50 की उम्र के बाद आहार में शामिल करें ये 6 सुपरफूड्स, दिखेंगे जवान

50 की उम्र के बाद खाएं ये पोषक आहार (pic credit: pexels/Trang Doan)
50 की उम्र के बाद खाएं ये पोषक आहार (pic credit: pexels/Trang Doan)

आहार में जितना प्रोटीन दैनिक रूप से होना चाहिए, उस आवश्यता को पूरा करने के अलावा बुजुर्गों को अपने हर भोजन में 25 से 30 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन को शामिल करना चाहिए.

  • Last Updated: October 26, 2020, 8:38 AM IST
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कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो कि हर उम्र के व्यक्ति के लिए अच्छे हैं लेकिन 50 की उम्र के पार वाले लोगों के लिए खास फायदेमंद साबित हो सकते हैं. ढलती उम्र के साथ कई बीमारियां घेर लेने की आशंका रहती है और इस उम्र में ध्यान न दिया तो सेहत पर भारी पड़ सकता है. बेहतर होगा कि आहार का विशेष ख्याल रखें. यहां ऐसे 7 खाद्य पदार्थों के बारे में बता रहे हैं, जिनका 50 की उम्र के बाद नियमित रूप से सेवन करना चाहिए.

सेब



सेब का सेवन ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल कर मधुमेह के खतरे को कम करता है. इनमें औसतन 5 ग्राम फाइबर होता है, जो कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकता है. सेब में क्वेरसेटिन नाम का एक पदार्थ भी होता है जो ब्लड प्रेशर कम करने के लिए जाना जाता है. सेव विटामिन सी, पोटेशियम और एंटीऑक्सिडेंट का एक विश्वसनीय स्रोत भी है.
दही

myUpchar से जुड़ीं डॉ. मेधावी अग्रवाल का कहना है कि जब मांसपेशियों के विकास की बात आती है तो इनके लिए प्रोटीन सबसे अच्छा तरीका होता है. कई अध्ययनों में साबित हो चुका है कि आहार में जितना प्रोटीन दैनिक रूप से होना चाहिए, उस आवश्यता को पूरा करने के अलावा बुजुर्गों को अपने हर भोजन में 25 से 30 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन को शामिल करना चाहिए. 50 से अधिक की उम्र की महिलाओं और 70 से अधिक उम्र पुरुषों को अपने कैल्शियम सेवन पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

गाजर

गाजर शरीर के हर हिस्से को लाभ पहुंचा सकती है, विशेषकर आंखें, मुंह, त्वचा और हृदय. इसका सेवन लो ब्लड प्रेशर और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है और रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ावा देता है. साथ ही पाचन में भी सुधार लाता है. गाजर का नियमित सेवन कैंसर और हृदय रोग के जोखिम को कम करता है.

इसमें फाइबर, विटामिन ए, बी 8, सी, ई और के, मिनरल्स जैसे आयरन, पोटेशियम, कॉपर और मैंगनीज और बीटा कैरोटीन सहित कई प्रकार के एंटीऑक्सिडेंट शामिल हैं.

चुकंदर

myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि चुकंदर नियमित रूप से खाने से भरपूर मात्रा में विटामिन ए और सी, फोलिक एसिड, फाइबर और कैल्शियम, पोटेशियम, मैंगनीज और आयरन जैसे मिनरल्स मिलेंगे. यह एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर है जो कैंसर के खतरे को कम कर सकता है. चुकंदर को व्यायाम में सुधार, डेमेंशिया को रोकने और ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए भी कारगर है.

बीन्स

जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है टाइप 2 डायबिटीज और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. अपने रोजाना के आहार में बीन्स को शामिल करना इन जोखिमों को कम करने का असरदार तरीका है. हर दिन केवल तीन चौथाई कप बीन्स या दाल का सेवन खराब कोलेस्ट्रॉल को 5 प्रतिशत तक कम कर देता है. बीन्स ब्लड शुगर के स्तर में भी सुधार करने में मदद करता है.

ओट्स

पुरुषों के 45 की उम्र और महिलाओं के 55 की उम्र पार करने के बाद दिल से जुड़ी बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है. इसलिए कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाले खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करना अच्छा विचार है. एक प्रकार के घुलनशील फाइबर बीटा ग्लूकेन के कारण ओट्स इस मामले में बहुत अच्छा आहार माना जाता है. पाचन के दौरान घुलनशील फाइबर कोलेस्ट्रॉल को सुधारता है और धमनियों के पीछे रहने की बजाए इसे शरीर से बाहर निकलने में मदद करता है. रोजाना कम से कम 3 ग्राम बीटा ग्लूकेन का लक्ष्य रखें, ताकि खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को 5 से 10 प्रतिशत कम किया जा सके. (अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, सेब के फायदे और सेब खाने का सही समय पढ़ें।) (न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं। सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं।)

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।

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