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सर्दियों में हेल्थ के लिए फायदेमंद है ये 20:30:40 का फार्मूला

सर्दियों में हेल्थ के लिए फायदेमंद है ये 20:30:40 का फार्मूला

अगर हम खाने में प्रोटीन ज्यादा लेंगे तो इसके हमें दो फायदे होंगे, एक तो हमारा पेट लंबे समय तक भरा रहेगा और दूसरा इससे हमारा वजन भी नहीं बढ़ेगा.

अगर हम खाने में प्रोटीन ज्यादा लेंगे तो इसके हमें दो फायदे होंगे, एक तो हमारा पेट लंबे समय तक भरा रहेगा और दूसरा इससे हमारा वजन भी नहीं बढ़ेगा.

Health care in Winters : अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के अनुसार ज्यादा ठंड के दौरान ब्लड गाढ़ा और चिपचिपा हो जाता है, जिससे इसका थक्का आसानी से बनने लगता है. ज्यादा स्ट्रोक थक्का बनने के कारण ही होते हैं. ये थक्का ब्रेन की ब्लड वेसल के रास्ते भी बाधित करता है. न्यूट्रीशनिस्ट दिव्या गांधी (Divya Gandhi ) ने न्यूज 18 को बताया कि सर्दियों में सेहत का ख्याल रखने के लिए क्या करें. उन्होंने सर्दियों में सेहत को ठीक रखने का 20:30:40 फॉर्मूला बताया है.

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    Health care in Winter : आजकल के लाइफस्टाइल में अनियमित खानपान और एक्सरसाइज ना करने की वजह से शरीर में आलस और मोटापा आ जाता है. मोटापा अपने आप में कई रोगों का घर है. इसकी वजह से डायबिटीज, हाई बीपी और हार्ट से संबंधित बीमारियां घर कर जाती है. ठंडे मौसम में ऐसे लोगों को ज्यादा ध्यान से रहने की जरूरत होती है. क्योंकि ठंड के मौसम में दिल पर दबाव बढ़ता है. ब्लड वेसल सिकुड़ जाती है, जिससे ब्लड फ्लो कमजोर होता है. इससे बीपी बढ़ने, स्ट्रोक व हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. यूरोपियन जर्नल ऑफ एपिडिमियोलॉजी (European Journal of Epidemiology) के अनुसार, जो लोग मोटे हैं, स्मोकिंग करते हैं या फिर उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है. तो उनमें ब्रेन स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा 30 प्रतिशत अधिक होता है.

    अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (AHA) के अनुसार ज्यादा ठंड के दौरान ब्लड गाढ़ा और चिपचिपा हो जाता है, जिससे इसका थक्का आसानी से बनने लगता है. ज्यादा स्ट्रोक थक्का बनने के कारण ही होते हैं. ये थक्का ब्रेन की ब्लड वेसल के रास्ते भी बाधित करता है.  न्यूट्रीशनिस्ट दिव्या गांधी (Divya Gandhi ) ने न्यूज 18 को बताया कि सर्दियों में सेहत का ख्याल रखने के लिए क्या करें. उन्होंने सर्दियों में सेहत को ठीक रखने का 20:30:40 फॉर्मूला बताया है.

    20 मिनट की धूप
    बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने के लिए हमारा इम्यून सिस्टम एंटीबॉडी बनाता है. धूप से शरीर ये एंटीबॉडी ज्यादा बनाने लगता है. न्यूट्रीशनिस्ट दिव्या गांधी के अनुसार, ‘धूप से हमें ताकत मिलती है. और जब हमें ताकत मिलती है, तो हम वायरस से फाइट करने में सक्षम हो जाते हैं. हमारे देश में लोगों में विटामिन-डी की कमी बहुत ज्यादा है, जिसके चलते उन्हें हड्डियों की तकलीफ रहती है. इसलिए रोजाना 20 मिनट से लेकर 1 घंटे तक धूप लेना बहुत जरूरी है. जब हम धूप में बैठते हैं, तो हमारे स्वैट सेल्स एक्टिव हो जाएंगे. जिससे हमारी बॉडी से टॉक्सिंस रिलीज होना शुरू हो जाते हैं. जब टॉक्सिंस रिलीज होते हैं तो हमारी हेल्थ ओवरऑल ही बेहतर हो जाती है. जिसमें हाई बीपी के मरीजों को भी लाभ होता है. धूप में बैठने से ब्रेन के काम करने की क्षमता भी बढ़ती है, हममें एक्टिवनेस हो जाती है. धूप हमारे शरीर के लिए ईंधन का काम करती है. ‘

    डाइट में 30 प्रतिशत प्रोटीन
    सर्दियों में धूप कम लगती है, जिसकी वजह से भूख ज्यादा लगती है. और प्रोटीन भूख बढ़ाने वाले हार्मोन घ्रेलिन (ghrelin hormone) को कम करता है. न्यूट्रीशनिस्ट दिव्या गांधी के अनुसार, अगर हम खाने में प्रोटीन ज्यादा लेंगे तो इसके हमें दो फायदे होंगे, एक तो हमारा पेट लंबे समय तक भरा रहेगा और दूसरा इससे हमारा वजन भी नहीं बढ़ेगा.

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    दिव्या गांधी ने आगे बताया कि प्रोटीन डाइजेस्ट होने में सामान्य तौर पर 4 घंटे लेता है. जो जब हम खाने में प्रोटीन की मात्रा बढ़ा देते हैं, तो हमें भूख देर से लगती है. लेकिन अगर इसकी जगह डाइट में फैट लेते हैं, तो बहुत जल्दी आपको फिर से भूख लगने लगेगी. लेकिन अगर आप एक बाउल स्प्राउट्स, एग या चिकन खा लेते हैं, तो लंबे समय तक आपका पेट भरा रहेगा. यही नहीं, प्रोटीन होने की वजह से आपको मसल गेन भी होगा और फैट भी नहीं जमेगा. इससे हमारा बॉडी कॉम्पोजिशन बेहतर हो जाएगा.

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    न्यूट्रीशनिस्ट दिव्या गांधी कहती हैं कि अगर किसी को कोई मेडिकल इशू नहीं है, तो कम से कम 30 प्रतिशत प्रोटीन डाइट में रखना चाहिए. 50 से 60 प्रतिशत कार्बोहाईड्रेट और 10 प्रतिशत फैट भी होना चाहिए.

    40 मिनट की एक्सरसाइज
    एक स्टडी के मुताबिक सर्दियों में रोजाना 40 मिनट की एक्सरसाइज हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक के रिस्क को 27 प्रतिशत तक कम करती है. न्यूट्रीशनिस्ट दिव्या गांधी का कहा है कि स्ट्रोक या हाई बीपी जैसी समस्याएं हमारे शरीर में ब्लड फ्लो से संबंधित हैं. तो जब भी हम वर्कआउट करते हैं, तो हमारा ब्लड सर्कुलेशन बेहतर हो जाता है. लेकिन जिनको हार्ट प्रॉब्लम है या जिनको ब्लड प्रेशर है, उन्हें वजन उठाने वाली एक्सरसाइज यानी वेट ट्रेनिंग नहीं करनी चाहिए. उन्हें हल्की रनिंग, कार्डियो और साइक्लिंग करने जैसी एक्सरसाइज करनी चाहिए. ये बीपी से फाइट करने में, हार्ट से जुड़ी बीमारियों से फाइट करने में, ब्रेन को एक्टिव रखने में हेल्प करती हैं और इससे किसी भी तरह के स्ट्रोक का रिस्क भी कम हो जाता है.

    Tags: Health, Health News, Nutrition

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