होम /न्यूज /जीवन शैली /कार्डियक अरेस्ट की कंडीशन में CPR से कैसे बचाई जा सकती है जान? यहां जानें ज़रूरी बातें

कार्डियक अरेस्ट की कंडीशन में CPR से कैसे बचाई जा सकती है जान? यहां जानें ज़रूरी बातें

कार्डियक अरेस्ट की कंडीशन में सीपीआर बेहद ज़रूरी होता है.

कार्डियक अरेस्ट की कंडीशन में सीपीआर बेहद ज़रूरी होता है.

कार्डियक अरेस्ट की कंडीशन में व्यक्ति को तुरंत कोई मदद न मिले, तो उसकी मौत हो सकती है. ऐसी परिस्थिति में सीपीआर (CPR) द ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

कार्डियक अरेस्ट अचानक होता है, ऐसे में सीपीआर देकर जान बचाई जा सकती है.
सीपीआर के लिए कार्डियक अरेस्ट के बाद शुरुआत 6 मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं.

How CPR Save Life: क्या आपने कभी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) के बारे में सुना है? आमतौर पर इसे सीपीआर या लाइफ सेविंग टेक्निक कहा जाता है. जब किसी व्यक्ति को हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट (SCA) हो जाए, तो उस कंडीशन में सीपीआर के जरिए व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है. सुनकर चौंक रहे होंगे, लेकिन यह बात बिलकुल सही है. दरअसल, कार्डियक अरेस्ट की कंडीशन में अगर व्यक्ति को तुरंत मेडिकल असिस्टेंस या सीपीआर न मिले, तो उसकी मौत हो सकती है. कई सेलिब्रिटीज की मौत कार्डियक अरेस्ट की वजह से हो चुकी है. आज कार्डियोलॉजिस्ट से जानेंगे कि सीपीआर क्या है और इससे किस तरह जान बचाई जा सकती है.

यह भी पढ़ेंः डायबिटीज के रोगियों को सप्ताह में केवल 3 दिन करनी चाहिए जिम?

एक्सपर्ट से जानें CPR की ज़रूरी बातें

नई दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल की कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वनीता अरोरा के मुताबिक, सडन कार्डियक अरेस्ट (SCA) की कंडीशन में कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) के जरिए व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है. कार्डियक अरेस्ट के बाद शुरुआती 6 मिनट बेहद जरूरी होते हैं और इतनी जल्दी मेडिकल असिस्टेंस मिलना मुश्किल होता है. ऐसी कंडीशन में कार्डियक अरेस्ट वाले व्यक्ति को तुरंत सीपीआर देने की जरूरत होती है. सीपीआर तब तक देना चाहिए, जब तक एंबुलेंस या मेडिकल हेल्प न मिल जाए. इसे लाइफ सेविंग टेक्निक भी कहा जाता है. कार्डियक अरेस्ट के दौरान व्यक्ति बेहोश होकर गिर जाता है. इस कंडीशन में तुरंत आप इस टेक्निक का यूज कर सकते हैं.

क्या है CPR का सही तरीका?

डॉ. वनीता अरोरा के मुताबिक, सीपीआर के लिए सबसे पहले आप बेहोश शख्स को सीधा लिटा लें. इसके बाद आप उसकी छाती (Chest) के बीचों बीच दोनों हाथों को रखें और करीब 1 मिनट में 100 बार कंप्रेस करें. इसके साथ ही आसपास मौजूद लोगों से एंबुलेंस को बुलाने के लिए कहें. आप तब तक सीपीआर देते रहें, जब तक एंबुलेंस ना आ जाए या व्यक्ति को नजदीकी अस्पताल तक ना पहुंचा दिया जाए. ऐसा करने से आप व्यक्ति की जान बचा सकते हैं. कई बार ऐसा करने से व्यक्ति होश में आ जाता है. डॉक्टर के मुताबिक 14 साल से अधिक उम्र के लोगों को सीपीआर टेक्निक के बारे में जरूर जान लेना चाहिए. सीपीआर के बारे में लोगों को जागरूक करने में रिवाइव हार्ट फाउंडेशन अहम भूमिका निभाता है. कई हॉस्पिटल्स भी यह सिखाने के लिए 25 सितंबर से 2 अक्टूबर 2022 तक एससीए अवेयरनेस एंड सीपीआर ट्रेनिंग वीक का आयोजन करेंगे.

Tags: Health, Heart Disease, Lifestyle, Trending news

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें