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क्या गंजेपन को इलाज से किया जा सकता है ठीक? यहां जान लीजिए हकीकत

बड़ी संख्या में पुरुष गंजेपन से जूझ रहे हैं. (Image-Canva)

बड़ी संख्या में पुरुष गंजेपन से जूझ रहे हैं. (Image-Canva)

बहुत से लोगों को आज के समय में गंजेपन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है. वैसे तो ऐसी बहुत सी दवाएं हैं जो यह दावा करती ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

ट्रांसफॉर्मिंग ग्रोथ फैक्टर बीटा के जरिए गंजेपन का इलाज हो सकता है.
टीजीएफ बी लेबल को कंट्रोल कर गंजेपन से छुटकारा मिल सकता है.

Baldness Facts: लगभग 80% पुरुषों और 50 फीसदी महिलाओं को जीवन में कभी न कभी गंजेपन की समस्याओं का सामना जरूर करना पड़ता है. अगर सिर पर बाल कम हों तो आत्म विश्वास काफी कम हो जाता है. मेल पैटर्न हेयर लॉस और महिलाओं के हेयर लॉस के लिए एफडीए ने दो तरह की दवाइयों को अप्रूव कर रखा है. अब बहुत से लोग गंजेपन की समस्या को ठीक करने के लिए अच्छे इलाज को ढूंढते हैं लेकिन मिलता नहीं है. तमाम लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या वाकई गंजेपन का इलाज संभव है? इस बारे में कुछ रिसर्च के बारे में जान लेते हैं. इससे आपको हकीकत का अंदाजा हो जाएगा.

क्या कहती हैं रिसर्च?
वेब एमडी के अनुसार यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफोर्निया की नई रिसर्च में पता चला है कि गंजेपन का इलाज केवल एक बात पर निर्भर करता है और वह है ट्रांसफॉर्मिंग ग्रोथ फैक्टर बीटा. जीएफ बी बहुत सारे छोटे प्रोटीन में से एक है, जिसे साइटोकाइन कहा जाता है. यह इम्यून सिस्टम सेल्स और ब्लड सेल्स को कंट्रोल करने में मदद करता है. यह फैक्टर हेयर फॉलिकल सेल्स ग्रो कब होते हैं और मरते कब हैं, यह तय करने में मदद करते हैं. साइंस फिक्शन में इस रिसर्च के अनुसार स्टेम सेल बिहेवियर को समझने में मदद मिली है. इससे गंजेपन के कारण को कंट्रोल किया जा सकता है और घाव भरने में भी यह दवाई काफी काम आ सकती है. आसान भाषा में कहें तो ट्रांसफॉर्मिंग ग्रोथ फैक्टर बीटा के जरिए गंजेपन का इलाज हो सकता है.

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टीजीएफ़ बी की पावर इसकी इंटेंसिटी पर निर्भर करती है. इस रिसर्च में केमिकल मैकेनिज्म को थ्रेशॉल्ड की तरह वर्णित किया गया. बहुत ज्यादा केमिकल की वजह से सेल्स मर जाती हैं और इसी कारण बाल झड़ना शुरू हो जाते हैं. अगर इस समय इस दवाई के कम डोज दिए जाएं तो सेल्स बढ़ सकती है और एक दूसरे में बंट सकती हैं.



टीजीएफ बी लेवल को कंट्रोल करने में सक्षम हो पाना और जिस तरह केमिकल जीन्स के साथ संपर्क मे आते हैं, उससे वैज्ञानिकों ने हेयर ग्रोथ को स्टिमुलेट करने के तरीके को समझ लिया है. इस प्रक्रिया में हेयर फॉलिकल का री जेनरेट होना भी काफी आवश्यक है तब ही बालों की सेल्स को ग्रो होने में मदद मिलेगी. टीजीएफ बी लेबल को कंट्रोल कर गंजेपन से छुटकारा मिल सकता है.

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Tags: Health, Lifestyle

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