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Sign of Asthma: ब्लू लिप्स हो सकते हैं अस्थमा अटैक का संकेत, जानें इसे रोकने के उपाय

अस्थमा को कंट्रोल किया जा सकता है-(Image Canva)

अस्थमा को कंट्रोल किया जा सकता है-(Image Canva)

How To Prevent Asthma: अस्थमा किसी भी उम्र के पुरुष, महिला और बच्‍चे को हो सकता है लेकिन ये 13 से कम उम्र के बच्‍चों मे ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

ब्‍लू लिप्‍स दे सकते हैं अस्‍थमा अटैक का संकेत.
अस्‍थमा को कंट्रोल करने के लिए करें योग और एक्‍सरसाइज.
अस्‍थमा के दौरान हो सकती है सांस लेने में दिक्‍कत.

How To Prevent Asthma- अस्‍थमा एक सामान्‍य बीमारी है जो लंग्‍स में जाने वाले एयरवेज में सूजन के कारण होती है. अस्‍थमा के दौरान सांस लेने में मुश्किल आती है जिस वजह से किसी भी काम को करना चुनौतीभरा हो जाता है. अस्थमा किसी भी उम्र के पुरुष, महिला और बच्‍चे को हो सकता है लेकिन ये 13 से कम उम्र के बच्‍चों में अधिक देखा जाता है. इस स्थिति में खांसी और सीने में जकड़न की समस्‍या होती है. अस्‍थमा बिगड़ जाने पर कई बार इन्‍हेलर पंप का भी सहारा लेना पड़ जाता है. हर व्‍यक्ति में इसके अलग-अलग लक्षण देखे जा सकते हैं. किसी को सांस लेने में परेशानी आती है तो किसी को छाती में जकड़न महसूस होती है.

कई बार व्‍यक्ति के शरीर में प्रॉपर ऑक्सिजन न जाने की वजह से अस्‍थमा का अटैक आ जाता है जिस वजह से ब्‍लू लिप्‍स भी दिखाई दे सकते हैं. अस्‍थमा के अटैक के संकेतों को पहचानना बेहद आसान है. संकेतों के माध्‍यम से इसे प्रिवेंट किया जा सकता है.

ट्रिगर होने से बचें
अस्‍थमा के प्रिवेंशन के लिए जरूरी है कि ऐसी जगहों पर जाने से बचें जहां केमिकल और खुशबू अधिक हो. हेल्‍थलाइन के अनुसार अस्‍थमा हमेशा केमिकल या अधिक खुशबू की वजह से ट्रिगर कर सकता है. इससे सांस लेने में कठिनाई आ सकती है.

एलर्जी के संपर्क में न आएं
अस्‍थमा एक तरह की एलर्जिक डिजीज है जो धूल, मिट्टी या गंदगी की वजह से हो सकती है. जिन लोगों को अस्‍थमा की समस्‍या है उन्‍हें धूल और धुएं से दूर रहना चाहिए. कई लोगों को परफ्यूम और खुशबू से भी एलर्जी होती है. अस्‍थमा के अटैक से बचने के लिए मास्‍क का प्रयोग किया जा सकता है.

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एलर्जी शॉट्स लेना
अस्‍थमा को प्रिवेंट करने के लिए एलर्जेन इम्‍यूनोथेरेपी का उपयोग किया जा सकता है.एलर्जेन इम्‍यूपोथेरेपी एक प्रकार का ट्रीटमेंट है जो शरीर की इम्‍यून सिस्‍टम को बदलने में मदद कर सकता है. शॉट्स लेने के बाद शरीर किसी भी ट्रिगर को सहन करने की क्षमता बढ़ जाती है.

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प्रॉपर मेडिसन लेना
अस्‍थमा में वैसे तो डेजी बेसिस पर मेडिसिन का प्रयोग कम किया जाता है लेकिन यदि डॉक्‍टर मेडिसिन लेने की सलाह दें तो उसे मानना चाहिए. इसके साथ ही इमरजेंसी मेडिसिन हमेशा पास में रखनी चाहिए जिससे वक्‍त रहते प्रॉपर मेडिसिन ली जा सके. मेडिसिन के अलावा योग और एक्‍सरसाइज का भी सहारा लिया जा सकता है.

Tags: Health, Health problems, Lifestyle

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