद एक होते बलात्कार पितृसत्ता, पुलिस और पूरे समाज पर एक सवालिया निशान हैं. हाल ही में हाथरस में हुए बर्बर गैंगरेप (Hathras Gangrape) के बारे में जिसने भी सुना उसके रोंगटे खड़े हो गए. लेकिन बावजूद इसके बलात्कार के मामले में अक्सर ऐसा देखा गया है कि या तो बर्बरता का ठीकरा पूरी तरह से पीड़िता के सिर, लड़कियों के कपड़ों पर फोड़ दिया जाता है और पितृसत्ता इस तरह की बयानबाजी के साथ मामले से अपना पल्ला झाड़ लेती है. हमारे समाज में लड़कियों को शुरू से ही घूंघट में रहना, पर्दा करना, ऊंची आवाज न करना और सहनशील होने सिखाया जाता रहा है शायद यही वजह है कि समाज में इस तरह के अपराध का ग्राफ बड़ी तेजी से बढ़ा है. आए दिन खबरों में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ (Molestation), बलात्कार (Rape) और घरेलू हिंसा (Domestic Violence) और रेप के बाद उनकी हत्या करने की घटनाएं देखने को मिल रही हैं. लेकिन अब बदलते हुए समय की यह मांग बन चुकी है कि लड़कियों की खामोशी की चादर ओढ़ने और चुप रहने की जगह अत्याचारों के खिलाफ न केवल आवाज मुखर करनी होगी बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए अटैकिंग मोड में भी आना होगा. आप अपराधी में बरर्बर मंसूबों को अंजाम ना दे पाए. आइए जानते हैं लड़कियों के लिए सेल्फ डिफेंस के कुछ ख़ास टिप्स.



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अपराध को लेकर क्या कहता है आंकड़ा?
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Record bureau) के आंकड़ों के मुताबिक 2018 महिलाओं के साथ 33,356 बलात्कार के मामले सामने आए. 2017 में दुष्कर्म के 32,559 केस दर्ज हुए थे. जबकि 2016 में यह संख्या 38 हजार से ज्यादा थी. दूसरी ओर एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार देश में बलात्कारियों को सजा देने की दर सिर्फ 27.2% है. वहीं 2017 में दोषियों को सजा देने की दर 32.2% थी. एनसीबी के अनुसार देश में 2018 में हर दिन औसतन 80 हत्याएं (Murder) और 91 दुष्कर्म की वारदात हुईं. महिला के प्रति समाज में मौजूद घिनौने अपराध की दृ्ष्टि से उनकी आत्मरक्षा का सवाल खड़ा होता है. ऐसे में बात करेंगे उन आत्मरक्षा उपायों (Self Defense Weapons) की जिससे महिला किसी भी वक्त उनके साथ होने वाले अपराध से खुद को बचा सके...

परफ्यूम स्प्रे
महिलाएं जब कभी भी घर से निकले तो वह अपने साथ एक परफ्यूम स्प्रे (Perfume Spray) साथ में जरूर रखें. इसकी सबसे ज्यादा जरूरत देर रात निकलने वाली महिलाओं के लिए है. यदि आपके साथ दुर्भाग्यवश कोई घटना होती है तो आप ऐसी स्थिति में छेड़छाड़ करने वाले व्यक्ति के मुंह और आंख पर स्प्रे करें.

लाल मिर्च पाउडर
लाल मिर्च पाउडर महिला की सुरक्षा के लिहाज से बहुत ही उपयोगी है. कोशिश करें कि महिलाएं लाल मिर्च पाउडर को अपनी पॉकेट में हमेशा रखें. यदि आपके साथ कोई गलत हरकत या बदतमीजी करे तो उस पर यह पाउडर छिड़कर उसे सबक सिखाएं.

राइटिंग पैन
महिला सुरक्षा की दृ्ष्टि से पैन बहुत उपयोगी साबित हो सकता है. पैन आपके बचाव के लिए बहुत जरूरी आत्मरक्षा हथियारों में शामिल है. इससे आप संदेह की स्थिति में गला, हाथ और जांघ पर वार कर उसे घायल कर सकते हैं.

लॉक पंच मारना सीखें
हालांकि सभी महिलाओं के पास कराटें सीखने के लिए वक्त और पैसों की कमी होती है लेकिन इसके अलावा आप लॉक पंच मारना आसानी से सीख सकती हैं. इस पंच की मदद से आप बदतमीजी या छेड़छाड़ करने वाले शख्स के कान के ऊपर वाले हिस्से और माथे के पास पंच मारकर उसे ढेर कर सकती हैं. यह ट्रिक पुरुषों के लिए भी बहुत उपयोगी है.

कांच की बोतल
महिलाएं अपनी आत्मरक्षा के लिए एक कांच की बोतल का भी सहारा ले सकती हैं. कांच की बोतल आपकी रक्षा के लिए तब काम आएगी जब आप अकेले किसी कैब से सफर कर रहे हो. बता दें कि आपातस्थिति में कांच से 88 डिग्री के कोण पर ही वार करें.

आर्टिफिशल नाखून:
आप सुरक्षा की दृष्टि से स्टील के बने आर्टिफिशल नाखुन का भी सहारा ले सकती हैं. आप इन्हें रात में ऑफिस से निकलने से पहले लगा सकती हैं. इसकी सहायता से आप संदेह की स्थिति में उचित वार कर सकती हैं.

छिपने की कोशिश करें
शारीरिक तौर पर छेड़छाड़ या अभद्रता होने की स्थिति में आप ज्यादा दूर तक भागने की कोशिश न करें. बल्कि इस दौरान आप किसी महफूज जगह छिप जाएं और किसी के आने का इंतजार करें. जैसे ही कोई दिखाई दे तुरंत शोर मचाएं.

मोबाइल फोन
कामकाजी महिलाएं अपनी आत्मरक्षा के लिए सबसे पहले अपने पास एक मोबाइल फोन जरूर रखें. मोबाइल की बैट्री फुल रखने के साथ बैलेंस भी रखें. इसके साथ ही डायल नंबर पर महिला सुरक्षा और पुलिस नंबर डायल करके रखें. इससे आपको आपातस्थिति में ढूंढने में मदद मिलेगी.
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