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इन 5 योगासन से मिर्गी के मरीजों को मिलेगी राहत, जानें अभ्यास करने का तरीका

मिर्गी के मरीजों को रोज योगासन करना चाहिए. (Image-Canva)

मिर्गी के मरीजों को रोज योगासन करना चाहिए. (Image-Canva)

Easy Yoga Poses For Epilepsy: आजकल बिजी शेड्यूल और खराब खानपान से लाइफ बुरी तरह प्रभावित हो रही है. इसकी वजह से लोगों क ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

हलासन से मिर्गी के दौरे से कुछ हद तक राहत मिलती है.
शवासन से भी मिर्गी के मरीजों को काफी फायदा होता है.

Easy Yoga Poses For Epilepsy: मिर्गी एक खास तरह की न्यूरोलॉजिकल कंडीशन है, जो काफी गंभीर होती है. जब किसी को मिर्गी का दौरा आता है, तो दिमाग की गतिविधि अचानक असामान्य हो जाती है. मिर्गी के दौरों को कम करने के लिए योगासन मदद कर सकते हैं. खराब लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से मिर्गी की शिकायतें बढ़ रही हैं. मिर्गी के बारे में कई तरह की बातें सुनीं होंगी. जब किसी व्यक्ति को मिर्गी का दौरा पड़ता है, तो वो खुद की भी मदद नहीं पाता. इस बीमारी को काफी खतरनाक माना गया है. मिर्गी से जूझ रहे लोगों को अपनी दिनचर्या में कुछ योगासन जरूर शामिल करने चाहिए. इनकी मदद से मिर्गी के दौरे के खतरे को कम किया जा सकता है.

उत्तानासन
नेट मेड्स के अनुसार मिर्गी को ठीक करने में काफी हद तक उत्तानासन मदद कर सकता है. इस आसन को करने में हमारे शरीर का ऊपरी हिस्सा स्ट्रेच होता है. इसे करने के लिए आगे की ओर झुककर खड़े होना पड़ेगा और घुटने को बिना झुकाए पैरों को हाथों से पकड़ना होगा. इससे स्पाइन और काल्फ़ मसल्स भी स्ट्रेच होती है. जिससे मसल्स की टेंशन रिलीज होती है. स्ट्रेस कम होने से मिर्गी के दौरे काफी हद तक कम हो सकते हैं.



सर्वांगासन

इस आसन को करने के लिए जिमिन पर सीधे लेटकर पैरों और दोनों हाथों को थोड़ा रेस्ट दें. फिर दोनों पैरों को ऊपर उठाते हुए कूल्हों को भी ऊपर की तरफ उठाएं और  कोहनी को जमीन पर टिकाकर शरीर को सहारा दें. इससे रीढ़ की हड्डी को मजबूती मिलती है. दिमाग तक ब्लड सर्क्युलेशन अच्छे से होता है. मिर्गी से भी काफी हद तक आराम मिलता है.

मत्स्यासन
इस आसन को फिश पोज भी करते हैं. इसके करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं और बाहों को अपने शरीर के नीचे की तरफ मोड़ दें. फिर सिर और चेस्ट को ऊपर उठाएं और सांस लें. कोहनी का इस्तेमाल करते हुए शरीर का संतुलन बनाएं. इससे लंग्स को मजबूती मिलती है. कंधों के ऊपरी हिस्से से तनाव कम होता है. इस आसन से मिर्गी के दौरों को कम किया जा सकता है.

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हलासन
इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों को पेट के ऊपर उठाएं. फिर शरीर को कर्व करते हुए पैरों की उंगलियों से जमीन को छुएं. कुछ सेकेंड्स तक ऐसे ही शरीर को होल्ड रखें. इससे चेस्ट और रीढ़ की हड्डी को मजबूती मिलती है. ब्लडप्रेशर भी कंट्रोल में रहता है. अगर मिर्गी के दौरे आते हैं तो ये आसन जरुर करें.

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शवासन
शवासन से मानसिक स्वास्थ्य काफी अच्छा रहता है. इससे नर्वस सिस्टम भी रिलेक्स रहता है. इस आसन को करने के लिए पीठ के बल सीधा लेट जाएं, और शरीर के साथ दिमाग को शांति दें. इस आसन को करते वक्त समय ले सकते हैं. कुछ देर बाद खड़े हो सकते हैं. इससे नींद की समस्या में सुधार होता है. जी मिर्गी से बचने के लिए फायदेमंद है.

Tags: Health, Lifestyle, Yoga

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