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हर समय रहती हैं आंखें लाल? अपनाएं ये 5 घरेलू उपाय

इनफेक्‍शन से हो सकती हैं आंखें लाल-(Image Canva)

इनफेक्‍शन से हो सकती हैं आंखें लाल-(Image Canva)

Home Remedies For Red Eyes-आंखों में होने वाले इनफेक्‍शन का प्रमुख कारण कंजक्‍टीवाइटिस, ड्राई आई, ब्‍लेफैराइटिस या केरा ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

घरेलू उपचार से पहले डॉक्‍टर्स से सलाह लेना है जरूरी.
सॉल्‍ट वाटर देता है आई इनफेक्‍शन में बड़ी राहत.
टी-बैग्‍स को आंखों के ऊपर रखने से मिलता है आराम.

Home Remedies For Red Eyes-  हर समय आंखों का लाल रहना किसी इनफेक्‍शन की निशानी हो सकता है. आई इनफेक्‍शन अनकम्‍फर्टेबल और पेनफुल होता है. आंखों में होने वाले इनफेक्‍शन का प्रमुख कारण कंजक्‍टीवाइटिस, ड्राई आई, ब्‍लेफैराइटिस या केराटाइटिस हो सकता है. अगर इनफेक्‍शन का उपचार सही ढंग से नहीं किया जाए तो बाद में ये गंभीर बीमारी का रूप ले सकते हैं. मेडिकल ट्रीटमेंट के अलावा आई इनफेक्‍शन से निपटने के लिए कई घरेलू उपचार मौजूद हैं जो आंखों के लालपन से छुटकारा दिला सकते हैं. घरेलू उपचार आई इनफेक्‍शन को खत्‍म करने में मदद कर सकते हैं लेकिन घरेलू उपचार लेने से पहले डॉक्‍टर्स से उचित परामर्श लिया जा सकता है. चलिए जानते हैं घरेलू उपचार के बारे में.

सॉल्‍ट वाटर
हेल्‍थलाइन के मुताबिक आई इनफेक्‍शन के लिए सॉल्‍ट वाटर या सैलाइन सबसे प्रभावी घरेलू उपचार में से एक है. सैलाइन टियरड्रॉप के समान होता है, जो आंखों को प्राकृतिक तरीके से क्‍लीन करता है. सॉल्‍ट में एंटीमाइक्रोबिअल गुण होते हैं और यही वजह है कि सैलाइन आई इनफेक्‍शन का उपचार प्रभावी ढंग से कर सकता है. स्‍टराइल सैलाइन सॉल्‍यूशन को ऑनलाइन या किसी फार्मेसी से आसानी से खरीदा जा सकता है.

टी-बैग्‍स
कोल्‍ड टी बैग्‍स को बंद आंखों के ऊपर रखने से आंखें रिलेक्‍स होती हैं. बहुत से लोगों का मानना है कि आई इनफेक्‍शन के लिए यह एक प्रभावी घरेलू उपचार हो सकता है. कुछ तरह की चाय में एंटी-इंफ्लेमेटरी और सूदिंग प्रॉपर्टीज होती हैं. ग्रीन टी में कैमोमाइल और ब्‍लैक टी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं. टी बैग आंखों की सूजन को कम करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.

वार्म कम्‍प्रेस
अगर आंखों में दर्द, इनफेक्‍शन या खुजली है तब वार्म कम्‍प्रेस बड़ा मददगार हो सकता है. वार्म कम्‍प्रेस आई हेल्‍थ को भी इम्‍प्रूव करता है और इनफेक्‍शन को भी कम करने में अहम भूमिका निभाता है. वार्म कम्‍प्रेस करने के लिए एक साफ कपड़े को गर्म पानी में भिगोकर उसे आंखों के ऊपर रख लें. ध्‍यान रखें कि पानी बहुत अधिक गर्म न हो. इस बात का भी विशेष ध्‍यान रखना चाहिए कि कपड़ा एकदम साफ हो क्‍योंकि गंदे कपड़े से आंखों में जर्म्‍स और ज्‍यादा फैल सकते हैं.

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कोल्‍ड कम्‍प्रेस
वार्म कम्‍प्रेस की तरह ही कोल्‍ड कम्‍प्रेस भी आई इनफेक्‍शन में राहत प्रदान करता है. आंख में चोट लगने और इनफेक्‍शन की वजह से होने वाली स्‍वेलिंग को कोल्‍ड कम्‍प्रेस से कम किया जा सकता है. कोल्‍ड कम्‍प्रेस के लिए एक कपड़े को ठंडे पानी में भिगोकर आंखों के ऊपर रखना चाहिए. एक गीले कपड़े को सील्‍ड प्‍लास्टिक बैग में रखकर कुछ देर फ्रीजर में रखा जा सकता है. बाद में इस कपड़े को आंखों के ऊपर रखकर सिकाई की जा सकती है. आंखों या पलको पर सीधे आइस नहीं लगानी चाहिए क्‍योंकि गंदा पानी आंख के अंदर जा सकता है, जिससे इनफेक्‍शन और बढ़ सकता है.

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क्‍लीन कपड़ों का करें प्रयोग
कंजक्टिवाइजिस जैसे आई इनफेक्‍शन होने पर डेली यूज होने वाली टॉवेल, पिलो कवर, बेडशीट और चादर को रोज धोना चाहिए क्‍योंकि ये चीजें इनफेक्‍टेड आई के संपर्क में आती हैं, और इससे इनफेक्‍शन परिवार के दूसरे सदस्‍यों में भी फैल सकता है. कपड़ों को धोने के लिए गर्म पानी और डिटर्जेंट का उपयोग करना चाहिए जिससे बैक्‍टीरिया पूरी तरह से मर जाएं.

Tags: Eyes, Health, Lifestyle

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